।। माँ सातेरी का मंगल उत्सव ।।-🌸 🙏 ✨ 🚩 🌊 🔱 🛐 🌼 🥁 🎊 👑 💃 🕯️ 🕉️ 🧡 🌺

Started by Atul Kaviraje, July 21, 2026, 01:11:45 PM

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Atul Kaviraje

SHRI SAATERI VAADHADIVAS-AARAVALI, TALUKA-VENGURLAA-

आरवली येथील श्री सातेरी देवीच्या वाढदिवसानिमित्त (वर्धापनदिन) एक सुंदर आणि भक्तीमय दीर्घ मराठी कविता आणि त्याचे हिंदी भाषांतर सादर आहे.

।। माँ सातेरी का मंगल उत्सव ।।

१. आरवली की पावन धरा पर, भक्ति का है ठाठ,
सातेरी माँ के चरणों में, मुड़ गई सबकी वाट।
आज उत्सव है जन्मदिन का, खुशियों का सैलाब आया,
भक्तों की इस भीड़ में, मन ने परम सुख पाया।
🌸 🙏 ✨ 🚩

२. शांत सुंदर मुखड़ा तेरा, नयनों में असीम माया,
भक्तों पर सदैव रहे, तेरी शीतल छाया।
वेळागर के तट पर माँ, तेरा यह दिव्य स्थान,
तेरे चरणों में झुकता है, सारा जग और जहान।
🌊 🔱 🛐 🌼

३. सजी आज तू अंबे माँ, पहन के सुंदर साड़ी,
तेरे दर्शन को उमड़ी है, तेरे बच्चों की भारी भीड़।
ढोल ताशों की गूँज में, होता तेरा जयजयकार,
आरवली की नगरी में आज, खुशियों की बौछार।
🥁 🎊 👑 💃

४. गंध अक्षत कुमकुम चढ़ाया, तुझे बड़े ही मन से,
संकट हमारे दूर करो माँ, सुख दो अपने धन से।
माँ सातेरी तू ही हमारी, संकट में है जननी,
तेरे दर्शन से चमक उठे, जीवन की यह अवनी।
🕯� 🕉� 🧡 🌺

५. वेंगुर्ला के तालुक में, तेरा नाम है सबसे भारी,
अगाध महिमा तेरी माँ, तू ही विपदा हारी।
भक्ति का यह चमन खिला है, श्रद्धा की इस बारी में,
तेरी कृपा से सुख मिलता, सबकी गृहस्थी-क्यारी में।
🏡 🙌 🌿 💎

६. नैवेद्य अर्पण करके माँ, गाते तेरी आरती,
मन के भीतर बसा ली हमने, तेरी दिव्य मूर्ती।
कण-कण में तू ही बसी है, तू ही विश्व की शक्ति,
तेरे चरणों में अर्पण है, हमारी अटूट भक्ति।
🍯 🎶 🔥 🔱

७. अगले बरस भी आए माँ, ऐसा ही यह मेला,
भक्तों की इन आँखों में, भक्ति का है रेला।
सातेरी माँ आशीष दो, तेरे लाडले हैं हम लाल,
तेरी ममता की छाँव में, कट जाए कठिन काल।
👶 👵 🤝 💖

शब्द सारांश (Hindi Word Summary):
धरा: जमीन / भूमी.

वाट: मार्ग / रस्ता.

अगाध: जिसकी सीमा न हो.

विपदा: संकट.

आशीष: आशीर्वाद.

इमोजी सारांश (Emoji Summary):
🌸 🙏 ✨ 🚩 🌊 🔱 🛐 🌼 🥁 🎊 👑 💃 🕯� 🕉� 🧡 🌺 🏡 🙌 🌿 💎 🍯 🎶 🔥 👶 👵 🤝 💖

🖼� चित्रसंकल्पना (Visual Concept):
या कवितेसाठी चित्र काढताना मध्यभागी श्री सातेरी देवीची मोहक मूर्ती असावी. मूर्तीला पारंपरिक काठाची साडी आणि सोन्याचे दागिने असावेत. देवीच्या पाठीमागे आरवलीचा निसर्ग, नारळाची झाडे आणि जवळच असलेला समुद्र दाखवता येईल. मंदिरासमोर ढोल-ताशे वाजवणारे भक्त आणि फुलांची सजावट केल्यास हे चित्र अत्यंत भक्तीमय वाटेल.

--अतुल परब
--दिनांक-२६.०२.२०२६ - गुरुवार.
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