।। मेटगे नगरी का भण्डारा : हालसिद्धनाथ की जयजयकार ।।-🚩 ✨ 🛐 🙏 🟡 🥁 ☁️ 🕺 🎺

Started by Atul Kaviraje, July 22, 2026, 02:06:24 PM

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Atul Kaviraje

HAALSIDDHANAATH BHANDAARAA-METGE, TALUKA-KAAGAL-

कोल्हापूर जिल्ह्यातील कागल तालुक्यातील मेटगे येथील श्री हालसिद्धनाथ भंडारा उत्सवा निमित्त भक्तीपूर्ण दीर्घ मराठी कविता आणि तिचे हिंदी भाषांतर सादर आहे.

।। मेटगे नगरी का भण्डारा : हालसिद्धनाथ की जयजयकार ।।

१. कागल की धरती पर मेटगे है गाँव,
हालसिद्धनाथ का पावन जहाँ नाम।
आज भण्डारे का सुनहरा यह दिन,
नाथ के चरणों में हो जाएँ हम लीन।
🚩 ✨ 🛐 🙏

२. पीले पावन भण्डारे की उड़ रही है धूल,
'हालसिद्धनाथ के नाम से चांगभलं' जैसे खिले फूल।
भक्ति का यह रंग चढ़ा है अंग-अंग में,
खुशियाँ ही खुशियाँ हैं आज हर उमंग में।
🟡 🥁 ☁️ 🕺

३. शिंगे बजते तुतारी का है यह नाद,
नाथ के दर्शन को भक्तों की यह साद।
हाथ में लाठी और कंधे पर कमली,
आशीष देने आए नाथ की यह टोली।
🎺 🎼 🏹 🌅

४. श्रद्धा का यह मेला मेटगे के द्वार,
संकट हमारे दूर करेंगे यह खेवनहार।
हल्दी के रंग में नहाए हैं सारे भक्त,
नाथ के चरणों में अर्पित हमारी यह शक्ति।
🎊 🛖 🤝 🌊

५. माथे पर लगाया भण्डारे का यह तिलक,
हालसिद्धनाथ की लगी है हमें एक लक।
गाँव-गाँव से लोग आए बड़ी ही खुशी से,
मंदिर चमक उठा नाथ की ही रोशनी से।
🌼 🧡 🕯� 🛐

६. नैवेद्य पावन अर्पण किया तुमको प्यार से,
सुख-शांति बनी रहे तुम्हारे ही नाम से।
बाल-गोपाल और थके हुए यह वृद्ध,
नाथ की भक्ति में हुए सारे ही शुद्ध।
🍯 🥥 💖 🏡

७. अगले बरस भी फिर आए ऐसा ही त्यौहार,
नाथ की यादों में बीते हमारा हर विचार।
आशीर्वाद दो हमें हालसिद्धनाथ देवा,
होती रहे हमसे तुम्हारी ही नित्य सेवा।
🙌 🌟 🌍 🚩

शब्द सारांश (Hindi Word Summary):
मेटगे, हालसिद्धनाथ, भण्डारा, कागल, चांगभलं, हल्दी, श्रद्धा, उत्सव, आशीर्वाद, भक्ति।

इमोजी सारांश (Emoji Summary):
🚩 ✨ 🛐 🙏 🟡 🥁 ☁️ 🕺 🎺 🎼 🏹 🌅 🎊 🛖 🤝 🌊 🌼 🧡 🕯� 🛐 🍯 🥥 💖 🏡 🙌 🌟 🌍 🚩

🖼� चित्रसंकल्पना (Visual Concept):
चित्राच्या केंद्रस्थानी श्री हालसिद्धनाथांचे तेजस्वी रूप असावे. संपूर्ण चित्रात पिवळ्या भंडाऱ्याची उधळण आकाश व्यापून टाकल्यासारखी दिसावी. भक्तांनी पांढऱ्या कपड्यांवर पिवळी हळद माखलेली असावी आणि त्यांच्या हातात देवाच्या काठ्या (सासन काठ्या) असाव्यात. पार्श्वभूमीला मेटगे गावातील मंदिराचे शिखर आणि उत्साहाने नाचणारे पारंपारिक धनगरी ढोल वादक दाखवता येतील. आकाशात "चांगभलं" ही अक्षरे प्रकाशात चमकताना दिसावीत.

--अतुल परब
--दिनांक-२७.०२.२०२६-शुक्रवार.
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