'कोळे-नरसिंहपुर के नरसिंह: भक्ति का महापर्व'-🌞 🦁 🌊 🛡️ 🚩 🥁 🤼‍♂️ 🍬 🎡 🪔 ✨

Started by Atul Kaviraje, May 01, 2026, 01:30:43 PM

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Atul Kaviraje

30.04.2026=THURSDAY-
NRUSINHA JAYANTI YAATRAA-KOLE-NARASINHPUR, TALUKA-WAALAVAA-

येथे ३० एप्रिल २०२६, गुरुवार रोजी होणाऱ्या सांगली जिल्ह्यातील वाळवा तालुक्यातील कोळे-नरसिंहपूर येथील ऐतिहासिक 'श्री नृसिंह जयंती यात्रा' निमित्त भक्तीने ओतप्रोत दीर्घ मराठी व हिंदी कविता, विश्लेषण आणि विस्तृत माहिती दिली आहे.

'कोळे-नरसिंहपुर के नरसिंह: भक्ति का महापर्व'

१. सांगली की पावन धर्मभूमि
कृष्णा तट पर कोळे सुहाया, नृसिंह का जहाँ भाग्य जगाया,
वाळवा तहसील की है ये शान, जहाँ प्रकट हुए विष्णु भगवान।
नदियों के संगम की ये पावन धरा, भक्ति का जहाँ बहता है झरना,
कोळे-नरसिंहपुर की ये पावन गाथा, चरणों में जिनके झुकाते हैं माथा।
(अर्थ: सांगली के वाळवा में कृष्णा नदी के तट पर यह प्राचीन तीर्थक्षेत्र स्थित है।)
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२. गुरुवार का शुभ प्रकट दिन
वैशाख चतुर्दशी, गुरुवार का दिन महान, जयंती का ये उत्सव, भक्ति का वरदान,
अप्रैल के अंत में उत्साह है बड़ा, भक्ति के रंग में हर कोई है खड़ा।
जयंती का ये सोहला है दिव्य, रोशनी से जगमगाया ये धाम भव्य,
कोळे नगरी में नृसिंह की गूँज, खुशियों की जहाँ होती है पूँज।
(अर्थ: ३० अप्रैल गुरुवार को जयंती और यात्रा का भारी उत्साह है।)
🗓� 🌞 🎊 😊

३. बालू के देव और भक्ति की विजय
भक्त प्रहलाद के लिए विष्णु दौड़े, खंभा फाड़ के बंधन तोड़े,
बालू की मूरत में देव सोहे, भक्तों के मन को वो ही मोहे।
उग्र रूप पर ममता का साया, नृसिंह देव की अनोखी माया,
अधर्म का नाश और सत्य की जीत, नृसिंह नाम की अमर है रीत।
(अर्थ: प्रहलाद की रक्षा हेतु प्रकट हुए नृसिंह देव का कोळे में वास है।)
💥 🦁 🛡� 🖐�

४. छबीना और पालकी का सोहला
सजी है पालकी, बजे हैं नगाड़े, गुलाल के बादलों में उड़े हैं पहाड़े,
कोळे की गलियों में छबीना निकले, आशीषों के बादल सब पे बरसे।
मृदंग और तालों की गूँज में देव, देख भक्तों का ये पावन भाव,
पावन हुए कृष्णा के ये तट, नृसिंह भक्ति में मिटे सारे कपट।
(अर्थ: पालकी यात्रा और छबीना इस उत्सव का मुख्य आकर्षण है।)
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५. मन्नतें पूरी करने वाले रक्षक
पुकारते ही जो दौड़े आए, नृसिंह देव वो ही माँ कहलाए,
संकट में जो बने ढाल हमारी, भक्ति का पथ है सबसे न्यारी।
कोळे-नरसिंहपुर का ये रक्षक राजा, सबके कष्टों का करे निस्तारा,
भक्तों के दिल में श्रद्धा की जोत, नृसिंह नाम सुखों का है स्रोत।
(अर्थ: नृसिंह देव अपने भक्तों के सभी दुखों को हर लेते हैं।)
🛡� 🤝 ☀️ 🙌

६. मेले का आनंद और परंपरा
खिलौने, मिठाई और झूलों का मेल, कोळे में लगा भक्ति का खेल,
कुश्ती के अखाड़े में पहलवानों का जोर, सांगली-कोल्हापुर की शान है ये ओर।
रिश्तेदारों का उमड़ा है सैलाब, खिल उठा है खुशियों का गुलाब,
यात्रा की ये महिमा है अपार, नृसिंह नाम से है बेड़ा पार।
(अर्थ: मेले में कुश्ती और आनंद का संगम होता है।)
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७. शांति और समृद्धि की प्रार्थना
नृसिंह जयंती के इस पावन दिन, चरणों में प्रभु के करें अर्पण,
सुख-समृद्धि मिले सबको अपार, प्रगति का बहे यहाँ सदा प्यार।
कोळे-नरसिंहपुर का ये उत्सव महान, बढ़ाता है महाराष्ट्र का मान,
भक्ति की ज्योत सदा जलती रहे, नृसिंह की कृपा सब पे बनी रहे।
(अर्थ: प्रभु सबके जीवन में सुख और शांति लाएँ।)
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शब्द आणि ईमोजी सारांश (Word & Emoji Summary)
Only Words:
कोळे-नरसिंहपूर, वाळवा, सांगली, नृसिंह जयंती, कृष्णा नदी, यात्रा, पालखी, छबिना, गुलाल, गुरुवार, कुस्ती, भक्ती, शक्ती, शांती, अवतार.

Only Emojis:
🦁 💥 🛡� 🌊 🚩 🥁 🤼�♂️ 🏛� 🚜 🍬 🎡 🤝 ✨ 🙏 🌟 🚩

🚩 कोळे-नरसिंहपूरचा राजा, श्री नृसिंह भगवान की जय! 🚩

Final Horizontal Emoji Summary:
🌞 🦁 🌊 🛡� 🚩 🥁 🤼�♂️ 🍬 🎡 🪔 ✨ 🤝 🙌 🌈 🚩

--अतुल परब
--दिनांक-30.04.2026-गुरुवार.
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