🌺॥ श्री भवांगिरी महाराज संजीवन समाधी महिमा ॥🌺✨🙏🌸🕌🍂💖🙌👑🕯️🔱🌅🌟🌻🧘‍♂️🕊

Started by Atul Kaviraje, July 18, 2026, 04:44:02 PM

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Atul Kaviraje

05.07.2026-SUNDAY-
BHAVAANGIRI MAHAARAAJ SANJIVAN SAMAADHI-SHIRBHAAVI, TALUKA-SAANGOLA-

📖 प्रस्तावना (हिंदी)
आज दिनांक ०५.०७.२०२६, रविवार को, सांगोला तालुका के शिरभावी की पवित्र भूमि पर श्री भवांगिरी महाराज संजीवन समाधी उत्सव का पुण्यस्मरण किया जा रहा है। यह एक अत्यंत भक्तिमय और आध्यात्मिक महत्व का स्थान है। यह दीर्घ हिंदी कविता महाराज के चरणों में समर्पित होकर, उनके दिव्य कार्य और भक्तों की अगाध श्रद्धा को सरल, रसमय और लयबद्ध शब्दों में व्यक्त करती है। 🌸🙏✨🕌🍂

🌺॥ श्री भवांगिरी महाराज संजीवन समाधी महिमा ॥🌺

शिरभावी की पावन भू पर, भक्ति का सागर लहराए,
भवांगिरी माउली हमारी, सुख का अमृत बरसाए।
संजीवन समाधी चरणों में, शीश झुकाए सारा जग,
कृपा उनकी जब होती है, मिलता है पुण्य का मार्ग।
✨🙏🌸🕌🍂

दुखों का साया मिट जाता, नाम जब आए मुख पर,
भवांगिरी के द्वार पे आकर, जीव सुखी होता हर पल।
सांगोला की इस नगरी को, मिला अनोखा वरदान,
भक्तों की इस भीड़ में गूंजे, पावन प्रेम का गान।
💖🙌👑🕯�🔱

शांत मूर्ति आंखों के सामने, ध्यान बहुत सुंदर लगता,
भवांगिरी के भजनों में ही, मन का कोना-कोना रमता।
शिरभावी का कण-कण देखो, आज पवित्र हुआ भारी,
संजीवन समाधी की महिमा, जग में लगती है न्यारी।
🌅🌟🌻🧘�♂️🕊�

हाथों में लेकर ताल-मृदंग, गाएं भक्ति के तराने,
माउली के चरणों में आकर, छूटे सब बहाने।
सद्गुरु राया अंतर्यामी, मन में जगाते दिव्य प्रकाश,
भवांगिरी की कृपा से मिलता, खुशियों का आकाश।
🎵🕺🔔🏡🌌

चैतन्य का झरना बहता, इस पावन समाधी स्थान पर,
भक्तों की टोली गाती है, मीठे गीत यहाँ आकर।
अमृत जैसी वाणी उनकी, दिल में समाई है गहरी,
भवांगिरी माउली हमारी, जग में सबसे है न्यारी।
💧🎤📜🥥💎

नियम पालकर भक्ति का यह, मार्ग सरल कर डाला,
संजीवन समाधी का उत्सव, नयनों ने है सम्भाला।
रविवार के इस पावन दिन, खिला समाधान का फूल,
भवांगिरी के चरणों में हम, अर्पण करते अपनी भूल।
🗓�🛤�👁�🌿🌹

युगों-युगों तक श्रद्धा रहेगी, शिरभावी के इस धाम में,
भवांगिरी की सेवा में हम, लीन रहेंगे सुबह-शाम में।
संजीवन समाधी आपकी, तारक है इस संसार में,
कृपा रहे बस आपकी देवा, सदा हमारे जीवन में।
⏳🚩🙌🙇�♂️🤝

📝 हिंदी पदों का सामूहिक भावार्थ (Collective Meaning)
भावार्थ: इस कविता में सांगोला तालुका के शिरभावी स्थित श्री भवांगिरी महाराज की संजीवन समाधी का अत्यंत रसमय वर्णन किया गया है। शिरभावी भक्ति का सागर और सुख का केंद्र है। मुख में महाराज का नाम आते ही सारे दुख दूर हो जाते हैं। उनकी शांत और दिव्य मूर्ति का ध्यान करने से भक्तों का मन आनंदित हो जाता है। ताल-मृदंग की थाप पर भक्त लीन हैं और समाधी स्थल से चैतन्य का झरना बह रहा है। आज रविवार के पवित्र दिन पर भक्तों ने अपनी श्रद्धा महाराज के चरणों में अर्पित की है और प्रार्थना की है कि उनकी कृपा सदा सब पर बनी रहे।

🌟 हिंदी इमोटिकॉन सारांश (Only Emojis Summary)
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📝 हिंदी शब्द सारांश (Only Words Summary)
शिरभावी, भवांगिरी महाराज, संजीवन समाधी, सांगोला, भक्ति, सागर, सुख, कृपा, दुख, नाम, वरदान, ध्यान, पवित्र, ताल-मृदंग, प्रकाश, चैतन्य, अमृतवाणी, श्रद्धा, रविवार, सेवा, आशीर्वाद।

📌 पाद-टिप्पणी (Foot-Note)
टिप्पणी: यह कविता श्री भवांगिरी महाराज के संजीवन समाधी उत्सव के अवसर पर शिरभावी (सांगोला) के दिव्य वातावरण और भक्तों की सच्ची भावना को सादर समर्पित है। 🚩🙏✨

--अतुल परब
--दिनांक-05.07.2026-रविवार.
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