'स्वामी समर्थ के अगाध कौतुक' 🕉️✨-2-🕉️👑🙌✨🌳🍃😲🙇‍♂️🌱👁️🏃‍♂️💖🌟💧🍃💎धन💰✨

Started by Atul Kaviraje, May 24, 2026, 10:45:48 AM

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Atul Kaviraje

श्री स्वामी समर्थ और उनके चमत्कारी कार्य-
(The Miraculous Works of Shri Swami Samarth)

दिनांक: २२.०५.२०२६ - शुक्रवार (22.05.2026 - FRIDAY)

विषय: श्री स्वामी समर्थ आणि त्यांचे चमत्कारिक कार्य (The Miraculous Works of Shri Swami Samarth)

कविता शीर्षक: 'स्वामी समर्थ के अगाध कौतुक' 🕉�✨

पद ५ (Stanza 5)
गर्व हरी जो कोई आए अभिमान साथ लेकर,
क्षण में उसका मतपरिवर्तन करते आशीष देकर।
राजे-महाराजे आए छोड़ अपना राजपाट सारा,
स्वामी के चरणों में मिला शांति का अनुपम किनारा।

चरण और पद: गर्व हरी जो कोई आए अभिमान साथ लेकर (चरण १) / क्षण में उसका मतपरिवर्तन करते आशीष देकर (चरण २) / राजे-महाराजे आए छोड़ अपना राजपाट सारा (चरण ३) / स्वामी के चरणों में मिला शांति का अनुपम किनारा (चरण ४)
हिंदी अर्थ: जो कोई भी अपने ज्ञान या धन का घमंड लेकर अक्कलकोट आता, स्वामी महाराज क्षण भर में उसका अहंकार नष्ट कर उसके चित्त को निर्मल कर देते। बड़े-बड़े राजा-महाराजा अपना राजवैभव छोड़ उनके पास आए, क्योंकि स्वामी के चरणों में ही सच्ची आत्मिक शांति मिलती थी।

👑 गर्व ❌ नम्रता 🧘�♂️🕊�

पद ६ (Stanza 6)
मूक पशुओं पर भी की अपनी ममता की शीतल छांव,
ब्रह्मांड के नायक हैं वो पूजे जिन्हें हर गांव।
गौ-बछड़ों को मिला स्वामी का वो अभय हाथ,
प्रकृति के कण-कण में झलकता स्वामी का ही साथ।

चरण और पद: मूक पशुओं पर भी की अपनी ममता की शीतल छांव (चरण १) / ब्रह्मांड के नायक हैं वो पूजे जिन्हें हर गांव (चरण २) / गौ-बछड़ों को मिला स्वामी का वो अभय हाथ (चरण ३) / प्रकृति के कण-कण में झलकता स्वामी का ही साथ (चरण ४)
हिंदी अर्थ: स्वामी जी ने न केवल मनुष्यों पर बल्कि मूक पशु-पक्षियों पर भी अपनी ममता की छांव बनाए रखी। वे पूरे ब्रह्मांड के स्वामी हैं और भक्तों के लिए माता के समान हैं। उनके सानिध्य में गायों और बछड़ों को अभय मिला और प्रकृति के कण-कण में उनकी ही सत्ता दिखती है।

🐄 मूक प्राणी 🐕🌲 कण-कण 🌍✨

पद ७ (Stanza 7)
आज भी समाधि से आता है वही धीरज का स्वर,
"हम अक्कलकोट से गए नहीं" यही है मंत्र अमर।
शरण चलें आओ समर्थ के इन पावन पग,
उद्धार होगा जीवन का पाकर कृपा जो तारती जग।

चरण और पद: आज भी समाधि से आता है वही धीरज का स्वर (चरण १) / "हम अक्कलकोट से गए नहीं" यही है मंत्र अमर (चरण २) / शरण चलें आओ समर्थ के इन पावन पग (चरण ३) / उद्धार होगा जीवन का पाकर कृपा जो तारती जग (चरण ४)
हिंदी अर्थ: यद्यपि स्वामी महाराज ने महासमाधि ले ली है, फिर भी आज भी उनकी पावन समाधि से वही ढांढस बंधाने वाली आवाज आती है कि "हम अक्कलकोट छोड़कर कहीं नहीं गए हैं, हम यहीं हैं।" आइए, हम सब स्वामी के चरणों में शरण लें जिससे हमारा जीवन धन्य हो जाए।

⏳ समाधि 🏛� अमर 🙇�♂️ सोहळा 🕊�

हिंदी कविता सारांश (Poem Summary in Hindi)
केवल सरल और स्पष्ट इमोजी सारांश (Only Emojis Summary):

🕉�👑🙌✨🌳🍃😲🙇�♂️🌱👁�🏃�♂️💖🌟💧🍃💎धन💰✨👑❌नम्रता🧘�♂️🕊�🐄🐕🌲🌍✨⏳🏛�अमर🙇�♂️सोहळा🕊�

केवल शब्दों का सारांश (Only Words Summary):
 
--अतुल परब
--दिनांक-21.05.2026-गुरुवार.
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