🌺 ।। पावन पुरुषोत्तम अधिक मास समाप्ति उत्सव ।। 🌺🕉️ 🌊 🪔 📜 🔔 🙏 ✨ 👑 🔱 🦁

Started by Atul Kaviraje, July 04, 2026, 05:28:58 PM

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Atul Kaviraje

15.06.2026-MONDAY-
PURUSHOTTAM/MAL/ADHIK JYESHTH MAAS SAMAAPATI-

🕉� प्रस्तावना (हिंदी) 🕉�
आज दिनांक १५ जून २०२६, सोमवार को हिंदू धर्मग्रंथों में अत्यंत दुर्लभ और परम फलदायी माने जाने वाले 'पुरुषोत्तम/मल/अधिक ज्येष्ठ मास की समाप्ति' हो रही है। हर तीन साल में आने वाला यह अधिक महीना भगवान श्री विष्णु (पुरुषोत्तम) को समर्पित होता है। आज इस पुण्यकाल का अंतिम दिन है, जिससे पूरे महीने के व्रत, नियम और दान-पुण्य की पूर्णाहुति हो रही है। इस पावन समाप्ति सोपान का आध्यात्मिक महत्व बताती ७ पदों की एक सुरीली और सरल कविता प्रस्तुत है। 🌸 हरि आराधना, दीपदान और मोक्ष का यह मंगलकारी क्षण है! 🙏✨ नारायण नारायण! 🕉� 🌊 🪔 📜 🔔

🌺 ।। पावन पुरुषोत्तम अधिक मास समाप्ति उत्सव ।। 🌺

पद १
पंद्रह जून का सोमवार लाया पावन पर्व महान,
अधिक ज्येष्ठ मास की समाप्ति बढ़ाती भक्ति का मान।
तीन बरस का यह अनुपम चक्र हुआ आज पूरा,
पुरुषोत्तम के चरणों में शीश झुके, काम रहे न अधूरा।
🕉� 🌊 🪔 📜 🔔

पद २
मलमास कहकर जिसे जग ने पहले था बिसराया,
उसको ही श्रीहरि ने अपने पावन नाम से सजाया।
पुरुषोत्तम नाम देकर किया इसका अनुपम उद्धार,
आज समाप्ति के दिन मिलता भक्तों को मोक्ष का द्वार।
🙏 ✨ 👑 🔱 🦁

पद ३
पूरे महीने भक्तों ने किया जप और नेम भारी,
आज विदाई की बेला में आई खुशियों की वारी।
अनारसे और बयाने का दान देकर पुण्य कमाते,
वैकुंठ लोक जाने का सुंदर मार्ग हैं सब बनाते।
🍯 🪔 🍎 🤝 🏡

पद ४
'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का गूंजा गान,
भोले भक्तों को मिला श्री विष्णु का वरदान।
तुलसी दल की माला से सजाया नारायण का रूप,
धन्य हुआ जीवन सुनकर कथा-पुराण अनूप।
🌿 📿 🙌 💖 🌟

पद ५
दीपदान की महिमा भारी आज के इस पावन दिन,
अंधियारा मिट जाता है, चमकते हैं भाग्य छिन-छिन।
गंगा-गोदावरी के तट पर किया सूर्य को प्रणाम,
सुख-समृद्धि पाए अब यह पूरा विश्व तमाम।
🌙 🕯� 🧠 💎 🌈

पद ६
ज्येष्ठ महीने का यह अधिक काल बड़ा सुखदाई रहा,
भक्ति के अमृत रस से सबका घट पाहा भरता रहा।
नारी-नर एकत्र होकर करते हरिनाम संकीर्तन,
हरि चरणों में अर्पण कर दिया अपना चंचल मन।
🎶 🌱 🌾 🍧 ❤️

पद ७
समाप्त हुआ यह मास पर मन में बची मीठी याद,
पुरुषोत्तम के चरणों का सदा मिलता रहे प्रसाद।
तीन बरस के बाद लौटकर फिर आएगा यह काल,
तब तक दिल में बसी रहे हरी तुम्हारे नाम की माल।
🙏 🌸 🎤 🏕� 🎉

📝 एकत्रित संक्षिप्त अर्थ (Collective Meaning)
इस कविता में १५ जून २०२६ (सोमवार) को संपन्न हो रहे पुरुषोत्तम (अधिक) ज्येष्ठ मास के आध्यात्मिक महत्व का सुंदर वर्णन किया गया है। जिस महीने को मलमास कहा जाता था, उसे भगवान विष्णु ने अपना सर्वश्रेष्ठ नाम 'पुरुषोत्तम' देकर धन्य किया। पूरे मास में किए गए जप, नियम और दीपदान की आज पूर्णाहुति होती है। इस दिन सुहागिनें और भक्त अनारसे का वाण (दान) देते हैं, जिससे अक्षय पुण्य मिलता है। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' के महामंत्र और हरिनाम संकीर्तन से चारों दिशाएं पवित्र हो जाती हैं। अंत में, प्रभु से प्रार्थना की गई है कि अगले तीन वर्षों बाद आने वाले अधिक मास तक हरी नाम की यह लौ मन में जलती रहे।

📊 सारांश (Summary)
केवल शब्दों का सारांश (Word Summary): अधिक मास, पुरुषोत्तम, १५ जून, सोमवार, समाप्ति, श्री विष्णु, नामस्मरण, वाण-दान, अनारसे, दीपदान, हरिनाम, वैकुंठ, पुण्य, भक्ति, प्रार्थना।

केवल ईमोजी सारांश (Emoji Summary): 🕉� 🌊 🪔 📜 🔔 🙏 ✨ 👑 🔱 🦁 🍯 🪔 🍎 🤝 🏡 🌿 📿 🙌 💖 🌟 🌙 🕯� 🧠 💎 🌈 🎶 🌱 🌾 🍧 ❤️ 🙏 🌸 🎤 🏕� 🎉

📌 तळटीप (Foot-Note)
💡 टिप्पणी: यह कविता १५ जून २०२६ (सोमवार) को समाप्त हो रहे 'पुरुषोत्तम अधिक ज्येष्ठ मास' के पावन अवसर पर भगवान श्री लक्ष्मी-नारायण के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करने हेतु लिखी गई है। जय श्री हरि! 🙏 भक्ति का मार्ग, परम आनंद का वास! 🌸🍃

--अतुल परब
--दिनांक-15.06.2026-सोमवार.
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