क्यों ना कहूँ

Started by शिवाजी सांगळे, August 04, 2026, 02:40:25 PM

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शिवाजी सांगळे

क्यों ना कहूँ

आवाज मत देना मुझे, आज के बाद
चाहे तो चलूँगा अकेले, आज के बाद

जो उम्मीदें लगाई थी मैंने हमारे लिए
शायद ध्वस्त होगी सब,आज के बाद

जानता हूं, दौर मुसिबतों का आता हैं
नाराज हूं, और सोचूंगा आज के बाद

सवाँर था भूत,कि कुछ कर गुजार दूँ
हौसला तोड दिया तुने, आज के बाद

देखकर भी अधूरे रहें,ख्वाब ऐ ज़िंदगी
क्यों ना कहूँ अलविदा, आज के बाद

©शिवाजी सांगळे 🦋 papillon
संपर्क: +९१ ९५४५९७६५८९
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