हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि और 'राष्ट्रकवि' मैथिलीशरण गुप्त का जन्म-🖋️ 📖

Started by Atul Kaviraje, August 04, 2026, 12:14:19 PM

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Atul Kaviraje

03.08.2026-MONDAY-
Notable Birthdays for August 3
मैथिलीशरण गुप्त (Maithili Sharan Gupt)
कार्यक्षेत्र (Field of Work): हिंदी साहित्य आणि कविता (Hindi Literature & Poetry)

हिंदी (Hindi Translation):
नाम: मैथिलीशरण गुप्त
कार्यक्षेत्र: आधुनिक हिंदी साहित्य के खड़ी बोली के प्रतिष्ठित कवि। महात्मा गांधी ने उन्हें 'राष्ट्रकवि' की उपाधि दी थी।
जन्म तिथि: मंगलवार, 03 अगस्त 1886

हिंदी प्रस्तावना (हिंदी कविता से पहले) 🌟🇮🇳🎉
३ अगस्त १८८६ को आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि और 'राष्ट्रकवि' मैथिलीशरण गुप्त का जन्म हुआ था। उनकी खड़ी बोली की कविताओं और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत रचनाओं ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। इसी महान राष्ट्रकवि के जन्मदिवस पर आधारित यह एक सरल, सुंदर और रसयुक्त कविता है।

🖋� दीर्घ हिंदी कविता 🖋�

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त हैं हिंदी के आभूषण,

उनकी रचनाओं से सजा देश का यह प्रांगण।

खड़ी बोली के सुरों से रची उन्होंने गाथाएँ,

भारत के हर दिल की बनीं वे प्यारी बातें।

🖋�📖🇮🇳🌟🎯

महात्मा गांधी ने दी उन्हें राष्ट्रकवि की पदवी,

देशभक्ति की उनकी वाणी कभी न हुई फीकी कभी।

'भारत-भारती' लिखकर जगाया उन्होंने सारा देश,

आज़ादी के संग्राम में भरा नया जोश और वेश।

📜✨🗺�🕊�💫

अक्षशः उनकी कलम से बही प्रेम की गंगा,

समाज को जागृत करने वाला था उनका वह रंगा।

संस्कृति का अभिमान और मिट्टी की सोंधी खुशबू,

हर एक पंक्ति में दिखे उनका वह अनूठा जादू।

🌿🌾🌸💎✨

प्रकृति और मानवीय मूल्यों का कराया महान दर्शन,

अपनी कविताओं से जीता सबका मन समर्पण।

उर्मिला और यशोधरा का दर्द जग को दिखलाया,

नारी शक्ति का मान उन्होंने पूरी दुनिया में बढ़ाया।

💪🏆🔥🤝👑

आज उनके जन्मदिवस पर शत-शत नमन हमारा,

जिन्होंने बढ़ाया साहित्य का यह गगन तारा।

उनके विचार आज भी देते हैं हमें बड़ी प्रेरणा,

सत्य और धर्म के पथ पर चलने की चेतना।

🙏💐🌟💖🚀

चलो हम भी चलें उनके दिखाए हुए इस मार्ग पर,

देशसेवा के वास्ते रखें कदम हर दम आगे बढ़कर।

साहित्य की यह ज्योति यूँ ही जलती रहे सदा,

राष्ट्रकवि का नाम रहे अमर सदा सर्वदा।

🎶🎵🌈🎉🌍

अमर हो गए वे दुनिया में अपने महान कर्मों से,

उनकी यादें बसी हैं हमारे दिल और धर्मों से।

इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण अक्षरों में अंकित नाम,

राष्ट्रकवि गुप्तजी को हमारा सादर प्रणाम।

✨📜🏆💎🇮🇳

📝 हिंदी कविता सारांश और शब्दों का गोषवारा (Summary)
केवल शब्दों का सारांश: राष्ट्रकवि, साहित्य, खड़ी बोली, देशभक्ति, भारत-भारती, प्रेरणा, और अमर।

केवल इमॉजीतला सारांश: 🖋� 📖 🇮🇳 🌟 🎯 📜 ✨

💡 टीप (Foot-note / तळटीप - हिंदी) 📌
टीप: यह कविता ३ अगस्त १८८६ को जन्मे आधुनिक हिंदी साहित्य के 'राष्ट्रकवि' मैथिलीशरण गुप्त की जयंती के अवसर पर उनके महान साहित्यिक और देशभक्तिपूर्ण योगदान को समर्पित है। 🇮🇳

--अतुल परब
--दिनांक-03.08.2026-सोमवार.
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