भीष्म अष्टमी: आदर्श व्रत सोहला 🏹🏹 ✨ 🙏 🚩 💪 🏛️ 📜 🌟 💧 🧘‍♂️ 🔥 🙌 🏹 🛌

Started by Atul Kaviraje, May 20, 2026, 11:47:42 AM

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Atul Kaviraje

भीष्म अष्टमी (पूर्वा विधा): यह तिथि भीष्म पितामह के निर्वाण के संबंध में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
📌 भीष्म अष्टमी –
आज भीष्म — यह त्योहार युद्ध कथा से भीष्म पितामह की श्रद्धापूर्वक याद में मनाया जाता है।
(भीष्म अष्टमी को मुख्य धार्मिक दिनों में से एक माना जाता है और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की जाती है।)
भीष्म अष्टमी: आज भीष्म पितामह की याद में कुछ जगहों पर खास प्रसाद चढ़ाया जाता है (हालांकि कल अष्टमी मुख्य है, लेकिन सप्तमी के साथ अष्टमी महत्वपूर्ण है)।
🪔 भीष्म अष्टमी – आज भीष्म अष्टमी का त्योहार है, जिसे अष्टमी के दिन धार्मिक व्रत/त्योहार माना जाता है। भक्त इस दिन खास पूजा, आराधना और मंत्रों का जाप करते हैं।

भीष्म अष्टमी के अवसर पर गंगा पुत्र भीष्म पितामह की याद में श्रद्धांजलि देने वाली एक भावपूर्ण कविता यहां दी गई है:

शीर्षक: भीष्म अष्टमी: आदर्श व्रत सोहला  🏹

पद १

माघ मास की शुक्ल ये अष्टमी,

भीष्म स्मरण से पावन ये भूमी।

इच्छामृत्यु का वर जिन्हें था मिला,

वंदन उन्हें जो है भक्ति का सिला।

🏹✨🙏🚩

अर्थ: माघ महीने की यह शुक्ल अष्टमी है, जो भीष्म पितामह के स्मरण से पवित्र हुई है। जिन्हें इच्छामृत्यु का वरदान मिला था, उन महान योद्धा को हम नमन करते हैं।

पद २

कठोर प्रतिज्ञा और अडिग विश्वास,

भीष्म नाम का चहुँओर सुवास।

धर्म की रक्षा में दिया जिन्होंने प्राण,

भरतवंश की वे ही थे असली शान।

💪🏛�📜🌟

अर्थ: जिन्होंने जीवनभर अपनी कठिन प्रतिज्ञा निभाई और जिनका विश्वास कभी डगमगाया नहीं, वे भीष्म पितामह भरतवंश के गौरव हैं।

पद ३

गंगापुत्र तुम साक्षात तेज के सागर,

भक्ति से करते हम आपका आदर।

तर्पण अर्पण कर आज करें हम पूजा,

आप सा वीर नहीं जग में कोई दूजा।

💧🧘�♂️🔥🙌

अर्थ: आप गंगापुत्र और तेज के सागर हैं, हम बड़े आदर से आपको याद करते हैं। आज तर्पण अर्पण करके आपकी पूजा की जाती है, क्योंकि आपके जैसा वीर और कोई नहीं।

पद ४

शरशय्या पर वो धैर्य की गाथा,

आपके चरणों में झुकता ये माथा।

उत्तरायण की राह जिन्होंने निहारी,

अंत में मिली प्रभु की गोद प्यारी।

🏹🛌🌅🧘

अर्थ: बाणों की शय्या पर लेटे रहकर भी आपने धैर्य का परिचय दिया। उत्तरायण की प्रतीक्षा कर अंत में आप परमात्मा की ज्योति में विलीन हो गए।

पद ५

भीष्म स्तोत्र का आज करें हम पाठ,

खुलेगा हृदय का पावन सा कपाट।

पाएं आज हम आशीर्वाद आपके,

मिट जाएं मन के सब संशय और पाप के।

📖 स्वर 🧘�♂️✨

अर्थ: आज के दिन भीष्म स्तोत्र का पाठ करने से मन शुद्ध होता है। हमें आपका आशीर्वाद मिले और हमारे मन के सभी विकार दूर हो जाएं।

पद ६

संयम की मूरत और नीति के आदर्श,

स्मृति से आपकी होता मन में हर्ष।

पांडवों को दिया आपने जो ज्ञान,

सत्य मार्ग का है वो ही सच्चा मान।

🛡�💡🚶�♂️❤️

अर्थ: आप संयम और नीति के प्रतीक हैं। आपकी याद से मन प्रसन्न होता है। पांडवों को दिया गया आपका उपदेश सत्य मार्ग की ओर ले जाने वाला है।

पद ७

अष्टवसुओं में एक अवतार महान,

भक्ति से बढ़ाएं हम आपका सम्मान।

भीष्म अष्टमी का ये पर्व है प्यारा,

भक्ति भाव से गूँजे ये जग सारा।

🌸💎🙏☀️

अर्थ: आप अष्टवसुओं में से एक श्रेष्ठ अवतार हैं। भीष्म अष्टमी का यह पर्व महान है, जो सबके भीतर भक्ति और सम्मान जगाता है।

इमोजी सारांश (Emoji Summary)

🏹 ✨ 🙏 🚩 💪 🏛� 📜 🌟 💧 🧘�♂️ 🔥 🙌 🏹 🛌 🌅 🧘 📖 🧘�♂️ ✨ 🛡� 💡 🚶�♂️ ❤️ 🌸 💎 🙏 ☀️

शब्द सारांश (Word Summary)

भीष्म • अष्टमी • गंगापुत्र • प्रतिज्ञा • तर्पण • इच्छामृत्यु • शरशय्या • त्याग • महाभारत • श्रद्धा

--अतुल परब
--दिनांक-09.02.2026-सोमवार.
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