कुरोली के पावन संत यशवंतबाबा-✨🙏🪔🌸🚩☀️🧘‍♂️🔮🌹🙇‍♂️🙌💫🌻🥁🍲🌈🌾🕯️🌿💮🕉️🏡

Started by Atul Kaviraje, July 25, 2026, 08:30:46 PM

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Atul Kaviraje

19.07.2026-SUNDAY-
SHRI YASHAWANTBAABAA PUNYATITHI-KUROLI SIDDHESHWAR, TALUKA-KHATAAV-

🌸 श्री यशवंतबाबा पुण्यतिथी विशेष भक्तिभावपूर्ण दीर्घ हिंदी कविता 🌸

📜 हिंदी प्रस्तावना (Introduction in Hindi)
🪔 जय जय राम कृष्ण हरी! जय संत यशवंतबाबा! 🙏 आज १९ जुलाई २०२६, रविवार को कुरोली सिद्धेश्वर (तालुका-खटाव) की पावन धरा पर 'श्री यशवंतबाबा पुण्यतिथी सोहळा' अत्यंत श्रद्धा और भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ है। संतों के चरण कमलों से पवित्र हुई कुरोली नगरी में बाबा के दर्शन के लिए भक्तों का ताँता लगा हुआ है। बाबा की समाधी के सम्मुख शीश नवाकर श्रद्धालु धन्य हो रहे हैं। इस पावन पुण्यतिथि के अवसर पर प्रस्तुत है ७ छंदों की एक सरल, सुंदर और रसमय हिंदी कविता व उसका सारांश! 🌺✨

🏷� शीर्षक: कुरोली के पावन संत यशवंतबाबा

छंद १
कुरोली सिद्धेश्वर की धरती है पावन,
यशवंतबाबा के चरणों में अर्पित तन-मन।
पुण्यतिथि का यह उत्सव है सबसे न्यारा,
भक्ति के रंग में डूबा खटाव क्षेत्र सारा।
✨🙏🪔🌸🚩

छंद २
१९ जुलाई का यह रविवार का योग,
बाबा के सुमिरन से मिटते सब रोग।
धूप-दीप की खुशबू से महका हर घर,
भक्तों के मन में उमड़ा आनंद का सागर।
☀️🧘�♂️ समाधी 🔮🌹

छंद ३
भोले बाबा तुम हो संकट के खैवनहार,
कृपा तुम्हारी असीम, महिमा अपरंपार।
रात-दिन मुख से हम नाम तुम्हारा गाएँ,
चरणों में तुम्हारे आकर शीश झुकाएँ।
🙇�♂️🙌 अखंड 💫🌻

छंद ४
टाळ-मृदंग की थाप गूंज रही अंबर में,
यशवंतबाबा की मूरत बसी है अंतर में।
महाप्रसाद पाकर तृप्त हुए सब लोग,
धन्य हुआ दर्शन, मिटे जनम के शोक।
🥁 भाजी 🍲🌈🌾

छंद ५
खटाव तालुका में आया भक्ति का पूर,
दुख-दरिद्र जीवन से भागे कोसों दूर।
संतों की माऊली, कृपालु है यह साया,
भक्तों पर प्रभु ने वात्सल्य बरसाया।
🕯� आशिष 🌿💮🕉�

छंद ६
पवित्र हुई आज सिद्धेश्वर की यह नगरी,
भजन-कीर्तन की धुन फैली है डगर-डगर ही।
बाबा के नाम का जयकारा गूंज उठा है,
भक्ति का मार्ग अब सीधा-सरल दिखा है।
🏡🎶 संत 🌟💐

छंद ७
सरल सादी भक्ति, चरणों में यह भाव,
यशवंतबाबा तुम्हारा पावन है यह गांव।
सदा रहे आशीष तुम्हारा हम सब पर भारी,
सुख-शांति से महके यह दुनिया हमारी।
💖 कृपा 🎐🌺✨

📝 प्रत्येक छंद का सामूहिक भावार्थ (Collective Meaning in Hindi)
📖 भावार्थ: इस कविता में खटाव तालुका के कुरोली सिद्धेश्वर में आयोजित संत श्री यशवंतबाबा की पुण्यतिथि का सुंदर चित्रण है। रविवार के पावन अवसर पर भक्तगण बाबा की समाधि के दर्शन हेतु एकत्रित हुए हैं। कीर्तन, भजन और महाप्रसाद के आयोजन से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया है। यशवंतबाबा भक्तों के कष्टों को हरने वाले दयालु संत हैं। उनकी असीम अनुकंपा से संसार के सभी क्लेश दूर हों और हर घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो, यही इस कविता का मूल भाव है।

📊 हिंदी कविता - सारांश (Summary)
🧩 केवल चिह्नों (Emojis) का सारांश:
✨🙏🪔🌸🚩☀️🧘�♂️🔮🌹🙇�♂️🙌💫🌻🥁🍲🌈🌾🕯�🌿💮🕉�🏡🎶🌟💐💖🎐🌺✨

🔤 केवल शब्दों (Words) का सारांश:
कुरोली सिद्धेश्वर, खटाव, यशवंतबाबा, पुण्यतिथि, उत्सव, रविवार, सुमिरन, भक्ति, टाळ, मृदंग, महाप्रसाद, दर्शन, कीर्तन, जयकारा, आशीष, कृपा, सुख-शांति।

📌 तळटीप (Footnote in Hindi)
ℹ️ विशेष टिप्पणी: श्री यशवंतबाबा पुण्यतिथि महोत्सव कुरोली सिद्धेश्वर (खटाव) के श्रद्धालुओं के लिए एक परम पवित्र पर्व है। बाबा के दर्शन मात्र से अंतःकरण शुद्ध होता है और मानसिक शांति मिलती है। 🚩 संत यशवंतबाबा के चरणों में बारंबार प्रणाम! 🙏✨

--अतुल परब
--दिनांक-19.07.2026-रविवार.
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