🌸 भक्ति कविता: जोतिबा का रथ उत्सव 🌸✨ 👣 🤝 🚩🛡️ 🏠 🔑 🙏

Started by Atul Kaviraje, April 20, 2026, 07:35:06 PM

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Atul Kaviraje

🚩 श्री जोतिबा रथोत्सव - चितली (हिंदी अनुवाद) 🚩

२० अप्रैल २०२६, सोमवार को खटाव तालुका के चितली गाँव में भगवान जोतिबा का भव्य रथोत्सव आयोजित किया गया है। यह उत्सव 'दख्खन के राजा' के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। रसोत्सव के दौरान पूरे गाँव में गुलाल की वर्षा की जाती है और 'जोतिबा के नावानं चांगभलं' के नारों से वातावरण गूंज उठता है। यह पर्व सामाजिक एकता और भक्ति का संगम है।

🌸 भक्ति  कविता: जोतिबा का रथ उत्सव 🌸

कड़वा 1
चितली के जंगल में, भक्ति की ये बाढ़ आई,
जोतिबा को देखते ही, सारी कड़वाहट धुल गई।
गुलाब खिले, आसमान गुलाबी हो गया,
भक्तों के होठों पर, नाम में 'अच्छाई' की चाबी।
इमोजी समरी: 🚩 🎨 🏞� 🙌

कड़वा 2
सोमवार का ये समय, ये खास समय है,
रथ में राजा बैठे हैं, भक्तों की सांसें।
ढोल-नगाड़ों की आवाज़, और तुरही की आवाज़,
चितली शहर में भक्ति की आवाज़ गूंजती है।
इमोजी समरी: 🥁 🎺 🏛� ✨

कड़वा 3
हम सीढ़ियों पर सिर रखते हैं,
जोतिबा की कृपा से, हम बहुत दूर होंगे।
यह रथ फूलों की मालाओं से सजा है,
गांव तृप्त हैं, भगवान के दर्शन से।
इमोजी समरी: 🙇�♂️ 🌸 🎡 💧

कड़वा 4
इस यात्रा के बारे में बताते हुए, विश्वास की शक्ति से,
मेरे भगवान रथ के बेस पर बैठ गए।
राजा, सभी बच्चों की रक्षा करें,
आज दरवाज़ा खुला है, मुक्ति के घर का।
इमोजी समरी: 🛡� 🏠 🔑 🙏

कड़वा 5
चितली का भाग्य महान हो, ज्योतिबा यहीं रहते हैं,
भक्तों की परेशानियों में, वह उनकी पीठ पर मुस्कुराते हैं। अगले साल, चलो फिर से इसी धारा के साथ आते हैं,
चलो पूरे दिल से 'चंगभालम' का नारा गाते हैं।
इमोजी समरी: ✨ 👣 🤝 🚩

--अतुल परब
--दिनांक-20.04.2026-सोमवार.
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