।। जीवनदायिनी मैया नर्मदा : माघ स्नान महिमा ।।-🌊 🙏 🌅 ✨ 🏞️ 💧 🐚 🏔️ 🙌 🔱 📿

Started by Atul Kaviraje, July 16, 2026, 11:42:33 AM

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Atul Kaviraje

नर्मदा जयंती निमित्त स्नान: माघ शुक्ल सप्तमीच्या पूर्वसंध्येला (आज षष्ठी असल्याने) अनेक भाविक पवित्र नद्यांमध्ये स्नान करून माघ स्नानाचा संकल्प पूर्ण करतात.

।। जीवनदायिनी मैया नर्मदा : माघ स्नान महिमा ।।

१. माघ मास का समय यह पावन,
नदी स्नान से शुद्ध हो मन |
नर्मदा मैया का जयजयकार,
पाप धोने का यही आधार ||
🌊🙏🌅✨

२. कल-कल बहती रेवा सुंदर,
अमरकंटक है जिसका घर |
षष्ठी की इस शुभ तिथि को,
नमन करें हम जल देवी को ||
🏞�💧🐚🏔�

३. दर्शन मात्र से पाप हैं मिटते,
नर्मदा अष्टक मन में सजते |
शिवपुत्री तुम महान माता,
हर लेती हो भवभय चिंता ||
🙌🔱📿💖

४. सूर्योदय पर करके स्नान,
देवों को दें भक्ति का दान |
अर्ध्य दे सूर्य को शीश नवाया,
माघ स्नान का पुण्य है पाया ||
☀️🏺🌊🕯�

५. पर्वत-घाटों से तेरा प्रवास,
भक्तों के मन तेरा निवास |
माघ सप्तमी आई है पास,
मैया का रूप दिखे प्रकाश ||
⛰️🌿✨🙇�♂️

६. कंकर में जहाँ शंकर बसते,
नर्मदा महिमा सब जन जपते |
मोक्ष मिले तेरे तट पर आकर,
तू जगदात्री सुख की सागर ||
🪨🕉�🌊🌟

७. माघ सोम को नर्मदा ध्यान,
मिले सभी को सुख और ज्ञान |
मैया चरणों में अर्पित जीवन,
सफल हुआ आज पावन दर्शन ||
🙏💖🌸🕉�

कविता सारांश (Hindi Meaning):
माघ महीने में नदी स्नान, विशेषकर नर्मदा नदी के स्नान का बहुत महत्व है। नर्मदा (रेवा) को शिवपुत्री माना जाता है, जिसके दर्शन मात्र से मनुष्य पापमुक्त हो जाता है। माघ शुक्ल षष्ठी पर, नर्मदा जयंती की पूर्व संध्या पर किया गया स्नान तन और मन को शुद्ध करता है। नर्मदा के तट पर हर कंकड़ को शंकर का रूप माना जाता है।

इमोजी सारांश (Emoji Summary):
🌊 🙏 🌅 ✨ 🏞� 💧 🐚 🏔� 🙌 🔱 📿 💖 ☀️ 🏺 🕯� ⛰️ 🌿 🙇�♂️ 🪨 🕉� 🌟 🌸

शब्द सारांश (Word Summary):
नर्मदा, माघ स्नान, शिवपुत्री, रेवा, पुण्य, अमरकंटक, अर्ध्य, मोक्ष, भक्ति, शांति।

🖼� चित्रसंकल्पना (Visual Concept for the Poem):
एक विहंगम दृश्य ज्यामध्ये नर्मदा नदीचा निळाशार प्रवाह डोंगरांमधून वाहत आहे. नदीच्या काठावर सूर्योदयाच्या वेळी भाविक हात जोडून स्नान करत आहेत. काठावर असलेल्या एका छोट्या मंदिरात शिवलिंगाची पूजा होत आहे. आकाशात केशरी रंगाची छटा असून नदीच्या पात्रात दिवे (दीपदान) सोडलेले दिसत आहेत, जे अत्यंत शांत आणि भक्तीमय वातावरण निर्माण करत आहे.

--अतुल परब
--दिनांक-२३ फेब्रुवारी २०२६, सोमवार.
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