मुक्तैची पंढरी – करुणा, ज्ञान और भक्ति का उत्सव-🛕 🙏 🎶 📜 💙 🤍 🌸⏳ 📖 ✨ 🔆 🌼

Started by Atul Kaviraje, May 26, 2026, 10:16:22 AM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

संत मुक्ताबाई यात्रा-मुक्ताईनगर-

मुक्तैची पंढरी – करुणा, ज्ञान और भक्ति का उत्सव

(तारीख : 11.02.2026 – बुधवार | संत मुक्ताबाई यात्रा – मुक्ताईनगर)

पद १

मुक्ताईनगर भोर में दमके,
भक्ति गूंजे कण-कण में,
करुणा की बेटी मुक्ताबाई,
ज्ञान दीप जले मन में।
अर्थ (हिंदी): मुक्ताबाई ज्ञान और करुणा का प्रकाश फैलाती हैं।
🛕 🌅 🙏 ✨ 🌼

पद २

छोटा तन, विचार महान,
वाणी अमृत समान,
नर-नारी, छोटे-बड़े,
सबको एक-सा सम्मान।
अर्थ: मुक्ताबाई समानता का संदेश देती हैं।
📜 🕊� 💬 🤍 🌸

पद ३

ज्ञानदेव संग साधना,
भक्ति शिखर तक पहुँची,
अहंकार के बंधन टूटे,
ईश्वर हृदय में बसी।
अर्थ: संतसंग से अहंकार मिटता है।
🤝 🔱 💙 ⛰️ 🕯�

पद ४

यात्रा पथ पर नाम बहे,
ताल-मृदंग की तान,
तन-मन सुध-बुध खो बैठे,
भक्ति बने पहचान।
अर्थ: यात्रा नामस्मरण की साधना है।
🚶�♀️ 🎶 🥁 🙌 💫

पद ५

नारी शक्ति का यह स्वर,
ज्ञान गंगा की धार,
सरल वाणी में कहती मुक्ताई,
भक्ति ही सच्चा संसार।
अर्थ: मुक्ताबाई नारी-ज्ञानशक्ति का प्रतीक हैं।
🌊 👩�🦰 🔔 📿 🌺

पद ६

सुख-दुख सब अर्पित हों,
मुक्ताई चरण शीश झुके,
सेवा-प्रेम-क्षमा लेकर,
जीवन नई राह चुने।
अर्थ: समर्पण जीवन बदल देता है।
🤲 💞 🧘 🌈 🕊�

पद ७

मुक्ताई यात्रा सिखलाए,
ज्ञान-भक्ति का मेल,
काल से आगे बढ़कर,
संतवाणी बने अनंत खेल।
अर्थ: मुक्ताबाई का संदेश अमर है।
⏳ 📖 ✨ 🔆 🌼

हिंदी कविता – इमोजी सारांश:

🛕 🙏 🎶 📜 💙 🤍 🌸

हिंदी कविता – शब्द सारांश:

भक्ति, ज्ञान, करुणा, समानता, नारीशक्ति, नामस्मरण, शाश्वत संदेश

--अतुल परब
--दिनांक-11.02.2026-बुधवार.
===========================================