"सती रामा मौली"-🚩 🙏 🕉️ 🪔 🎡 🤼‍♂️ 🥘 🤝 🛡️ ✨🚩 🌍 ❤️ 🙏 📿 👄 🙇‍♀️ 🛠️ 🕉️

Started by Atul Kaviraje, May 05, 2026, 12:29:49 PM

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Atul Kaviraje

16.04.2026=गुरुवार-
सती रामा यात्रा-अमरापुर, तालुका-कड़ेगांव-

यहां गुरुवार, 16 अप्रैल, 2026 को अमरपुर (तालु. कड़ेगांव) में होने वाले 'सती रामा यात्रा' फेस्टिवल पर आधारित एक भक्ति से भरा डिटेल्ड मराठी आर्टिकल और कविता है।

कविता: "सती रामा मौली"

(कड़वे 1)
कड़ेगांव की गोद में, अमरपुर गांव ऐसा है,
सती रामा की याद से, भक्ति की झंकार बजती है।
माँ की पवित्र मूर्ति, आँखों में बसानी चाहिए,
फिर मुसीबत के समय, उन्हें याद करना चाहिए।
मतलब: अमरपुर गांव में सती रामा की माँ की भक्ति की महिमा बड़ी है और उनका रूप मुसीबत के समय सहारा देता है।
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(कड़वे 2)
चैत्र के इस त्योहार में, पालकी सुंदर निकलती है,
गुलाब और नारियल की, यहाँ इज़्ज़त बढ़ती है।
माँ के उडु उडु, मुँह से निकलता है,
हर भक्त उनके मन में, उनके चरणों में नहाता है। अर्थ: पालकी समारोह के दौरान गुलाब बिखेरा जाता है और सभी भक्त माँ की स्तुति करते हैं।
🥁 🎊 🏮 🎶 🟡 🍚 ✨ 🌞 🟡 🍚

(कड़वे 3)
सासन की लाठियों की आवाज़ से आसमान छू जाता है,
अमरपुर की मिट्टी की वीरता की गाथा गाती है।
कुश्ती के अखाड़े में, मिट्टी की ये खुशबू,
पहलवानों के मन में, जीत की चाहत होती है।
अर्थ: ऊँची सासन की लाठियाँ और कुश्ती का मैदान गाँव के पराक्रम की गवाही देते हैं। 🚩 💪 🤼�♂️ 🚩 🚩 🎍 🎈 🎋 🧣 🕺

(कड़वे 4)
नारियल से भरी, माँ, तेरी कोख,
तेरे प्यार की छाया, हम पर बड़ी है।
हमेशा खुशियों में रहें, ये दुनिया हमारी,
तुम्हारे बिना, कोई नहीं, माँ इस दुनिया में बड़ी है।
मतलब: औरतें अपनी कोख भरकर खुशहाल ज़िंदगी का आशीर्वाद मांगती हैं।
🧣 🥥 💮 📿 ❤️ 🫂 ❤️ 🏡 ❤️ 🫂

(कड़वे 5)
पालने और खिलौने, बच्चों का ये मेला,
खुशियों में नहाया है, ये कड़ेगांव का रण। पूरनपोली का चढ़ावा, रिश्तों की मिठास,
अमरपुर का यह त्योहार, सबकी किस्मत।
मतलब: मेले की खुशी और घर में पूरनपोली की मेहमाननवाज़ी मन को खुश करती है।
🎡 🍭 🍦 🥘 🍽� 🙏 💖 🏡 🍽� 🙏

(कड़वे 6)
बलिराजा चढ़ावा चढ़ाएं, बारिश अच्छी हो,
सती रामा मौली, खूब धन-धान्य दें।
खेत-खलिहान लहलहाएं, पानी भरपूर हो,
महाराज और सती माता, उन पर कृपा करें।
मतलब: किसान अच्छी बारिश और फसल के लिए अपनी मां को चढ़ावा चढ़ाता है। 🚜 🌧� 🌾 🌽 🚜 🌾 🐂 🌧� 🌱 🚜

(कड़वे 7)
अमरपुर की यह तीर्थयात्रा, हमेशा याद रखना,
भक्ति की यह मशाल, इसे इस दुनिया में जलने देना।
अगले साल फिर आना, भक्ति का खजाना ले जाना,
सती राम आई हमारी है, इसे भगवान और इंसान के बीच सच्चा रखना।
अर्थ: भक्त तीर्थयात्रा की याद को संजोकर अगले साल फिर आने का संकल्प लेते हैं।
🚩 🌍 ❤️ 🙏 📿 👄 🙇�♀️ 🛠� 🕉� 🌊

शब्द सारांश:
भक्ति, त्याग, सती राम आई का आशीर्वाद, पालकी समारोह और अमरपुर की संस्कृति।

इमोजी समरी:
🚩 🙏 🕉� 🪔 🎡 🤼�♂️ 🥘 🤝 🛡� ✨

कविता: "सती रमा माऊली"

१. कडेगाव की धरती पर, अमरपुर का नाम है, सती रमा की भक्ति में, सबको आराम है। 🚩 🙏
२. पालकी की शोभा न्यारी, गुलाल उड़ाते भक्त हैं, आई के दर्शन पाकर, सब होते तृप्त हैं। 🏮 🟡
३. सासन काठी नाचती, वीरों का यह गाँव है, कुश्ती के मैदान में, शौर्य का ही नाम है। 🚩 💪
४. खणा-नारियल से मैया, तेरी ओटी भरते हैं, सुखी रहे परिवार मेरा, यही दुआ करते हैं। 🧣 🥥
५. पुरणपोळी के स्वाद से, होता सत्कार है, अमरपुर की यात्रा में, उमड़ता प्यार है। 🥘 💖
६. किसान मांगे बरखा, फसल लहलहाए, सती रमा की कृपा से, खुशहाली आए। 🚜 🌾
७. अगले बरस फिर आएँगे, इसी बड़े उल्लास में, भक्ति तेरी बसी रहे, हमारी हर एक साँस में। 🚩 ❤️

--अतुल परब
--दिनांक-16.04.2026-गुरुवार.
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