।। काली माता: अंधकार पर विजय ।।-🌑 ⚔️ 💀 🩸 🌪️ 🔱 🚩 🕯️ 🎆 🙏

Started by Atul Kaviraje, April 26, 2026, 11:27:04 AM

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Atul Kaviraje

काली माता की अंधकार पर विजय-
(अंधकार पर काली माता की विजय)
(Kali Mata's Victory over Darkness)

।। काली माता: अंधकार पर विजय ।।

पद १:
भीषण गर्जना, खड्ग चमकता, काली माता आई,
अंधकार के साम्राज्य की, अब शामत है आई।
बिखरे हुए ये केश तेरे, जैसे रात का विस्तार,
अज्ञान के काले साये का, तू ही करती संहार।
🌑 ⚔️ ⚡ 🚩 🔥

पद २:
मुंडमाल गले, रक्तांबर धारी, रूप तेरा रौद्र,
काल की भी तू काल है माता, तू ही संहारक-रौद्र।
अहंकार के अट्टहास को, चरणों तले कुचलती,
सत्य की इस चंडिका को, दुनिया आज पूजती।
💀 🩸 🦶 🚩 🔱

पद ३:
पाप बढ़ा, जब धर्म डूबा, तब तूने अवतार लिया,
दैत्यों के उस रक्त से, धरा को तूने तृप्त किया।
अंधेरे के गर्भ से माँ, नया प्रकाश तू लाती है,
विनाश के तांडव से ही, तू सृजन के गीत गाती है।
🌪� 🌌 🔆 🗡� ✨

पद ४:
भय जिसे सताता है, उसे तू ही अभय देती है,
शरण आए भक्त को, ममता से भर लेती है।
मन के इस अंधकार पर, तेरा ही विजय हो,
चेतना की दिव्य ज्योत, मुझमें सदा अक्षय हो।
✋ ❤️ 🕯� 🔆 🚩

पद ५:
जिह्वा पर उस रक्त की, बूँद जब भी लगती है,
सृष्टि के हर अन्याय पर, तेरी ज्वाला दहकती है।
काले युग के युद्ध का, तूने ही अंत किया,
दुष्टता को मिटाने का, महा-मंत्र तूने दिया।
👅 🩸 🏹 🛡� 🎆

पद ६:
श्मशान की वो राख माँ, अंग पर तू लगाती है,
नश्वर है यह सारा जग, यह सीख तू सिखाती है।
मोह के इस अंधियारे को, तू ही माँ तोड़ती है,
मुक्ति के महामार्ग से, तू ही हमें जोड़ती है।
💨 ⚱️ 🔗 🔑 🕊�

पद ७:
विजयी हुई काली माता, विजय हुआ अब सत्य का,
मूर्तिमंत वो अंत हुआ, आज हर एक अन्याय का।
जय महाकाली, जय काली, यही मंत्र अब गूँजेगा,
तेरी विजय का उत्सव माँ, सारा जग ये देखेगा।
💐 🔔 🚩 🎆 🙌

💠 शब्द सारांश (Hindi):
महाकाली, अंधकार-नाश, रौद्र-रूप, अहंकार-मर्दन, कालरात्रि, अभय, नश्वरता, मुक्ति, विजय.

💠 ईमोजी सारांश (Hindi):
🌑 ⚔️ 💀 🩸 🌪� 🔱 🚩 🕯� 🎆 🙏

--अतुल परब
--दिनांक-24.04.2026-शुक्रवार.
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