।। संकष्ट चतुर्थी : विघ्नहर्ता द्विजप्रिय ।।🌙 ✨ 🕉️ 🔔 🙏 🔥 📿 🧘 🥣 🛡️ 🌿 🌺

Started by Atul Kaviraje, April 02, 2026, 12:21:48 PM

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Atul Kaviraje

संकष्टी चतुर्थी (गणेश याग): आज माघ महीने की संकष्टी चतुर्थी है। माना जाता है कि इस दिन गणेश जी की पूजा करने से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
संकष्टी चतुर्थी (संकष्टी चतुर्थी) 🌙
• गणेश जी का व्रत और पूजा — शुभ फल पाने के लिए, भक्त गणेश जी की इच्छा और चांद देखकर व्रत पूरा करते हैं।
• चांद देखना व्रत का मुख्य हिस्सा माना जाता है — व्रत खोलते समय चांद देखना ज़रूरी है।
संकष्टी चतुर्थी पारंपरिक रूप से भगवान गणेश की पूजा, पूजा, मोदक/दूर्वा चढ़ाकर और व्रत रखकर मनाई जाती है, जिसे चांद निकलने के बाद तोड़ा जाता है।
इस दिन का पंचांग तिथि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को दिखाता है, जो गणपति पूजा के लिए एक शुभ समय है।
संकष्टी चतुर्थी (संकष्टी चतुर्थी): यह माघ महीने की संकष्टी चतुर्थी है। भगवान गणेश के भक्त आज पूरे दिन व्रत रखेंगे और रात में चांद निकलने के बाद व्रत खोलेंगे।
चूंकि चतुर्थी आज दोपहर 2:42 बजे के बाद है, इसलिए संकष्टी व्रत आज ही रखा जाएगा। रात में चांद देखने के बाद बप्पा को भोग लगाकर व्रत खोलना चाहिए।
🕉� संकष्टी चतुर्थी
आज संकष्टी चतुर्थी है — इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत को खास माना जाता है।
संकष्टी व्रत में लोग बप्पा को मोदक, दूर्वा, जसवंदा के फूल चढ़ाते हैं और चांद निकलने (चांद दर्शन) के बाद व्रत खोलते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि इससे परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी गणेश भक्तों के लिए बहुत ही शुभ व्रत माना जाता है — इस दिन गणेश की पूजा करने से परेशानियां दूर होती हैं।
चांद देखने के बाद व्रत खोलना चाहिए, नहीं तो व्रत के फल में कमी आ सकती है।

।। संकष्ट चतुर्थी : विघ्नहर्ता द्विजप्रिय ।।

१. पद (Stanza 1) माघ कृष्ण चतुर्थी की मंगल घड़ी आई, भक्ति और श्रद्धा की सुंदर लहर है छाई। दो बजकर बयालीस पर तिथि का है प्रारंभ, बाप्पा की पूजा से होता सुखों का शुभारंभ।

अर्थ: माघ चतुर्थी का पावन समय आ गया है और आज दोपहर २:४२ से चतुर्थी तिथि लग रही है। इस समय गणेश पूजन करने से जीवन में सुखों का संचार होता है। 🌙 ✨ 🕉� 🔔 🙏

२. पद (Stanza 2) गणेश याग और अभिषेक बाप्पा को हैं प्यारे, संकटों को दूर करते 'द्विजप्रिय' हमारे। दिनभर उपवास रख ध्यान तुम्हारा धरें, नाम सुमिरन से हम भवसागर को तरें।

अर्थ: गणेश जी को अभिषेक और याग बहुत प्रिय हैं। आज की 'द्विजप्रिय' संकष्टी पर व्रत और ध्यान करने से सभी विपत्तियों का अंत होता है। 🔥 📿 🧘 🥣 🛡�

३. पद (Stanza 3) इक्कीस दुर्वा की जोड़ी और गुड़हल का फूल, भक्ति तुम्हारी करने में हो न कोई भूल। मोदक का नैवेद्य हम भाव से चढ़ाते, बाप्पा तुम्हारे नाम का हम जयकारा लगाते।

अर्थ: बप्पा को २१ दुर्वा और लाल गुड़हल चढ़ाकर पूजा की जाती है। उन्हें प्रिय मोदक का भोग लगाकर भक्त उनका नाम जपते हैं। 🌿 🌺 🥟 📢 🔱

४. पद (Stanza 4) चंद्र दर्शन का महत्व संकष्टी में है बड़ा, दर्शन को तुम्हारे भक्त राह में खड़ा। अर्घ्य देकर चंद्र को व्रत पूर्ण करना, विघ्नहर्ता के चरणों में शीश अपना धरना।

अर्थ: संकष्टी व्रत में चंद्र दर्शन अनिवार्य है। रात को चंद्रमा को जल (अर्घ्य) अर्पित कर व्रत खोलने से ही पूजन सफल माना जाता है। 🌕 🌊 💧 🙇�♂️ 🌟

५. पद (Stanza 5) विनायक ही हैं सबके पालनहार सहायक, दुःख भरी इस दुनिया के तुम ही हो नायक। संकष्ट चतुर्थी ये संकटों को हर लेती, जैसे माँ अपने बच्चों को सहारा है देती।

अर्थ: विनायक ही इस संसार के रक्षक हैं। संकष्टी का यह व्रत दुखों को उसी प्रकार हर लेता है जैसे एक माँ अपने बच्चों की रक्षा करती है। 🤝 ❤️ 🐘 🤱 🌈

६. पद (Stanza 6) मनोकामना पूर्ण करते बुद्धि के तुम दाता, जीवन के इस मार्ग में तुम ही भाग्य विधाता। द्विजप्रिय रूप में तुम विघ्न सारे मिटाते, भक्तों के हृदय में तुम अपना वास बनाते।

अर्थ: बाप्पा बुद्धि और सफलता प्रदान करने वाले देवता हैं। उनका 'द्विजप्रिय' स्वरूप हर बाधा को नष्ट कर भक्तों के मन में शांति का वास कराता है। 🧠 📚 🛡� 💎 ❤️

७. पद (Stanza 7) अथर्वशीर्ष गाकर देते तुम्हें हम साद, दूर करो देवा मन के सारे विवाद। अगली भी संकष्टी की रहेगी हमें आस, तुम्हारी कृपा से बप्पा जीवन है खास।

अर्थ: हम अथर्वशीर्ष के पाठ से आपको पुकारते हैं, हमारे मन के संशय दूर करें। हमें सदैव आपकी कृपा और अगली चतुर्थी की प्रतीक्षा रहेगी। 📖 📢 🕊� 🏠 🎐

EMOJI SUMMARY (HINDI)
🌙 ✨ 🕉� 🔔 🙏 🔥 📿 🧘 🥣 🛡� 🌿 🌺 🥟 📢 🔱 🌕 🌊 💧 🙇�♂️ 🌟 🤝 ❤️ 🐘 🤱 🌈 🧠 📚 🛡� 💎 ❤️ 📖 📢 🕊� 🏠 🎐

WORD SUMMARY (HINDI)
संकष्टी • द्विजप्रिय • चंद्रोदय • उपवास • मोदक • दुर्वा • अभिषेक • माघ चतुर्थी • विघ्नहर्ता • श्रद्धा • समाधान • गणेश याग।

--अतुल परब
--दिनांक-05.02.2026-गुरुवार.
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