🚩🙏📖✨🕉️ 🌺 वहीं ईश्वर का वास है 🌺🌸 🙏 📖 ✨ 🕉️ 📿 🕊️ ❤️ 💡 🚫 🗣️ ❌ 🚶‍♂️

Started by Atul Kaviraje, July 24, 2026, 11:51:35 AM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

शांति, माफ़ी और दया भगवान का निवास स्थान है।
मराठी अर्थ: जिस व्यक्ति के दिल में शांति, माफ़ी और दया के गुण होते हैं, वहाँ भगवान असल में निवास करते हैं।
-संत एकनाथ-संत, कवि/विद्वान-भक्ति साहित्य
-घटना/घटना: पैठन में, एक यवन (मुस्लिम व्यक्ति) ने नाथ पर बार-बार थूका, और नाथ ने उसे माफ़ कर दिया; उस घटना से संबंधित।
-जगह: पैठन (गोदावरी नदी में नहाने के बाद)।
-लगभग समय: AD 1580।

📜 प्रस्तावना (Hindi Introduction)
संत एकनाथ महाराज द्वारा पैठण में गोदावरी नदी के तट पर (लगभग ई.स. १५८० के दौरान) घटित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक घटना में असीम क्षमाशीलता और शांति का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया गया था। एक यवन (मुस्लिम व्यक्ति) द्वारा लगातार १०८ बार थूकने पर भी संत एकनाथ जी जरा भी क्रोधित नहीं हुए और हर बार गोदावरी में स्नान कर उसे क्षमा कर दिया। इस अलौकिक प्रसंग से उन्होंने यह सिद्ध किया कि "शांती क्षमा दया तेथे देवाची वसती..." अर्थात जिस मनुष्य के मन में शांति, क्षमा और दया जैसे सात्विक गुण होते हैं, वहीं ईश्वर का साक्षात निवास होता है।

📍 घटना/प्रसंग: पैठण में एक यवन द्वारा लगातार थूकने पर भी संत एकनाथ जी द्वारा दिखाई गई असीम क्षमाशीलता | ग्रंथ संदर्भ: एकनाथी अभंग/गाथा | स्थान: पैठण (गोदावरी नदी तट) | समय: लगभग ई.स. १५८० 🚩🙏📖✨🕉�

🌺 वहीं ईश्वर का वास है 🌺

पद १
शांति क्षमा दया जहाँ विराजे,
ईश्वर का वास वहीं पर साजे।
क्रोध अहंकार दूर भाग जाए,
भक्ति की गंगा वहाँ बह आए।

अर्थ: जिस मनुष्य के मन में शांति, क्षमा और दया बसती है, वहीं ईश्वर का निवास होता है। ऐसे स्थान पर क्रोध और अहंकार नष्ट होकर भक्ति की धारा बहती है।
🌸🙏📖✨🕉�

पद २
पैठण के उस पावन तीर,
एकनाथ क्षमा-समुद्र गंभीर।
किसी ने थूका जब अंगों पर,
शांत रहे नाथा के मनहर।

अर्थ: पैठण के गोदावरी तट पर संत एकनाथ क्षमा के सागर बनकर खड़े रहे। किसी के थूकने पर भी उनका मन अत्यंत शांत और प्रसन्न रहा।
📿🕊�❤️💡🚫

पद ३
गोदा में किया पुनः स्नान,
न दुखाया किसी का भी मान।
दुष्ट पे भी की दया महान,
यही है सच्ची कृपा की पहचान।

अर्थ: नाथा ने बिना गुस्सा किए गोदावरी में पुनः स्नान किया और कष्ट देने वाले पर भी दया की। यही सच्चे संत और ईश्वर की असीम कृपा है।
🗣�❌🚶�♂️🌈🔓

पद ४
गोदावरी की रेत पुकारे,
शांति का संदेश संवारे।
एकनाथ समझाएं सबको,
सद्गुण से जीतो जग को।

अर्थ: गोदावरी तट से संत एकनाथ संसार को संदेश देते हैं कि क्रोध को जीतकर शांति, क्षमा और दया जैसे गुणों से पूरे जग को जीता जा सकता है।
🌊🏛�😇😊⛵

पद ५
अहंकार का त्याग करो तुम,
दया क्षमा मन में धरो तुम।
मन में जो शांति रखता है,
ईश्वर भी उसे अपनाता है।

अर्थ: मन का अहंकार त्याग कर हृदय में दया और क्षमा धारण करें। जो मन में शांति रखता है, ईश्वर उसे अपने हृदय से लगा लेते हैं।
🙇�♂️👑⚡️🌺🔱

पद ६
न संताप हो, न वैर भाव,
सद्गुणों का हो मन में चाव।
हरि-नाम मुख में रहे निरंतर,
यही सत्य है जीवन के भीतर।

अर्थ: जीवन में गुस्से और शत्रुता को त्याग कर सात्विक गुणों को अपनाएं। मुख में निरंतर हरिनाम रहना ही जीवन का वास्तविक सत्य है।
🧘�♂️🌿🌻💫👑

पद ७
एका जनार्दनी कहें पुकार,
क्षमा-शांति है जीवन-आधार।
जहाँ दया वहीं पांडुरंग,
चढ़े सदा ही भक्ति का रंग।

अर्थ: संत एकनाथ (एका जनार्दनी) कहते हैं कि क्षमा और शांति कभी न छोड़ें। जहाँ दया है, वहीं प्रभु पांडुरंग का निवास है और वहीं भक्ति खिलती है।
📣🙌💖💎🎁

📌 हिंदी तल-टीप (Foot-Note)
📝 नोट: संत एकनाथ महाराज के जीवन प्रसंग के अनुसार, क्रोध पर क्षमा से और द्वेष पर प्रेम से विजय पाना ही सच्ची भक्ति है। शांति, क्षमा और दया से भरे हृदय में ही ईश्वर का सदा वास होता है। 🚩🙏จิต✨🕯�

🎨 हिंदी ईमोजी सारांश (Emoji Summary - Total 35)
🌸 🙏 📖 ✨ 🕉� 📿 🕊� ❤️ 💡 🚫 🗣� ❌ 🚶�♂️ 🌈 🔓 🌊 🏛� 😇 😊 ⛵ 🙇�♂️ 👑 ⚡️ 🌺 🔱 🧘�♂️ 🌿 🌻 💫 👑 📣 🙌 💖 💎 🎁

--संकलन
--अतुल परब
--दिनांक-23.07.2026-गुरुवार.
===========================================