श्री जगन्नाथ पुर्नयात्रा (बहुडा यात्रा) - पुरी: भक्तीचा महासोहळा 🙏✨🙏📿💛🌼✨ 🥁

Started by Atul Kaviraje, July 29, 2026, 12:23:35 PM

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Atul Kaviraje

24.07.2026-FRIDAY-
SHRI JAGANNATH PUNARYAATRAA-PURI-

श्री जगन्नाथ पुर्नयात्रा (बहुडा यात्रा) - पुरी: भक्तीचा महासोहळा 🙏✨ chariots🐚💛

हिंदी प्रस्तावना (कविता से पहले) 🚩🌺
आषाढ़ मास के पवित्र रथोत्सव के पश्चात, भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के गुंडिचा मंदिर में ९ दिनों के प्रवास के उपरांत पुन: अपने मुख्य मंदिर की ओर लौटने के श्री जगन्नाथ पुनर्यात्रा (बहुडा यात्रा) (२४ जुलाई २०२६, शुक्रवार) का यह पावन पर्व है। इस वापसी यात्रा के अवसर पर महाप्रभु के चरणों में समर्पित, अत्यंत सरल, रसाळ और तुकबंदी वाली ७ छंदों की यह दीर्घ कविता प्रस्तुत है, जो हर भक्त के हृदय को भक्ति-रस से सराबोर कर देगी! 🌼🎶🙌🐚🌿 

दीर्घ हिंदी कविता (Exact Translation) 📜🎵

छंद १
पुरी में आज पर्व बहुड़ा का आया,
वापसी के इस सफर ने मन हर्ष छाया।
रथ खींचते भक्त भाविक तल्लीन होइ,
जयघोष गाते सब नयन भर जोइ।।
🙏📿💛🌼✨ 

छंद २
नंदीघोष रथ चले आगे सजकर,
बलभद्र-सुभद्रा के रथ गूंजे स्वर।
गुंडिचा से देव अब मंदिर को जाते,
दर्शन पाकर सब भक्त तृप्त हो जाते।।
🥁🎶🙌👣🌿 

छंद ३ 

मौसी के घर से निकले यह स्वामी,
ऐसा दयालु देव नहीं अंतर्यामी।
रथ पर सवार होकर मार्ग बढ़ाते,
भक्तों की पुकार पर दौड़े चले आते।।
📿🌊🌺✨👐 

छंद ४
जय जगन्नाथ जय हरि नाम का गजर,
भक्ति का उमड़े मन में विशाल सागर।
ताल-मृदंग की धुन पर नाचते जन,
देखकर सांवला रूप तृप्त होता मन।।
🌸📿💛🙏✨ 

छंद ५
पुनर्यात्रा की यह घड़ी सुहानी आई,
धन्य हुई आज यह पावन वसुन्धरा माई।
महाप्रभु के चरणों में मस्तक झुकाएं,
जन्म-जन्म उनके गुणगान गाएं।।
🚩👣🎶🙌💛 

छंद ६
मोती मणियों की माला सजे गले में,
भक्तों का सैलाब उमड़ा हर रस्ते में।
रथ खींचने का भाग्य सबको मिल जाए,
जीवन का सार इस मार्ग में आ जाए।।
📿✨🙏🌼🌿 

छंद ७
आया बहुड़ा दिवस पवित्र यह काल,
नित्य स्मरण करें देव जगन्नाथ गोपाल।
कृपा बरसे ऐसी हम पर निरंतर,
चरण-सेवा मिले हमको जीवनभर बनकर।।
🙌💛📿🌸🚩

हिंदी कविता का सारांश (Meaning & Summary) 📌
संक्षिप्त अर्थ व समग्र भाव: यह कविता श्री जगन्नाथ पुरी की पवित्र बहुड़ा यात्रा (पुनर्यात्रा) पर आधारित है। गुंडिचा मंदिर से महाप्रभु श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की वापसी यात्रा, रथ खींचने के उल्लास और भक्तों के जयघोष का सुंदर वर्णन इसमें किया गया है। भगवान के चरणों में समर्पित होकर निरंतर उनकी कृपा पाने की लालसा व्यक्त की गई है। 

Emoji Summary: 🙏📿💛🌼✨ 🥁🎶🙌👣🌿 📿🌊🌺✨👐 🌸📿💛🙏✨ 🚩👣🎶🙌💛 📿✨🙏🌼🌿 🙌💛📿🌸🚩

Word Summary: बहुड़ा यात्रा, पुनर्यात्रा, रथोत्सव, नंदीघोष, मौसी घर, जय जगन्नाथ, ताल-मृदंग, सांवला रूप, चरण-सेवा। 

पाद-टिप्पणी (Footnote): श्री जगन्नाथ पुरी की यह पावन बहुडा यात्रा सभी भक्तों के जीवन में अपार सुख, शांति और महाप्रभु जगन्नाथ का आशीर्वाद लेकर आए! 🌼🙏✨

--अतुल परब
--दिनांक-24.07.2026-शुक्रवार.
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