फुकरापंती छोड़ो और मेहनत से नाता जोड़ो

Started by Atul Kaviraje, August 11, 2026, 10:27:15 PM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

प्रस्तावना (हिंदी):
प्रस्तुत कविता एक वास्तविक और हास्यप्रद किंतु सीख देने वाली रचना है। जीवन में केवल बातें बनाने, किस्मत को कोसने और समय बर्बाद करने के बजाय मेहनत को अपनाना कितना जरूरी है, इसे इस कविता में बखूबी दर्शाया गया है।

शीर्षक: फुकरापंती छोड़ो और मेहनत से नाता जोड़ो

फालतू की बातें करके वक्त मत गंवाओ,
बकवास करने से दुनिया में कोई बड़ा नहीं बनता, सीखो,
बिना काम के आखिर यह कैसा ढोंग है रचना,
जिंदगी को सफल बनाना है तो कड़ी मेहनत करना।
(व्यर्थ की बातचीत में समय नष्ट न करें, मेहनत से ही जीवन में सफलता मिलती है।)

कंजूसी के इस चक्रव्यूह में मत बंधे रहो,
मजदूरी पर जीते हुए खुद को न भूलो,
पैसों के मोह में इंसान ऐसे ही फंस जाता है,
सपनों का महल सारा पानी में बह जाता है।
(कंजूसी और पैसों के पीछे अंद्रे की तरह भागने से केवल बर्बादी हाथ लगती है।)

मौका मिलते ही अपनी किस्मत को बदल डालो,
हर एक मुसीबत पर मेहनत की मार चलाओ,
दूसरों के कंधों पर कभी मत जीते रहो,
अपने हाथों से अपना भाग्य खुद ही लिखो।
(अवसर मिलने पर कड़ी मेहनत से अपनी तकदीर खुद संवारें।)

वक्त निकल जाने के बाद हाथ क्या आता है,
रोने से बेहतर है नया रास्ता खोजा जाए,
फ्री की सलाह से कभी घर नहीं चलता,
बिना कर्म किए दुनिया में मान नहीं मिलता।
(समय बीत जाने पर केवल पछतावा बचता है, इसलिए कर्म पर ध्यान दें।)

शादी की चिंता में खुद को परेशान न करो,
करियर बनाकर पहले खुद को योग्य बनाओ,
लगन से काम करोगे तो सफलता जरूर मिलेगी,
जीवन की यह राह फिर सुखी हो जाएगी।
(भविष्य की फिक्र करने से पहले अपने वर्तमान को सुधारें और मेहनत करें।)

दूसरों पर निर्भर रहना अब छोड़ दीजिए,
अपने ही पैरों पर मजबूत होकर खड़े रहिए,
मुश्किलें चाहे जितनी हों, पीछे मत हटिए,
यही तो है इंसान का सही और सुंदर जीना।
(स्वावलंबी बनें और हर चुनौती का डटकर सामना करें।)

छोड़ दो यह सारी फालतू की बकवास की आदत,
अब अपना लो सच्ची और पक्की मेहनत,
प्रगति के पथ पर आगे कदम बढ़ाओ,
अपने जीवन को सुंदर और सार्थक बनाओ।
(व्यर्थ की बातें छोड़िए और कर्मठता को अपनाकर जीवन सफल बनाइए।)

संकलन: अतुल परब
दिनांक: 11 अगस्त, 2026-TUESDAY