राम नाम ..........................

Started by SHASHIKANT SHANDILE, July 02, 2026, 02:18:05 PM

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SHASHIKANT SHANDILE

ढोंग तमाशा ना करियेगा
चोरी हमको भी खली है
तुम आये हो राम से मिलने
भक्ति भाव की बात चली है

स्वार्थ तुम्हारा जगा हो शायद
मौको की बरसात फली है
राम नाम का ले सहारा
चलो किसीकी दाल गली है

दोषी है जो पछतायेगा
गुनहगार चढ़ते बली है
कौन बचा है मक्कारी से
कर्म से सबकी शाम ढली है

अब जो भाई तुमको भक्ति
राम नाम की सोच भली है
फिर ना कहना राम नहीं है
लगे न ऐसा सब अमली है
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शशिकांत शांडिले (एकांत), नागपुर
मो.९९७५९९५४५०
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