नवलगुंद के सिद्धयोगी: अजात नागलिंगस्वामी 🚩🙏✨🚩🌸🌾💖📿👋👩‍👦🧘‍♂️🌅🤝👀💪🏃‍♂

Started by Atul Kaviraje, July 25, 2026, 08:09:36 PM

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Atul Kaviraje

18.07.2026-SATURDAY-
AJAAT NAAGLINGSWAAMI PUNYATITHI-NAVALGUND, JILHAA-DHAARWAAD-

🌸 हिंदी विभाग (Hindi Section) 🌸

📜 प्रस्तावना (Introduction in Hindi)
१८ जुलाई २०२६, शनिवार को धारवाड़ जिले के पावन क्षेत्र नवलगुंद में संत अजात नागलिंगस्वामी की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। 🙏✨ अजात नागलिंगस्वामी अपने अलौकिक सिद्ध सिद्धांतों और चमत्कारों के लिए पूरे दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में विख्यात हैं। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर यह भक्तिभाव से पूर्ण, रसमय और सरल ७ पदों की कविता सादर प्रस्तुत है। यह काव्य-पुष्प स्वामी जी के चरणों में शीश झुकाने और उनकी पावन स्मृतियों को नमन करने के लिए समर्पित है। 🚩🌸

🏷� शीर्षक: नवलगुंद के सिद्धयोगी: अजात नागलिंगस्वामी 🚩

कडवे १ (पद १)
धारवाड़ की पावन भू पर, नवलगुंद यह धन्य हुआ, 🌾
अजात नागलिंगस्वामी के, चरणों से यह पवित्र हुआ। 🙏
भक्ति का यह दिव्य सोहळा, पुण्यतिथि का आज है दिन, 🌟
चरणों में हैं शीश झुकाते, भक्तों के ये अंतर्मन। ❤️
🙏✨🚩🌸🌾

कडवे २ (पद २)
साधी भोळी भक्ति हमारी, भाव हृदय में बस है एक, 💖
स्वामी जी के पावन नाम की, लौ लगाई आज देख। 📿
संकट से तुम पार लगाते, आपकी यह कोमल छाया, 👋
भक्तों के लिए आप ही माता, आप ही में ईश्वर समाया। 👩�👦
💖📿👋👩�👦🌟

कडवे ३ (पद ३)
शांत मूर्ति आंखों के सम्मुख, रूप विलोभनीय प्यारा, 🧘�♂️
दूर करे अंधियारे को जो, तेज तुम्हारे नाम का न्यारा। 🌅
सत्कर्मों का मार्ग दिखाया, मानवता की सीख दीन्ही, 🤝
कृपाप्रसाद से आपकी स्वामी, जीवन की कली खिल गई नीकी। 🌺
🧘�♂️🌅🤝🌺✨

कडवे ४ (पद ४)
नवलगुंद की इस पावन मिट्टी में, खुशबू तेरी भक्ति की, 🌸
मन को अपनी ओर खींचे, महिमा तेरी अखंड शक्ति की। 💪
नाम तुम्हारा लेते ही मुख से, दुःख सारे मिट जाते हैं, 🏃�♂️
कृपा तुम्हारी है अथांग प्रभु, जैसे मां के लाड सुहाते हैं। 🤱
🌸💪🏃�♂️🤱❤️

कडवे ५ (पद ५)
सत्य, शांति, और क्षमा सिखाई, जीवन का यह सार कहा, ✨
तुमसे ही पाया भक्तों ने, भक्ति का यह दिव्य महा। 🌅
दौड़े आते पुकारते ही, संकट जब गहरा होता, 🌊
नाम तुम्हारा लेते ही देवा, मन यह शांत और सुखी होता。 🕊�
✨🌅🌊🕊�🙏

कडवे ६ (पद ६)
पुण्यतिथि के पावन दिन पर, जुटे भक्त सब दर्शन को, 👣
जयकारों की यह गूंज उठी है, आनंद मिला इस अंतर्मन को। 🎉
भक्तिभाव की दिव्य ध्वनि, गूंज उठी आकाशों में, 🎵
लीन हुए सब भक्त आज हैं, स्वामी जी के चरणों में। 🙏
👣🎉🎵🙏✨

कडवे ७ (पद ७)
नागलिंगस्वामी महाराज तुम्हारे, हम सब बालक हैं नादान, 👶
चरणों में अर्पित है करते, भक्ति का यह सुंदर गान। 💐
सदा रहे यह वरदहस्त प्रभु, यही मांगते हैं वरदान, ✋
आपकी भक्ति में डूबा रहे, हमारा यह छोटा सा जहान। 🏠
👶💐✋🏠🚩

📝 कविता का सामूहिक अर्थ (Collective Meaning)
अर्थ: धारवाड़ जिले की नवलगुंद भूमि श्री अजात नागलिंगस्वामी के दिव्य निवास से अत्यंत पावन हो गई है। १८ जुलाई को उनकी पुण्यतिथि पर सभी भक्त उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए एकत्रित हुए हैं। स्वामी जी एक दयालु माता के समान भक्तों के संकट हरते हैं। उन्होंने संसार को मानवता, सत्य और शांति का पाठ पढ़ाया। उनका नाम लेते ही मन का अंधकार और दुख दूर हो जाते हैं। इस पावन अवसर पर सभी भक्त उनके चरणों में शीश नवाकर सदा उनका वरदहस्त अपने सिर पर बनाए रखने की प्रार्थना कर रहे हैं।

📊 हिंदी सारांश (Summary)
केवल शब्दों का सारांश (Word Summary): धारवाड़, नवलगुंद, अजात नागलिंगस्वामी, पुण्यतिथि, भक्ति, पवित्र, नामस्मरण, सिद्धपुरुष, सत्य, शांति, वरदहस्त, आशीर्वाद।

केवळ चिन्हांचा सारांश (Emoji Summary): 🙏✨🚩🌸🌾💖📿👋👩�👦🧘�♂️🌅🤝👀💪🏃�♂️🤱🌊🕊�👣🎉🎵👶💐✋🏠

📌 पाद-टिप्पणी (Foot-note)
टिप्पणी: यह कविता १८ जुलाई २०२६ को नवलगुंद (धारवाड़) में आयोजित श्री अजात नागलिंगस्वामी पुण्यतिथि उत्सव के पावन अवसर पर भक्तों की अगाध श्रद्धा को प्रकट करने के लिए रची गई है। स्वामी जी की कृपा सब पर बनी रहे। 🙏✨🚩

--अतुल परब
--दिनांक-18.07.2026-शनिवार.
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