।। दुर्गा शक्ति आवाहन: ध्यान का महामंत्र II-🦁 🔱 ⚔️ 🔥 🧘‍♂️ ⚡ 🏹 🚩 🙏 ✨

Started by Atul Kaviraje, April 26, 2026, 11:26:23 AM

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Atul Kaviraje

दुर्गा माता की शक्ति पाने के लिए ध्यान-
(दुर्गा माता की शक्ति प्राप्त करने के लिए ध्यान)
(Meditation for Attaining Durga Mata's Power)
'Meditation to harness the power' of Goddess Durga –

।। दुर्गा शक्ति आवाहन: ध्यान का महामंत्र II

पद १:
सिंह पर सवार होकर, आती माता भवानी,
शक्ति की तू महासागर, विश्व की तू जननी।
नेत्र मूँद कर भीतर तेरे, रूप का मैं ध्यान धरता हूँ,
तेरी तेज-लहरों से, स्वयं को पूर्ण मैं भरता हूँ।
🦁 🔥 👁� 🔱 🚩

पद २:
अष्टभुजाओं में शस्त्र तेरे, दुष्टों का संहार करें,
मेरे मन के डर को माता, तू पल में भस्म करे।
तेरी सांसों की दहकती, ऊर्जा मुझमें आने दे,
धैर्य का यह नया आभूषण, मेरे तन पर सजाने दे।
⚔️ ⚡ 🛡� 🏹 👺

पद ३:
हृदयस्थ इस चक्र में माँ, दुर्गा रूप में तू प्रकटे,
अज्ञान का गहरा कोहरा, तेरे प्रकाश से हटे।
भय, क्रोध और चिंता का, होम हो जाए ध्यान में,
अचल रहे विश्वास मेरा, तेरे ही अनुसंधान में।
❤️ 🧘�♂️ ☸️ 🕯� ✨

पद ४:
मस्तक पर तेरे तेज का, सदा ही तिलक रहे,
अन्याय से लड़ने का माँ, मुझमें सदा ही बल रहे।
मैं केवल यह देह नहीं, तेरा ही अंश हूँ मैं,
तेरी शक्ति स्वीकारने को, अब आतुर हूँ मैं।
🚩 🔱 💎 💪 🕉�

पद ५:
शांत बैठकर सांसों पर, तेरा नाम मैं सुमिरता हूँ,
अथक शक्ति का प्रवाह तेरा, स्वयं में मैं उतारता हूँ।
मेरुदंड के मार्ग से, कुंडलिनी जागृत हो जाए,
तेरी दैवीय लहरों में, मेरा मन पूरी तरह नहाए।
🧘�♀️ 🌀 🌊 🔆 🧘

पद ६:
संकटों के तूफ़ान में भी, मैं हिमालय बनकर खड़ा रहूँ,
तेरी शक्ति के बल पर माँ, हर युद्ध मैं लड़ूँ।
माता तेरा वरदहस्त, मेरे सिर पर सदा रहे,
तेरे ध्यान का अमृत अनुभव, मुझमें सदा बहे।
🏔� 🏆 ✋ 🚩 🌊

पद ७:
शक्ति, युक्ति और शांति की, तू ही है त्रिवेणी,
तेरी ही कृपा से सफल हो, मेरे जीवन की करणी।
जय माता दी, जय दुर्गे, यही गूँजे हर श्वास,
तेरी शक्ति की साधना का, यही है हमारा प्रवास।
💐 🔔 🦁 🚩 🙏

💠 शब्द सारांश (Hindi):
आवाहन, अष्टभुजा, ऊर्जा, कुंडलिनी, धैर्य, वरदहस्त, मेरुदंड, दिव्य-प्रकाश, संहार, विजय, साधना.

💠 ईमोजी सारांश (Hindi):
🦁 🔱 ⚔️ 🔥 🧘�♂️ ⚡ 🏹 🚩 🙏 ✨

--अतुल परब
--दिनांक-24.04.2026-शुक्रवार.
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