जगद्गुरु रेवणाराध्य महिमा 🔱✨🔱 🚩 🏛️ 🙇‍♂️ ✨ ☀️ 📅 🙏 😊 🎊 📿 ⚪ 🗣️ 🙌 🚫 🦁

Started by Atul Kaviraje, July 25, 2026, 04:40:15 PM

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Atul Kaviraje

SHRI REWANAARAADHYA JAYANTI-VEERSHAIV-

मंगळवार, ३ मार्च २०२६ रोजी असलेल्या 'श्री रेवणाराध्य जयंती' (जगद्गुरु श्री रेवणसिद्धेश्वर जयंती) निमित्त वीरशैव लिंगायत धर्मातील महान आचार्यांच्या स्मरणाप्रित्यर्थ एक रसाळ, भक्तीपूर्ण दीर्घ मराठी कविता व तिचे हिंदी भाषांतर सादर आहे.

शीर्षक: जगद्गुरु रेवणाराध्य महिमा 🔱✨

१. वीरशैव धर्म का मूल आधार,
रेवणाराध्य की महिमा अपार।
कळेसा पीठ के स्वामी हैं आप,
चरणों में झुकता ये संसार।

अर्थ: वीरशैव धर्म के मूल आधार और कळेसा (रंभापुरी) पीठ के आदि जगद्गुरु श्री रेवणाराध्य के चरणों में सारा संसार नमन करता है।
🔱🚩🏛�🙇�♂️✨

२. मंगलवार की ये मंगल है बेला,
भक्ति और ज्ञान का लगा है मेला।
रेवणसिद्धेश्वर की इस जयंती पर,
खुशियों ने है आज सबको घेरा।

अर्थ: आज मंगलवार के शुभ अवसर पर भक्ति और ज्ञान का संगम हुआ है। महाराज की जयंती पर चारों ओर खुशियाँ छाई हैं।
☀️📅🙏😊🎊

३. हाथ में जपमाला, मस्तक विभूति,
दुःख हर लेती आपकी ये मूरत।
शरणू शरणार्थी का मंत्र है मुख पर,
मिट गया अंधकार, मिली नई सूरत।

अर्थ: हाथ में माला और मस्तक पर विभूति धारण करने वाले प्रभु का 'शरणू शरणार्थी' मंत्र मन के सारे अंधेरे को मिटा देता है।
📿⚪🗣�🙌🚫

४. रंभापुरी पीठ का तेज है भारी,
शुद्ध आचरण की ये रीत न्यारी।
जगद्गुरु की दिव्य कृपा से,
धन्य हुई है ये सृष्टि सारी।

अर्थ: रंभापुरी पीठ का तेज असीम है और वहाँ की पवित्र परंपराएं अद्भुत हैं। गुरु की कृपा से पूरी सृष्टि धन्य हो गई है।
🦁💎👑🌍😇

५. धुलिवंदन का ये योग मिला है,
विभूति के रंग में दीप जला है।
अहंकार त्याग कर शरण आए हैं,
शांति का अब नया पुष्प खिला है।

अर्थ: धुलिवंदन और जयंती का यह सुंदर संगम है। अहंकार छोड़कर गुरु की शरण में आने से ही सच्ची शांति मिलती है।
🎨🧱🕯�🧘�♂️🤝

६. सिद्धि और बुद्धि के आप हैं दाता,
भक्तों से आपका भक्ति का नाता।
रेवणसिद्ध स्वामी के स्मरण मात्र से,
पापों का पर्वत है झुक जाता।

अर्थ: आप ही सिद्धि और बुद्धि प्रदान करने वाले हैं। आपके स्मरण से जीवन के सारे पाप और कष्ट मिट जाते हैं।
💡🧠🏔�🚫❤️

७. आशीष देना हम दीन बालकों को,
राह दिखाना हम भटके मनों को।
रेवणाराध्य जयंती के अवसर पर,
अर्पण करते हैं हम खुद को।

अर्थ: हे गुरुदेव, हमें आशीर्वाद देकर सही राह दिखाएं। इस पावन जयंती पर हम स्वयं को आपके चरणों में अर्पित करते हैं।
🙌🌹🙇�♂️🌟🔱

EMOJI SUMMARY (HINDI)
🔱 🚩 🏛� 🙇�♂️ ✨ ☀️ 📅 🙏 😊 🎊 📿 ⚪ 🗣� 🙌 🚫 🦁 💎 👑 🌍 😇 🎨 🧱 🕯� 🧘�♂️ 🤝 💡 🧠 🏔� 🚫 ❤️ 🙌 🌹 🙇�♂️ 🌟 🔱

WORD SUMMARY (HINDI)
रेवणाराध्य • जगद्गुरु • जयंती • वीरशैव • रंभापुरी • पीठाधीश • विभूति • शरणू • मंगलवार • सिद्धि • बुद्धि • भक्ति • आशीर्वाद • नमन।

🖼� भक्तीमय चित्रसंकल्पना (Visual Concept):
चित्राच्या मध्यभागी जगद्गुरु श्री रेवणाराध्य (रेवणसिद्धेश्वर) यांची भव्य मूर्ती किंवा चित्र असावे. त्यांच्या कपाळावर ठळक तीन विभूतीचे पट्टे (त्रिपुंड्र) आणि गळ्यात रुद्राक्ष माळा असाव्यात. ते सिंहासनावर (रंभापुरी पीठ) बसलेले असून त्यांच्या हातात धर्मध्वज असावा. पार्श्वभूमीला नंदी आणि शिवलिंग असावे. वातावरणात मंगळवारच्या सूर्यप्रकाशाचे सोनेरी वलय आणि भक्तांनी अर्पण केलेल्या फुलांची उधळण असावी. हे चित्र वीरशैव परंपरेचे वैभव आणि गुरुभक्ती दर्शवेल.

--अतुल परब
--दिनांक-०३.०३.२०२६-मंगळवार -
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