पेठवडगाव नगरी का पावन चौंडेश्वरी उत्सव 🔱✨🔱🙏✨🥁🌸🥁🔥🙌🚩💛🏮🔴🌾🔱💪👑🍽️🕯️

Started by Atul Kaviraje, July 23, 2026, 01:21:49 PM

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Atul Kaviraje

14.07.2026-TUESDAY-
CHAUNDESHWARI UTSAV-PETHVADAGAAV, TALUKA-HAATKANANGALE-

🌸 प्रस्तावना: पेठवडगाव का भव्य श्री चौंडेश्वरी उत्सव 🌸

हिंदी प्रस्तावना:
१४ जुलाई २०२६, दिन मंगलवार (आषाढ़ दर्श अमावस्या) को कोल्हापुर जिले के हातकणंगले तालुका के ऐतिहासिक पेठवडगाव नगर में कुलस्वामिनी श्री चौंडेश्वरी देवी का पारंपरिक और भव्य उत्सव मनाया जा रहा है। पेठवडगाव की ग्रामदेवी चौंडेश्वरी माता के दर्शन और पालकी यात्रा के लिए पूरे क्षेत्र से श्रद्धालु अत्यंत श्रद्धा के साथ एकत्रित होते हैं। संबल की थाप, भंडारे (हल्दी) की उड़ती धूल और देवी माँ के दिव्य स्वरूप में भक्ति और शक्ति का एक अनूठा संगम इस दिन देखने को मिलता है। नगर की सुख-शांति और कल्याण की कामना के साथ यह लोक-उत्सव हर्षोल्लास से मनाया जाता है। 🔱🙏🔥🥁🌾

📜 संपूर्ण हिंदी अनुवाद कविता 📜

शीर्षक: पेठवडगाव नगरी का पावन चौंडेश्वरी उत्सव 🔱✨

पद १ (चरण १)
हातकणंगले तालुका में पेठवडगाव की यह शान,
चौंडेश्वरी माता के चरणों में झुकता सबका मान।
दर्श अमावस्या का यह पावन सोहळा भारी,
दर्शन को उमड़ रही आज जनता सारी।
🔱🙏✨🥁🌸

पद २ (चरण २)
संबल और चौंडके का कड़कड़ाट होता,
भंडारे के पीले रंग में वडगाव यह नहाता।
"उदो उदो" के जयकारे से गूंज उठी नगरी,
कृपा तेरी मैया सदा रहे हम पर गहरी।
🥁🔥🙌🚩💛

पद ३ (चरण ३)
हाथ में परडी लेकर गोंधळी महिमा गाते,
चौंडेश्वरी के नाम से सब पावन हो जाते।
अंधेरा निराशा का दूर करती वह पल में,
तेजस्वी रूप उसका बसा लें हम मन में।
🏮🔴🌾🔱💪

पद ४ (चरण ४)
नैवेद्य का मान आज पुरनपोळी का भारी,
सुहागिनें करती हैं पूजा मन से द्वारी।
पारंपरिक विधि से सजा मां का दरबार,
भक्तों की भीड़ से हर्षाया संसार।
👑🍽�🕯�🌿💫

पद ५ (चरण ५)
दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाली तू माऊली,
भक्तों पर रखती है सदा प्रेम की साऊली।
पेठवडगाव की तू ही है दिव्य ग्रामदेवता,
तेरे ही चरणों में झुकता भक्तों का माथा।
🌊📖🕉�👣🕊�

पद ६ (चरण ६)
प्रकृति की गोद में वडगाव हर्षित हुआ,
बारिश की बूंदों से हर किसान सुखिया।
अमावस्या का यह त्योहार परंपरा का महान,
चौंडेश्वरी चरणों में समर्पित हैं प्राण।
🌧�🌱🌳🧘�♂️🤝

पद ७ (चरण ७)
दीप पूजन से होती इस उत्सव की सांगता,
सुख-समृद्धि मिले यही है प्रार्थना अब था।
आषाढ़ बीतने पर अब सावन आता है,
भक्ति का सुगंध सृष्टि में फैलाता है।
🌈🏠💖🎻🌟

📝 हिंदी कविता का सामूहिक अर्थ (Collective Meaning)
इस कविता में कोल्हापुर जिले के हातकणंगले तालुका में स्थित पेठवडगाव में मनाए जाने वाले सुप्रसिद्ध 'श्री चौंडेश्वरी उत्सव' का सजीव वर्णन किया गया है। आषाढ़ अमावस्या (दर्श अमावस्या) के पावन दिन पेठवडगाव की ग्रामदेवी चौंडेश्वरी माता के मंदिर में लोकवाद्यों की थाप पर भंडारा (हल्दी) उड़ाकर माता की आराधना की जाती है। देवी माँ के ममतामई और उग्र रूप का दर्शन कर भक्त स्वयं को कृतार्थ मानते हैं। पारंपरिक भोग (पूरनपोली) लगाकर और दीप प्रज्वलित कर यह प्रार्थना की जाती है कि पूरे क्षेत्र से संकट दूर हों और आने वाला सावन मास सभी के जीवन में सुख-शांति लाए।

📊 हिंदी सारांश (Summary)
केवल शब्दों का सारांश (Word Summary):

पेठवडगाव, हातकणंगले, चौंडेश्वरी उत्सव, दर्श अमावस्या, संबल-चौंडके, भंडारा उधळण, ग्रामदेवी, सुख-समृद्धि, भक्ति-शक्ति।

केवल ईमोजी सारांश (Emoji Summary):

🔱🙏✨🥁🌸🥁🔥🙌🚩💛🏮🔴🌾🔱💪👑🍽�🕯�🌿💫🌊📖🕉�👣🕊�🌧�🌱🌳🧘�♂️🤝🌈🏠💖🎻🌟

📌 पाद-टिप्पणी (Footnote)
टिप्पणी: पेठवडगाव (हातकणंगले) का श्री चौंडेश्वरी देवी उत्सव कोल्हापुर जिले की समृद्ध लोक-संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है। इस पावन अवसर पर कुलदेवी की विशेष पूजा-अर्चना करने, दीया जलाने और कुलधर्म के अनुसार गोंधळ (पारंपरिक जागरण गीत) कराने की अत्यंत प्राचीन ऐतिहासिक परंपरा है। 🔱🪔🍋

--अतुल परब
--दिनांक-14.07.2026-मंगळवार.
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