।। आमलकी एकादशी : विष्णु भक्ति का उत्सव ।।-🌸 ✨ 🛐 🕉️ 🌳 🔱 🙏 💎 📿 🎶 🌊 🧡

Started by Atul Kaviraje, July 22, 2026, 01:54:55 PM

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Atul Kaviraje

AAMALAKI EKAADASHI-

२७ फेब्रुवारी २०२६ रोजी येणाऱ्या 'आमलकी एकादशी' निमित्त भगवान विष्णू आणि आवळ्याच्या वृक्षाचे महत्त्व सांगणारी भक्तीमय दीर्घ मराठी कविता आणि तिचे हिंदी भाषांतर सादर आहे.

।। आमलकी एकादशी : विष्णु भक्ति का उत्सव ।।

१. फाल्गुन मास की शुक्ल एकादशी, आई भाग्य की यह रात,
आमलकी के इस पावन दिन, शुद्ध हो हमारी हर बात।
भगवान विष्णु की भक्ति में, लीन हुए हैं सारे जन,
आँवले के इस वृक्ष के पास, अर्पण कर दें अपना मन।
🌸 ✨ 🛐 🕉�

२. आँवले के पेड़ में बसता, साक्षात श्रीहरि का वास,
भक्ति भाव से पूजन करके, मिले वैकुंठ का सहवास।
परशुराम ने किया पूजन, मानव कल्याण के ही हेतु,
पापमुक्ति का मार्ग दिखाती, आमलकी है सुख का सेतु।
🌳 🔱 🙏 💎

३. व्रत रखकर नाम सुमिरन, मुख में हो विठ्ठल का नाम,
सब सुखों का भंडार है, भगवन का यह सुंदर धाम।
तुलसी की माला पहन कर, करें हम आज जागरण,
भक्ति की इन लहरों पर, हो खुशियों का आवरण।
📿 🎶 🌊 🧡

४. मोक्षदायिनी यह एकादशी, दुखों का करती पूर्ण नाश,
जीवन को देती नई दिशा, और ज्ञान का वह प्रकाश।
दान-पुण्य की महिमा बड़ी, इस दिन जो हम करें,
भवसागर के इस भँवर से, विष्णु नाम से हम तरें।
🌅 🕯� 👐 🌈

५. धन्वंतरि का यह अमृत वृक्ष, आरोग्य का देता वरदान,
प्रकृति के इस रूप में पूजें, अपने देव का यह विधान।
हर पत्ते में विष्णु दिखते, जड़ में बसती जगदंबा,
भक्ति की यह बेल बढ़े, जैसे झूमता है आम्र-खंबा।
🍃 🩺 🌺 🌳

६. शुद्ध हृदय से माँगें हम, जग के लिए शांति और सुख,
निवारण हो जग का सारा, और मिट जाए सारा दुःख।
शंख चक्र गदा हाथ में, विष्णु रूप यह कितना सुंदर,
चरणों में उनके झुककर हम, पावन कर लें यह अंतर।
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७. अगले बरस भी फिर आए, यही तिथि और यही समय,
भक्ति और श्रद्धा का यह, बना रहे सुंदर समन्वय।
आमलकी एकादशी की, महिमा गाएँ हम बारंबार,
विष्णु नाम के जयघोष से, सुखी रहे यह सारा संसार।
🙌 🤝 🌍 🚩

हिंदी शब्द सारांश (Word Summary):
आमलकी, एकादशी, विष्णु, आँवला, पूजन, मोक्ष, व्रत, श्रद्धा, शांति, आशीर्वाद।

इमोजी सारांश (Emoji Summary):
🌸 ✨ 🛐 🕉� 🌳 🔱 🙏 💎 📿 🎶 🌊 🧡 🌅 🕯� 👐 🌈 🍃 🩺 🌺 🌳 🐚 ⚔️ 👑 💖 🙌 🤝 🌍 🚩

🖼� चित्रसंकल्पना (Visual Concept):
चित्राच्या मध्यभागी एक भव्य आवळ्याचे झाड असावे, ज्याला फळे लगडलेली आहेत. झाडाच्या खोडामध्ये भगवान विष्णूंची धूसर प्रतिमा (Shaded Image) स्मितहास्य करताना दाखवावी. झाडाभोवती भक्त दिवे लावून आणि फुले वाहून पूजन करत आहेत. पार्श्वभूमीला उगवता सूर्य आणि पांढरे शुभ्र शंख असावेत, जे शुद्धता आणि मांगल्याचे प्रतीक असतील.

--अतुल परब
--दिनांक-२७.०२.२०२६-शुक्रवार.
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