पितृ ऋण और अन्वष्टका वंदन-🙏 ✨ 💐 🥣 💧 🕯️ 🧘‍♂️ 🏠 🌳 💮 🍚 🙌 🌾 🌑 🙇‍♂️ 🌟

Started by Atul Kaviraje, May 25, 2026, 10:28:25 AM

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Atul Kaviraje

अन्वष्टक श्राद्ध-

यहाँ मंगलवार, 10 फरवरी, 2026 को अन्वष्टक श्राद्ध के अवसर के लिए एक विशेष भक्ति कविता और उसका हिंदी अनुवाद है।

शीर्षक: पितृ ऋण और अन्वष्टका वंदन

माघ मास का पावन समय, अन्वष्टका तिथि है आई,

पितृ चरणों में श्रद्धा की, हमने सुंदर सुमन चढ़ाई।

मंगलवार के मंगल समय, करें पूर्वजों का स्मरण,

तृप्त होकर आशीष दें, स्वीकार करें हमारा पूजन।

🙏 ✨ 💐 🌞

अष्टका के बाद का दिन, अन्वष्टका है इसका नाम,

ऋण मुक्त हों स्मरण से, कर उन्हें हम कोटि प्रणाम।

अन्न-दान और उदक-तर्पण, भक्ति भाव से आज करें,

उनके पुण्य के प्रकाश से, अपना जीवन सफल करें।

🥣 💧 🕯� 🧘�♂️

मातृ-पितृ और पूर्वज सब, देवता हमारे हैं महान,

उनके कष्टों की नींव पर, खड़ा हमारा यह सम्मान।

अन्वष्टका श्राद्ध की विधि से, शांत हो उनकी आत्मा,

सुख-शांति की कृपा मिले, हो दुख का अब खात्मा।

🏠 🌳 🛡� 💮

सीधी-साधी यह भक्ति, अर्पण करते आपके चरणों में,

सदा साथ रहें आप हमारे, संकट के इन क्षणों में।

पिंडदान और श्रद्धा की, यह सरल और सुलभ रीत,

पितृ लोक में सदा गूँजे, आपकी विजय के ही गीत।

🍚 🙌 🎶 🚩

अष्टका देवी के पूजन बाद, अन्वष्टका की महिमा भारी,

पितृ लोक के सुखों की, अब आए शुभ मंगल बारी।

तिल और अक्षत अर्पण कर, करें नमस्कार साष्टांग,

आपके आशीर्वाद से दमके, हमारा यह कोमल अंग।

🌾 🌑 🙇�♂️ 🌟

मंगलवार का यह दिन, अन्वष्टका का है शुभ योग,

दूर हों सारे क्लेश हमारे, और कठिन ये सारे रोग।

शाश्वत शांति मिले उन्हें, मोक्ष मिले प्रभु चरणों में,

हम सदैव कृतज्ञ रहें, पूर्वज आपके शरणों में।

🕉� 🍎 🕊� ⏳

अन्वष्टका श्राद्ध का पर्व, भक्ति से आज मनाते हैं,

पूर्वजों की स्मृतियों से, अपना हृदय सजाते हैं।

सुख, समृद्धि और समाधान, मिले हमारे इस घर को,

आपकी कृपा की निर्मल धारा, सींचे हमारे जीवन को।

🎊 💖 🏠 🌊

📋 हिंदी सारांश (Summary)

१. शब्दों का सारांश (Word Summary):

पितृभक्ति, अन्वष्टका, तर्पण, श्रद्धा, आशीर्वाद, शांति, कृतज्ञता, पूर्वज, समर्पण, मोक्ष।

२. इमोजी सारांश (Emoji Summary):

🙏 ✨ 💐 🥣 💧 🕯� 🧘�♂️ 🏠 🌳 💮 🍚 🙌 🌾 🌑 🙇�♂️ 🌟 🕉� 🕊� ⏳ 🌊

--अतुल परब
--दिनांक-10.02.2026-मंगळवार.
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