।। अपशिंगे का रक्षक: श्री भैरवनाथ जत्रौत्सव ।।-🚩 🛕 🔱 🥁 🇮🇳 🛡️ 🎡 👋👋 ❤️

Started by Atul Kaviraje, March 30, 2026, 11:35:27 AM

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Atul Kaviraje

श्री भैरवनाथ यात्रा-अपशिंगे, तालुका-जिल्हा-सातारा-

।। अपशिंगे का रक्षक: श्री भैरवनाथ जत्रौत्सव ।।

दिनांक: ०२.०२.२०२६ - सोमवार

पद १: यात्रा का मंगल उत्सव माघ मास का पावन सोमवार, अपशिंगे नगरी सजी आज, भैरवनाथ की यात्रा का, चढ़ा है ये अनोखा साज। सातारा जिले का ये भूषण, शूरवीरों का ये गाँव महान, भक्ति और शक्ति का यहाँ, गूँज रहा है दिव्य गान। ( अर्थ: माघ महीने के इस सोमवार को सातारा जिले के अपशिंगे गाँव में भैरवनाथ की यात्रा का भारी उत्साह है। ) 🚩 ✨ 🛕 🙏 🏠

पद २: भैरवनाथ का दिव्य रूप हाथ त्रिशूल और डमरू साजे, भैरवनाथ का उग्र ठाठ, भक्तों की रक्षा के हेतु, सदा खुला है सुख का घाट। पीला गुलाल उड़ा चहुँओर, सिंदूरी आभा मुखमंडल पर, तुम्हारे नाम से पावन हुई, अपशिंगे की ये पावन धर। ( अर्थ: त्रिशूल और डमरू धारी भैरवनाथ के दर्शन से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और सिंदूरी रूप मन मोह लेता है। ) 🔱 🔴 🟡 🛡� 😍

पद ३: पालकी और छबिना उत्सव बजते-गाजते निकली पालकी, ढोल-ताशों की है ये गूँज, भक्तों की इस गर्जना पर, देव करें आशीषों की पूँज। 'भैरवनाथ के नाम का जयकार', गूँज रहा है ये आसमान, भक्ति के इस प्रवाह में, मिला खुशियों का दिव्य दान। ( अर्थ: ढोल-ताशों के साथ और 'चांगभलं' के जयघोष में देव की पालकी निकलती है, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो जाता है। ) 🥁 🔴 🎊 🚶�♂️ 🙌

पद ४: शूरवीरों की ये पावन भूमि मिलिटरी अपशिंगे नाम जिसका, देश के लिए जिनका बलिदान, भैरवनाथ का आशीष जिन्हें, जो रखते हैं गाँव का मान। घर-घर से यहाँ सैनिक निकले, सीमा पर जो करते रक्षा, देव की ही कृपा से यहाँ, होती है जीवन की समीक्षा। ( अर्थ: अपशिंगे सैनिकों का गाँव है; यहाँ के वीर जवानों पर भैरवनाथ का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है। ) 🇮🇳 🎖� ⚔️ 🛡� 🚩

पद ५: नैवेद्य और पुकार पूरनपोली और मीठा भोग, चढ़ाया तेरे चरणों में आज, सुख-समृद्धि मिले गाँव को, यही प्रार्थना है देवराज। वर्षा और फसल खूब हो, मन्नत माँगी हमने दिल से, भक्तों के कल्याण के हेतु, खड़े हो तुम प्यार के तिल से। ( अर्थ: भगवान को भोग लगाकर गाँव की खुशहाली और खेती की उन्नति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है। ) 🍽� 🍯 🌾 🌦� 😇

पद ६: मेले का भारी उत्साह झूले, मिठाई और खिलौने, बच्चों का ये शोर बड़ा, मेले के इस बाजार में, खुशियों का है महल खड़ा। रिश्तेदार और मेहमान आए, चारों ओर है अब बहार, अपशिंगे की इस यात्रा की, गूँज रही है मधुर पुकार। ( अर्थ: मेले के झूले, खिलौने और मेहमानों के जमावड़े से गाँव में उत्सव का सुखद माहौल है। ) 🎡 🍬 🧸 👨�👩�👧�👦 🍭

पद ७: विदाई और वंदन संध्या की उस आरती से, भर उठा है ये अंतर्मन, तेरा ही साथ रहे मैया, हमें सदा ही जीवन भर। अगले बरस फिर आएँगे, इसी श्रद्धा से तेरे पास, भैरवनाथ की ये जत्रा, मन में बसी है बनके खास। ( अर्थ: आरती के बाद भक्त कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विदा लेते हैं और अगले वर्ष पुनः आने का संकल्प करते हैं। ) 👋 ❤️ 🚩 💮 🕯�

शब्द सारांश (Word Summary - Hindi)
भैरवनाथ, अपशिंगे, सातारा, यात्रा, मिलिटरी, पालकी, गुलाल, शूरवीर, भक्ति, सोमवार।

चिन्ह सारांश (Emoji Summary - Hindi)
🚩 🛕 🔱 🥁 🇮🇳 🛡� 🎡 👋

--अतुल परब
--दिनांक-02.02.2026-सोमवार.
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