मेहर मसारम्ब – प्रकाश, सत्य और प्रेम का उत्सव-🔥 ✨ ⚖️ 🕊️ 🤝 🌸 🌞🌞 🛤️ 🕊️ 🔆

Started by Atul Kaviraje, May 26, 2026, 10:15:39 AM

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Atul Kaviraje

पारसी मेहर मसारम्ब-

मेहर मसारम्ब – प्रकाश, सत्य और प्रेम का उत्सव

(तारीख : 11.02.2026 – बुधवार | पारसी मेहर मसारम्ब)

पद १

प्रातः बेला मेहेर मास चमके,
अग्नि प्रकाश में मन नहाए,
सत्य-स्नेह की ज्योत जले,
नई आशा पथ दिखाए।
अर्थ (हिंदी): मेहेर माह नई रोशनी और आशा लाता है।
🔥 🌅 ✨ 🤍 🌼

पद २

मेहेर यजद का करुण स्पर्श,
न्याय-संयम का दे बल,
विचार-वाणी-कर्म शुद्ध हों,
जीवन ले पावन ढल।
अर्थ: मेहेर यजद सत्य और अनुशासन सिखाते हैं।
⚖️ 🕊� 💭 ✋ 🌟

पद ३

अग्नि मंदिर में शांति छाए,
धूप-सुगंध बिखर जाए,
अंतर का अंधकार मिटे,
आत्म ज्योति जगमगाए।
अर्थ: प्रार्थना से आत्मा प्रकाशित होती है।
🛕 🔥 🌬� 💫 🙏

पद ४

सद्विचार की राह चले,
सद्वाणी मधुर गान,
सद्कर्मों से जीवन खिले,
यही धर्म की पहचान।
अर्थ: अच्छे विचार, शब्द और कर्म ही धर्म हैं।
🌸 🗣� 🤲 📜 🌈

पद ५

मेहेर मास सिखाए यही,
विश्वास का बंधन जोड़,
मानव-मानव में प्रेम बो,
द्वेष को जड़ से तोड़।
अर्थ: प्रेम और विश्वास से समाज मजबूत होता है।
🤝 💞 🌍 🕯� 🌱

पद ६

परंपरा का दीप जला,
प्रगति से हाथ मिलाए,
मूल्यों की मशाल थामे,
भविष्य राह दिखाए।
अर्थ: परंपरा और आधुनिकता साथ चलें।
🪔 🧭 📘 🚀 ✨

पद ७

मेहेर मास का यही संदेश,
प्रकाश की जीत अटल,
सत्य पथ पर जो चलता है,
ईश्वर उससे सदा संबल।
अर्थ: सत्य मार्ग पर ईश्वर का साथ मिलता है।
🌞 🛤� 🕊� 🔆 🙌

हिंदी कविता – इमोजी सारांश:

🔥 ✨ ⚖️ 🕊� 🤝 🌸 🌞

हिंदी कविता – शब्द सारांश:

प्रकाश, सत्य, न्याय, पवित्रता, प्रेम, परंपरा, आध्यात्मिक चेतना

--अतुल परब
--दिनांक-11.02.2026-बुधवार.
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