बाढ़ में डूबा संसार🌊🏚️🌧️💧😢 🌊🏚️🌧️💧😢 🌊🏚️🌧️💧😢 🌊🏚️🌧️💧😢 🌊🏚️🌧️💧

Started by Atul Kaviraje, August 24, 2026, 01:55:06 PM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

दीर्घ हिंदी कविता - बाढ़ में डूबा संसार (दुःखद कविता)

कडवे १
बाँध का पानी अचानक छोड़ दिया जब प्रवाह में,
हाहाकार मच गया पूरे गाँव की हर एक राह में;
प्रकृति का रूप बना भयानक और विकराल यहाँ,
भागने की भी अब तो कोई न बची थी राह वहाँ।
🌊🏚�🌧�💧😢

कडव्याचा अर्थ: बाँध से पानी छोड़ने पर मचे हाहाकार और विकराल रूप के कारण भागने का कोई रास्ता नहीं बचा था।

कडवे २
महाबाढ़ में सब कुछ एक पल में बह गया,
जो था पास हमारे वह सब पानी में मिल गया;
आशिकी और उम्मीद का हर एक दिया बुझ गया,
बेकसूर लोगों का आशियाना धाराशायी हो गया।
🌊🏚�🌧�💧😢

कडव्याचा अर्थ: बाढ़ में सब कुछ बह गया, उम्मीदें बुझ गईं और बेकसूर लोगों के आशियाने तबाह हो गए।

कडवे ३
जान-माल के नुकसान की कोई गिनती नहीं रही,
किसकी अर्थी कहाँ उठी किसी को सुध नहीं रही;
रोने-बिलखने की आवाज़ों से धरती काँप उठी,
दुःख की काली चादर हर तरफ आकर लिपट गई।
🌊🏚�🌧�💧😢

कडव्याचा अर्थ: जान-माल की कोई गिनती नहीं बची और रोने-बिलखने की आवाज़ों से पूरी धरती काँप उठी।

कडवे ४
बरसों की खून-पसीने की कमाई जो थी हमारी,
वह सब इस जल प्रलय में डूब गई सारी;
बच्चों की किताबें और गृहस्थी की हर एक चीज़,
आँखों के सामने हो गई पलभर में बिलकुल करीब।
🌊🏚�🌧�💧😢

कडव्याचा अर्थ: बरसों की कमाई जल प्रलय में डूब गई और गृहस्थी का हर सामान आँखों के सामने नष्ट हो गया।

कडवे ५
उस अंधरी रात में किससे फरियाद करें हम,
बेसहारा होकर कहाँ अपनी जान को ले चलें हम;
आँखों से बहते अश्कों का अब समंदर बन गया,
हताश होकर आसमान को ताकता हर इंसान रह गया।
🌊🏚�🌧�💧😢

कडव्याचा अर्थ: उस अंधरी रात में फरियाद किससे करें, आँखों से समंदर बह निकला और लोग हताश हो गए।

कडवे ६
मवेशी और खेतों की फसलें सब कुछ गईं बह,
जिंदगी का कोई भी अब सहारा नहीं रहा रह;
आँखों के सामने उजड़ गया सपनों का आशियाना,
दुःख के इस पहाड़ ने सबको है रुलाना।
🌊🏚�🌧�💧😢

कडव्याचा अर्थ: मवेशी और फसलें बह जाने से कोई सहारा नहीं बचा और सपनों का आशियाना उजड़ गया।

कडवे ७
अब तो बस बची हैं वीरानी और यादों के निशान,
किसको सुनाएँ हम अपने टूटे हुए दिल का अरमान;
प्रकृति के इस खेल के आगे किसकी चली है शान,
खाली हाथों से जीने की अब रह गई है दास्तान।
🌊🏚�🌧�💧😢

कडव्याचा अर्थ: अब केवल वीरानी और यादें बची हैं, क्योंकि प्रकृति के आगे किसी की नहीं चलती और खाली हाथ दास्तान रह जाती है।

हिंदी कविता - इमोजी सारांश (Emoji Summary)
🌊🏚�🌧�💧😢 🌊🏚�🌧�💧😢 🌊🏚�🌧�💧😢 🌊🏚�🌧�💧😢 🌊🏚�🌧�💧😢 🌊🏚�🌧�💧😢 🌊🏚�🌧�💧😢

हिंदी कविता - शब्द सारांश (Word Summary)
प्रवाह, महाबाढ़, नुकसान, कमाई, फरियाद, फसलें, दास्तान।

हिंदी कविता तळटीप (Footnote)
टीप: बाढ़ की विभीषिका और उजड़े हुए परिवारों के दर्द को समर्पित यह भावुक रचना है।

===========================================
--संकलन --अतुल परब--24.08.2026-सोमवार..
===========================================