मल्हारी मार्तंड जेजुरी गड 🔱🔱 💛 🙏 🏘️ 🗣️ 🙌 👸 🤴 🟡 🥥 🔴 😊 🗡️ 🛡️ 👺 👹

Started by Atul Kaviraje, May 20, 2026, 11:48:32 AM

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Atul Kaviraje

मल्हारी मार्तंड यात्रा: आज महाराष्ट्र के जेजुरी और खंडोबा किलों पर खास उत्सव का माहौल है।

मल्हारी मार्तंड (खंडोबा) यात्रा के मौके पर पेश है एक रसीली और भक्ति से भरी कविता:

शीर्षक: मल्हारी मार्तंड जेजुरी गड  🔱

पद १

मल्हारी मार्तंड देव तुम्हारा ये गढ़,

भक्ति का मन में लगा है आज वेध।

जेजुरी नगरी हुई आज सोने जैसी,

भंडारे की पीली चादर ओढ़ी है ऐसी।

🔱💛🙏🏘�

अर्थ: हे मल्हारी मार्तंड देव, आपका यह जेजुरी गढ़ अत्यंत पावन है। आज जेजुरी नगरी हल्दी (भंडारा) की उधड़न से स्वर्ण जैसी पीली हो गई है।

पद २

'यलकोट यलकोट' मुख में जयघोष,

मिटा मन का आज सारा ही दोष।

म्हाळसा और बाणाई तुम्हारी है शक्ति,

चरणों में तुम्हारे जगी अखंड भक्ति।

🗣�🙌👸🤴

अर्थ: 'यलकोट यलकोट' के जयघोष से मन के सारे विकार दूर हो गए हैं। माँ म्हाळसा और बाणाई के साथ आपका स्वरूप हमारी भक्ति का केंद्र है।

पद ३

भंडारे की उधड़न हुई आज गढ़ पर,

कृपा आपकी रहे हम भक्तों पर।

नारियल और उड़ाया गया है गुलाल,

दर्शन पाकर आपके हुए हम निहाल।

🟡🥥🔴😊

अर्थ: जेजुरी के गढ़ पर भंडारा उड़ाया जा रहा है, आपकी कृपा हम पर बनी रहे। सूखा नारियल और गुलाल अर्पित कर आपके दर्शन से हम धन्य हुए।

पद ४

तलवार चमकती तुम्हारी तेज धार से,

संकट भागते तुम्हारे एक हुंकार से।

मणि-मल्ल का किया तुमने ही संहार,

भक्तों के रक्षक तुम ममता के आधार।

🗡�🛡�👺👹

अर्थ: आपकी तलवार अन्याय का नाश करने के लिए चमक रही है। मणि और मल्ल दैत्यों का संहार कर आपने भक्तों की रक्षा की है।

पद ५

ढोल और ताशों की गूँज में वारी,

नाचती खुशी से ये भक्त मंडली सारी।

घोड़े पर सवार मेरे मल्हारी राजा,

गूँज रहा भक्तों का ये गाजा-बाजा।

🥁🎶🐎👑

अर्थ: ढोल-ताशों की आवाज़ में सभी भक्त नाचते हुए आपकी यात्रा निकाल रहे हैं। घोड़े पर सवार आपका मल्हारी रूप अत्यंत मनमोहक है।

पद ६

चरण तुम्हारे हम भक्ति से वंदते,

तुम्हारे ही नाम से घर-संसार रचते।

पवित्र भाव ये हृदय में समाया,

जेजुरी का मार्ग सुख का संदेश लाया।

👣🙇�♂️🏠✨

अर्थ: हम आपके चरणों की वंदना करते हैं और आपकी कृपा से हमारा जीवन सुखमय है। जेजुरी का रास्ता हमें असीम शांति और सुख की ओर ले जाता है।

पद ७

अखंड रहे ये भक्ति की डोर,

मैया-मल्हारी की गूँज चारों ओर।

अगले बरस फिर आएँगे गढ़ पर,

भक्ति का भंडारा उड़ाएँगे सर पर।

🌸💎🙏☀️

अर्थ: आपके प्रति यह प्रेम कभी कम न हो। हम अगले वर्ष फिर आपके गढ़ पर आएँगे और पूरी श्रद्धा के साथ इस उत्सव को मनाएँगे।

इमोजी सारांश (Emoji Summary)

🔱 💛 🙏 🏘� 🗣� 🙌 👸 🤴 🟡 🥥 🔴 😊 🗡� 🛡� 👺 👹 🥁 🎶 🐎 👑 👣 🙇�♂️ 🏠 ✨ 🌸 💎 🙏 ☀️

शब्द सारांश (Word Summary)

मल्हारी • जेजुरी • भंडारा • यलकोट • खंडोबा • यात्रा • कुलदैवत • भक्ति • मार्तंड • उत्सव

--अतुल परब
--दिनांक-09.02.2026-सोमवार.
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