🌸॥ विट्ठल चरणों में भक्ति का दीया ॥🌸🕉️ 💧 🧘‍♂️ 🌿 🌊 🎵 🥁 🙌 💖 🔓 ✨

Started by Atul Kaviraje, July 11, 2026, 11:46:08 AM

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Atul Kaviraje

25.06.2026-THURSDAY-
NIRJALAA EKAADASHI-

📝 हिंदी प्रस्तावना (Hindi Introduction)
🚩 निर्जला एकादशी सभी एकादशियों में सबसे कठिन और पवित्र मानी जाती है। आज के दिन (२५ जून २०२६, गुरुवार) बिना जल ग्रहण किए भगवान विष्णु (विट्ठल) की आराधना की जाती है। यह कविता प्रभु के चरणों में समर्पित है, जो अत्यंत सरल, मधुर और यमक (तुकबंदी) से युक्त है। इस व्रत से मन को मिलने वाली शांति और भक्ति रस का इसमें सुंदर वर्णन है। 🙏✨✨

🌸॥ विट्ठल चरणों में भक्ति का दीया ॥🌸

पद १
प्यासा कंठ है मगर, मुख में विट्ठल नाम,
तेरे चरणों में हरी, मिलता सच्चा विश्राम।
निर्जला यह व्रत आज, करती हूँ मैं भक्ति,
दे दे मुझको पांडुरंग, नाम गाने की शक्ति।
💧🙏📿🕉�✨

पद २
भूक प्यास को भूलकर, ध्यान तेरा धरते,
तेरी मूरत का ही प्रभु, श्वास हम भरते।
तुलसी की माला गले, रूप तेरा प्यारा,
चित्त शांत होता जैसे, बहे प्रेम धारा।
🌿🧘�♂️🙌🌟🕯�

पद ३
पानी की हर बूँद का, आज त्याग किया है,
मन विट्ठल के चरणों में, अर्पण कर दिया है।
देह भले ही थक जाए, मन ये उड़ जाए,
चंद्रभागा के तीर पर, ध्यान लग जाए।
🌊❤️🕊�🏝�🕉�

पद ४
कठिन यह व्रत देवा, तेरे लिए आसान,
तेरे एक नाम से ही, मिटता पाप जहान।
भीमा तट का विठ्ठल, सांवली सी माई,
भक्तों पर सदा करे, कृपा की परछाई।
🤝🔱🌾👑🏖�

पद ५
गूंज विट्ठल की आज, अंबर में समाए,
तेरे दर्शन से प्रभु, दुःख दूर हो जाए।
ताळ और मृदंग का, नाद है रसीला,
भक्ति में डूब गई, यह टोली रंगीला।
🎵🥁🕺💫😇

पद ६
एक एकादशी मोक्ष, देने वाली ठहरी,
तेरे चरणों में आकर, प्रीति हुई गहरी।
वासना और विकार, दूर भाग जाए,
मेरे इस ह्रदय में, बस विट्ठल समाए।
🔓🍀👑💖🏠

पद ७
भस्म लगाकर अंग, संतों की यह वाणी,
निर्जला इस व्रत की, महिमा सबने जानी।
हाथ जोड़कर खड़ा, चरणों में यह दास,
पांडुरंग पूरी करो, भक्त की यह आस।
🙌🔥📝☀️🎯

📖 प्रत्येक पद का सामूहिक अर्थ (Collective Meaning)
अर्थ: इस कविता में भक्त ने निर्जला एकादशी के कठिन नियमों को प्रभु कृपा से सरल बनते दिखाया है। बिना जल के भी केवल विठ्ठल नाम के सहारे भूख-प्यास मिट जाती है। भीमा (चंद्रभागा) नदी के तट पर विराजमान सांवले विट्ठल का रूप मन को असीम शांति देता है। कीर्तन और मृदंग की ध्वनि में भक्त झूम उठते हैं। यह व्रत केवल भूखा रहने का नहीं, बल्कि मन के विकारों को दूर कर मोक्ष प्राप्त करने और प्रभु के चरणों में लीन होने का एक पवित्र माध्यम है।

📊 हिंदी सारांश (Summary)
केवल शब्दों का सारांश (Word Summary): निर्जला एकादशी पर बिना पानी के विट्ठल नाम का जाप करना, शरीर की थकान भुलाकर प्रभु के सांवले रूप में लीन होना, मृदंग की थाप पर कीर्तन करते हुए सांसारिक विकारों से मुक्त होना और अंत में मोक्ष व हरी कृपा की कामना करना ही इस कविता का सार है।

केवल इमोजी सारांश (Emoji Summary): 🕉� 💧 🧘�♂️ 🌿 🌊 🎵 🥁 🙌 💖 🔓 ✨

📌 पाद-टिप्पणी (Footnote)
📝 टिप्पणी: निर्जला एकादशी ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। मान्यता है कि इस एक व्रत को पूर्ण निष्ठा से करने पर साल की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है। 🙏🌟

--अतुल परब
--दिनांक-25.06.2026-गुरुवार.
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