"प्यास का गीत"-

Started by Atul Kaviraje, May 25, 2026, 04:55:48 PM

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Atul Kaviraje

हमें प्यास क्यों लगती है? 💧 (शरीर का जलयोजन का संकेत)

हिंदी कविता: "प्यास का गीत"

सूखे होंठ, सूखा गला,
पानी पानी चिल्लाता है।
क्या है यह मुझमें, क्या हुआ,
जो मन यह बेचैन होता है?

अर्थ: जब होंठ और गला सूख जाते हैं, तो मन पानी-पानी चिल्लाता है। यह क्या है जो मेरे अंदर होता है, जिससे मन बेचैन हो जाता है?

यह है मेरे शरीर का,
एक छोटा सा इशारा।
कहता है, मेरे दोस्त,
अब पानी का सहारा ले लो।

अर्थ: यह मेरे शरीर का एक छोटा सा इशारा है। यह कहता है कि अब पानी का सहारा ले लो।

जब खून में नमक बढ़े,
और पानी हो जाए कम।
मस्तिष्क का वह हिस्सा जागे,
जो कहता है, बस, अब पानी पी लो तुम।

अर्थ: जब शरीर में पानी कम होता है और नमक बढ़ जाता है, तो दिमाग का एक हिस्सा जाग जाता है जो हमें पानी पीने के लिए कहता है।

कसरत के बाद, दौड़ के बाद,
या तेज धूप में चलने के बाद।
शरीर का पसीना सूख जाता,
और प्यास हमें सताती है।

अर्थ: कसरत, दौड़ या तेज धूप में चलने के बाद, शरीर का पसीना सूख जाता है और हमें प्यास लगती है।

यह प्यास नहीं, यह जीवन है,
जो हमें जीवन देता है।
हर एक बूँद पानी की,
हमें जीवन का पाठ पढ़ाती है।

अर्थ: यह प्यास सिर्फ एक अनुभूति नहीं है, बल्कि यह जीवन है। पानी की हर एक बूँद हमें जीवन का महत्व सिखाती है।

न करो अनदेखी इसकी,
यह संकेत है बड़ा खास।
पानी पीना जरूरी है,
यही है सेहत का राज़।

अर्थ: इस संकेत को अनदेखा मत करो, यह बहुत खास है। पानी पीना बहुत जरूरी है, यही हमारी सेहत का राज़ है।

प्यास एक मित्र है,
जो हमें सही राह दिखाता है।
जीवन की हर यात्रा में,
पानी हमें बचाता है।

अर्थ: प्यास हमारा एक मित्र है जो हमें सही राह दिखाता है। जीवन की हर यात्रा में पानी हमें बचाता है।

--अतुल परब
--दिनांक-25.05.2026-सोमवार. 
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