🙏✨🌸📿🙌 🌺 योगिनी एकादशी व्रत महिमा 🌺🎉🎈🌊🙌🔔

Started by Atul Kaviraje, July 21, 2026, 01:44:18 PM

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Atul Kaviraje

10.07.2026-FRIDAY-
योगिनी   SMAART एकादशी

📝 प्रस्तावना (हिंदी)
१० जुलाई २०२६, शुक्रवार को योगिनी स्मार्त एकादशी का अत्यंत पावन और मंगलमय व्रत मनाया जा रहा है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की इस एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। यह व्रत सभी पापों का नाश करने वाला और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है। इस पवित्र अवसर पर भगवान श्री विष्णु के चरणों में समर्पित, इस व्रत की महिमा गाने वाली एक सरल, रसमय और तुकबंदी युक्त ७ छंदों की हिंदी कविता यहाँ प्रस्तुत है। 🙏✨🌸📿🙌

🌺 योगिनी एकादशी व्रत महिमा 🌺

छंद १
आषाढ़ मास का यह पावन काल,
योगिनी एकादशी आई इस बार।
स्मार्ट जनों ने व्रत है धारा,
विष्णु चरणों में मन को वारा।

अर्थ: आषाढ़ महीने का यह अत्यंत पवित्र समय चल रहा है, जिसमें कल्याणकारी योगिनी एकादशी आई है। सभी स्मार्त संप्रदाय के लोगों ने आज इस व्रत का संकल्प लिया है और भगवान विष्णु के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की है।
🌸🙏📿✨🙌

छंद २
उपवास करके सुमरते हरी,
आनंद छा गया है घर-घरी।
व्रत यह पावन गुणों की खान,
हरि चरणों में अर्पें प्राण।

अर्थ: आज सभी भक्त उपवास रखकर श्री हरि विष्णु का स्मरण कर रहे हैं, जिससे हर घर में प्रसन्नता का माहौल है। यह एकादशी व्रत पवित्र गुणों की खान है, इसलिए हमें अपना सर्वस्व हरि के चरणों में सौंप देना चाहिए।
📖💡❤️🌟😇

छंद ३
सरल और साधी भक्ति की राह,
मन में सजी है विठ्ठल की चाह।
नाम सिमरन से दुःख दूर होए,
हृदय में सुख का सागर हिलोरे।

अर्थ: ईश्वर की यह भक्ति मार्ग बहुत सरल और सीधा है, जिससे भक्तों के मन में नारायण की छवि बस गई है। भगवान के नाम स्मरण से सभी दुःख दूर हो जाते हैं और हृदय में असीम सुख का वास होता है।
🎤🎶🏰🌾🤲

छंद ४
छोड़कर सारे वैर-भाव आज,
पूजा करें लक्ष्मीपति की खास।
योगिनी व्रत है सुखों का मूल,
मिट जाते हैं जीवन के शूल।

अर्थ: आज के दिन मन के सारे मनमुटाव और क्रोध को त्याग कर हमें लक्ष्मीपति श्री विष्णु की विशेष पूजा करनी चाहिए। योगिनी एकादशी का यह व्रत सभी सुखों का मूल है, जिससे जीवन के सारे कष्ट मिट जाते हैं।
🌍🧘�♂️🚩🥁📜

छंद ५
चरणों पे रखकर हम अपना माथा,
गा रहे हरी की पावन गाथा।
हृदय में रहे बस विष्णु का वास,
यही हमारी अंतिम आस।

अर्थ: हम सभी भक्त प्रभु के पवित्र चरणों में अपना सिर रखकर उनकी पावन कथा और महिमा गा रहे हैं। हमारे हृदय में सदा भगवान विष्णु का ही निवास रहे, यही हमारी अंतिम इच्छा और आस है।
🙇�♂️💖🤙🏡🌈

छंद ६
पाप और संताप सब दूर भाग गए,
नारायण जब से मन में समा गए।
कृपा आपकी होवे जब देवा,
तभी मिले हमें सत्कर्म सेवा।

अर्थ: जब से भगवान नारायण हमारे मन में बसे हैं, तब से संसार के सारे पाप और कष्ट समाप्त हो गए हैं। हे ईश्वर, आपकी कृपा होने पर ही हमें सच्ची सेवा और सत्कर्म करने का सौभाग्य प्राप्त होता है।
😊🏡🌻💰🎉

छंद ७
एकादशी का यह उत्सव महान,
भक्ति में भूले हम देहभान।
हरी नाम मुख में सदा रहे,
भक्ति का सागर यूँ ही बहे।

अर्थ: आज एकादशी व्रत का यह पावन अवसर इतना महान है कि हम भक्ति में अपनी सुध-बुध भूल गए हैं। हमारे मुख पर सदा हरि का नाम रहे और दिल में भक्ति का सागर इसी तरह बहता रहे।
🎉🎈🌊🙌🔔

📊 हिंदी सारांश (Summary)
शब्दों का सारांश (Word Summary): यह कविता १० जुलाई २०२६ को आने वाली 'योगिनी स्मार्त एकादशी' के पवित्र व्रत के महत्व को दर्शाती है। भगवान विष्णु की भक्ति, उपवास की महिमा, नाम स्मरण और उससे मिलने वाली मानसिक शांति को सुंदर तुकबंदी के साथ प्रस्तुत किया गया है।

इमोजी सारांश (Emoji Summary): 🙏 (भक्ति) 🌸 (पूजा) 📿 (नामस्मरण) 🚩 (एकादशी व्रत) 🌊 (भक्ति सागर) 😊 (पवित्र आनंद)

📝 पाद-टिप्पणी (Footnote):

यह काव्य रचना १० जुलाई २०२६ को पावन 'योगिनी स्मार्त एकादशी' के शुभ अवसर पर सभी भक्तों की आध्यात्मिक उन्नति और आत्मिक प्रेरणा हेतु रची गई है। 📜📌🌸

--अतुल परब
--दिनांक-10.07.2026-शुक्रवार.
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