कोल्हापुर अंबाबाई का विहंगम विहार-🦁👑🙏✨🌌🦁🌊🌸🍃🎵🐚🔱🍋☀️🌌🦅💎👑⭐✨🏰🌊🙌🔔❤

Started by Atul Kaviraje, May 24, 2026, 11:02:12 AM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

कोल्हापुर अंबाबाई का मनोरम विहार-
(Kolhapur Ambabai's Divine Journey)

शीर्षक: कोल्हापुर अंबाबाई का विहंगम विहार
(Kolhapur Ambabai's Divine Journey)

पद १
करवीर निवासिनी माता अंबाबाई माऊली,
भक्तों के सिर पर सदा ही उसकी कृपा की छाउली।
आज निकली माता करने विहंगम वो विहार,
उसके दिव्य तेज से चमका ये अथांग अंबर सारा।
(अर्थ: करवीर नगरी में रहने वाली माता अंबाबाई सभी भक्तों की माता हैं, जिनकी कृपा सब पर रहती है। आज माता एक दिव्य आकाशीय यात्रा पर निकली हैं जिससे पूरा आकाश चमक उठा है।)
🦁👑🙏✨🌌

पद २
सिंहारूढ़ होकर माता अंबिका वो चली,
कोल्हापुर की भूमि आज आनंद से खिली।
पंचगंगा के तट पर फूलों की वर्षा होती,
माता का रथ देख प्रकृति भी झूम उठती।
(अर्थ: सिंह पर सवार होकर जब माता यात्रा पर निकलीं, तो पूरी कोल्हापुर नगरी आनंदित हो गई। पंचगंगा नदी के तट पर मानो फूलों की वर्षा हो रही है।)
🦁🌊🌸🍃🎵

पद ३
हाथ में शंख, चक्र, गदा और महाळुंग सोहे,
माता का ये अनुपम रूप हर मन को मोहे।
किरणोत्सव का वो सोहळा नभ से वो देखती,
भक्तों के कल्याण हेतु वो ब्रह्मांड में घूमती।
(अर्थ: माता के हाथों में शस्त्र और महाळुंग फल अत्यंत सुंदर लग रहे हैं। मंदिर में होने वाला प्रसिद्ध किरणोत्सव सोहळा मानो वे आज आकाश से देख रही हैं।)
🐚🔱🍋☀️🌌

पद ४
गरुड़ के पंखों पर सवार जैसे वो जाती,
सृष्टि के कण-कण में अपनी शक्ति वो भरती।
रत्नों का मुकुट उसका आकाश में नक्षत्र बनता,
भक्ति का ये अनुपम दृश्य स्वर्ग को भी थामता।
(अर्थ: माता आकाश में इतनी भव्यता से विहार कर रही हैं कि उनका मुकुट सितारों की तरह चमक रहा है। यह दृश्य स्वर्ग के देवताओं को भी मुग्ध कर देता है।)
🦅💎👑⭐✨

पद ५
रंकाळा तालाब पर आई माता की वो छाया,
पानी ने भी वंदन किया, धन्य हुई यह काया।
करवीर क्षेत्र सारा जयघोष से है गूंजा,
अंबाजी के कदमों ने यहां के भाग्य को सींचा।
(अर्थ: जब माता की दिव्य परछाई प्रसिद्ध रंकाळा तालाब पर पड़ी, तो तालाब के जल ने भी उन्हें प्रणाम किया। पूरे करवीर क्षेत्र में उनका जयजयकार हो रहा है।)
城堡🌊🙌🔔❤️

पद ६
विहार थमाकर माता आईं गर्भगृह में फिर से,
भक्तों की रक्षा का प्रण निभाया उन्होंने दिल से।
मोह का जाल तोड़ जो माता के चरणों में आता,
उसका यह भवसागर एक पल में तर जाता।
(अर्थ: अपनी आकाशीय यात्रा पूरी कर माता फिर से मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो गई हैं। जो भी संसार का मोह छोड़कर उन्हें शरण आता है, उसका उद्धार होता है।)
🚪🕉�🙏✨💖

पद ७
करवीर वासिनी तुम्हारा यह दिव्य विहार सुंदर,
चरणों में तुम्हारे झुकता हमारा यह सिर निरंतर।
सुख-समृद्धि दे माता, दूर कर सभी क्लेश,
तेरी भक्ति में ही मिले मोक्ष का परम भेष।
(अर्थ: हे अंबाबाई, तुम्हारी यह दिव्य यात्रा अत्यंत सुंदर है। हम हमेशा तुम्हारे चरणों में शीश नवाते हैं। तुम सबको सुख-समृद्धि दो और मोक्ष का मार्ग दिखाओ।)
🌸🔱🛡�👑🌀

हिंदी कविता: इमोटिकॉन और शब्द सारांश (Emoji & Word Summary)
इमोटिकॉन सारांश (Only Emojis Summary):
🦁👑🙏✨🌌🦁🌊🌸🍃🎵🐚🔱🍋☀️🌌🦅💎👑⭐✨🏰🌊🙌🔔❤️🚪🕉�🙏✨💖🌸🔱🛡�👑🌀

शब्द सारांश (Only Words Summary):
कोल्हापुर की आराध्य देवी माता अंबाबाई अपने अलौकिक रूप में सिंह पर सवार होकर संपूर्ण करवीर नगरी और ब्रह्मांड का दिव्य आकाशीय (विहंगम) भ्रमण करती हैं। पंचगंगा नदी और रंकाळा तालाब उनके तेज से धन्य होते हैं। अपने इस पावन विहार के माध्यम से पूरी सृष्टि में शक्ति का संचार कर माता पुनः गर्भगृह की मूर्ति में समा जाती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का वरदान देती हैं।

--अतुल परब
--दिनांक-22.05.2026-शुक्रवार.
===========================================