कृपालु शनैश्चर देव-🪐 ⚖️ 🕉️ ☀️ 🖤 💎 🖤 🙏 🛐 🌟 📜 🔢 🗣️ 🕊️ ✨ 🏃‍♂️ 🔥 🏥 🌿

Started by Atul Kaviraje, June 27, 2026, 02:23:32 PM

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Atul Kaviraje

(मुश्किलें दूर करने के लिए शनि देव के सात पवित्र श्लोक और मंत्र)
(Shani Dev's Seven Sacred Verses and Mantras for Removing Difficulties)

प्रस्तावना और परिचय
परिचय: शनिदेव कर्म के प्रतीक और न्याय के अधिपति हैं। उनकी 'सप्तशती' श्लोकों की ऊर्जा से भक्त के जीवन के साढ़ेसाती दोष और बड़े अवरोध दूर हो जाते हैं। यह कविता शनिदेव के दिव्य सात श्लोकों के सार और संकट हरने वाले मंत्र की महिमा को सरल, सरस और तुकांत (rhyming) रूप में प्रस्तुत करती है।

शीर्षक: कृपालु शनैश्चर देव

कडवे १ (Stanza 1):
सूर्यपुत्र हैं शनिदेवा, न्याय इनका सबसे सच्चा,
चरणों में इनके झुकता, बूढ़ा हो या कोई बच्चा।
मंद चाल जिनकी निराली, शिवशंभू के हैं वो प्यारे,
नाम लेते ही भाग जाते, संकटों के बादल काले।

हिंदी अर्थ: सूर्यपुत्र शनिदेव का न्याय सबसे सच्चा है। इनके चरणों में चाहे बूढ़ा झुके या बच्चा, सबके संकट दूर होते हैं। धीमी चाल वाले ये देव शिव जी के प्रिय हैं और इनका नाम लेते ही दुखों के काले बादल छँट जाते हैं।
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कडवे २ (Stanza 2):
नीलवर्ण काजल के जैसी, कांति जिनकी है चमकती,
यमराज के भ्राता हैं वो, छाया माता की शक्ति।
ऐसे देव को नमन मेरा, बार-बार सहर्ष हो,
मेरे जीवन के कष्टों का, अब तो पूर्ण विमर्श हो।

हिंदी अर्थ: नीले काजल जैसी जिनकी देह चमकती है, जो यमराज के भाई और माता छाया की शक्ति हैं, ऐसे शनिदेव को मेरा बार-बार प्रणाम है। वे मेरे जीवन के सभी कष्टों का निवारण करें।
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कडवे ३ (Stanza 3):
दस नामों का जाप जो करता, कोणस्थ और पिंगल नाम,
सौरि, मन्द, रौद्र रूप, अंतक करते पूरण काम।
पिप्पलाद ऋषि ने गाया, इनका ही महिमा महान,
नाम लेते ही क्षण में मिलता, शांति का ये दिव्य दान।

हिंदी अर्थ: जो कोई शनिदेव के दस नामों (कोणस्थ, पिंगल, मन्द आदि) का जाप करता है, जिसके बारे में पिप्पलाद ऋषि ने भी बताया है, उसे जीवन में तुरंत परम शांति का दिव्य दान मिल जाता है।
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कडवे ४ (Stanza 4):
मंद गति से चलकर देवा, पापों का दहन तुम करते,
व्याकुल हुए भक्त के मन में, खुशियां नई तुम भरते।
रोग-शोक और सब पीड़ा, चरणों में आकर जलती,
कृपा से आपकी भक्तों को, सेहत और लंबी उम्र मिलती।

हिंदी अर्थ: हे शनिदेव, आप धीमी गति से चलकर हमारे पापों को जला देते हैं और दुखी मन में खुशियां भरते हैं। आपके चरणों में सारे रोग-शोक जल जाते हैं और भक्तों को उत्तम स्वास्थ्य व लंबी आयु मिलती है।
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कडवे ५ (Stanza 5):
पिप्पलाद ऋषि का वचन, शनि कोप को शांत कराता,
भीषण से भीषण संकट भी, पल भर में है टल जाता।
सौम्य दृष्टि रखकर अपनी, कल्याण हमारा कर देना,
कारोबार की बाधाओं को, चुटकी में तुम हर लेना।

हिंदी अर्थ: पिप्पलाद ऋषि के वचन के अनुसार यह पाठ शनि के क्रोध को शांत करता है और बड़े संकटों को टाल देता है। हे देव, हम पर कृपा दृष्टि रखें, हमारा कल्याण करें और व्यापार की बाधाएं दूर करें।
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कडवे ६ (Stanza 6):
देव और दानव मिलकर, वंदन जिनके चरण हैं करते,
नीले कमल समान कोमल, रूप को देख दुक्ख हैं हरते।
शरणागत आया हूँ मैं, आपत्तियों से बचाओ देवा,
घर-घर में चलती रहे बस, तुम्हारी ये पावन सेवा।

हिंदी अर्थ: देव और दानव दोनों जिनके चरणों की वंदना करते हैं और जिनका रूप नीले कमल जैसा कोमल है, मैं उन शनिदेव की शरण में आया हूँ। मुझे कष्टों से बचाएं और अपनी सेवा का अवसर दें।
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कडवे ७ (Stanza 7):
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः", महामंत्र ये संकट हरता,
सरसों के तेल का दीपक, भक्तों का घर रोशन करता।
शनि सप्तशती गाने से, थमती है तूफ़ानी राह,
अभय वरदान मिलता सबको, खुलती है भाग्य की राह।

हिंदी अर्थ: शनिदेव का बीज मंत्र "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः" सारे संकट हर लेता है। सरसों के तेल का दीपक जलाने और शनि सप्तशती का गान करने से जीवन का तूफ़ान थम जाता है और भाग्य की राह खुलती है।
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फक्त ईमोजी सारांश (Only Emoji Summary - Hindi Kavita)
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फक्त शब्दांचा सारांश (Only Words Summary - Hindi Kavita)
न्याय, सूर्यपुत्र, नीलवर्ण, छायापुत्र, दशानाम, पिप्पलाद, पापदहन, आरोग्य, सौम्यदृष्टि, कल्याण, शरणागति, बीजमंत्र, तेलदीपक, अभय, भाग्य।

तळटीप (Foot-note) - हिंदी कविता
नोट: यह कविता शनिदेव के सात श्लोकों और महामंत्र के पावन महत्व को दर्शाती है। शनिवार के दिन न्याय के देवता शनिदेव की आराधना करने से जीवन का अंधकार मिटता है और सत्य एवं कर्म का मार्ग प्रशस्त होता है। 📿 कर्म और प्रार्थना 🪐

--अतुल परब
--दिनांक-27.06.2026-शनिवार.
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