राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त-🙏 ✨ 🕊️ 🌸 🌿 🌟 🕯️ 1🌺 💖 🌻 🎶 🍃 💫 🌬️ 🌷 🔔 👗

Started by Atul Kaviraje, August 04, 2026, 12:22:38 PM

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Atul Kaviraje

03.08.2026-MONDAY-
Aug 3, 1886
Maithili Sharan Gupta, first man of modern Hindi poetry and literature, writer, patriot and social worker, was born at Chirgaon village near Jhansi.

दिन का महत्व और परिचय (हिंदी):

आज 03 अगस्त 2026 को आधुनिक हिंदी कविता और साहित्य के प्रथम पुरुष, महान देशभक्त, लेखक और समाजसेवक राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी की जयंती है। इनका जन्म 1886 में झाँसी के पास चिरगाँव में हुआ था। उनकी प्रसिद्ध रचना 'भारत-भारती' ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों में देशभक्ति की अद्भुत अलख जगाई थी। उनके साहित्य में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और मानवीय मूल्यों का अनूठा संगम देखने को मिलता है। 📚🇮🇳

📜 दीर्घ हिंदी कविता: राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त

कडवे १
चिरगाँव की धरती पर, दीप आज जल उठा

भारत का वह महान सपूत, जग में है बढ़ा

मैथिलीशरण गुप्त नाम, अमर जिसका यश है

साहित्य गगन का सूरज, यह पावन संत देश है

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कडवे २
भारत-भारती के स्वर से, मन सारा मोह लिया

देशभक्ति का पैगाम, अक्षर-अक्षर में भर दिया

गुलामी के अंधियारे में, जलाई अलख नई

शब्दों की इस ताकत से, हर पीड़ा मिट गई

🕯� 🌟 🌺 💖 🌻

कडवे ३
राष्ट्रप्रेम की मशाल को, हाथों में थाम लिया

संस्कृति के गौरव को, दुनिया में मान दिया

उपेक्षितों और नारियों को, सम्मान दिलाया है

कविता के माध्यम से, नया पाठ पढ़ाया है

🎶 🍃 🕊� ✨ 💫

कडवे ४
झाँसी की इस माटी से, खुशबू जो महकी है

साहित्य जगत में उनकी, महिमा ही अनूठी है

रामभक्ति और सेवा का, व्रत उन्होंने पाला

राष्ट्रकवि बनकर उन्होंने, रोशन किया उजाला

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कडवे ५
आज उनकी जयंती पर, हम सुमन चढ़ाते हैं

उनके पावन विचारों को, दिल में बसाते हैं

आधुनिक हिंदी कविता के, जो थे आधार स्तम्भ

उनके जैसा कोई ना दूजा, न कोई विलंब

👗 🌍 ✨ 💫 🌻

कडवे ६
आज़ादी के आंदोलन में, ओजस स्वर गूंजा था

हर भारतवासी के मन में, देशभक्ति गूंजा था

मातृभूमि के चरणों में, समर्पित हर एक पल

ऐसे महान कवि को, नमन करे आज सकल

🤝 🎶 🕊� 💖 🌸

कडवे ७
अमर रहे कीर्ति उनकी, अमर रहे यह गान

गुप्तजी के विचारों से, बढ़े देश की शान

संस्कृति और मानवता का, संदेश जो फैलाए

ऐसे वंदनीय कवि को, शत-शत बार झुकाए

🙏 🌺 🕯� 🌟 ✨

📋 हिंदी कविता सारांश (Emoji और शब्दों में)
Emoji सारांश: 🙏 ✨ 🕊� 🌸 🌿 🌟 🕯� 1🌺 💖 🌻 🎶 🍃 💫 🌬� 🌷 🔔 👗 🌍 🤝

शब्दों में सारांश: राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जन्मजयंती के अवसर पर उनके महान योगदान, देशभक्ति और साहित्यिक कृतियों को याद करते हुए यह कविता समर्पित है।

📌 हिंदी पाद-टिप्पणी (Foot-note)
नोट: मैथिलीशरण गुप्त जी का साहित्य राष्ट्रवाद और मानवीय संवेदनाओं का अनमोल खजाना है, जो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

--अतुल परब
--दिनांक-03.08.2026-सोमवार.
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