श्री माउली देवी यात्रा (बेंद्री, तासगाँव)

Started by Atul Kaviraje, August 31, 2026, 10:52:50 AM

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Atul Kaviraje

SHRI MAAULI DEVI YAATRAA-BENDRI, TALUKA-TAASGAAV-

सांगली जिल्ह्यातील तासगाव तालुक्यातील बेंद्री येथील श्री माउली देवीची यात्रा म्हणजे भक्ती आणि प्रेमाचा एक पावन सोहळा. माउली मातेच्या चरणी अर्पण केलेली ही ७ कडव्यांची रसाळ मराठी कविता:

श्री माउली देवी यात्रा (बेंद्री, तासगाँव)

१. पद (Pad 1)
तासगाँव की गोद में, बेंद्री गाँव है सजा,
माउली के रूप में, भक्तों का भाग्य जगा।
यात्रा का यह समय आया, माता की शान नई,
चरणों में आने से, खुशियाँ हमें मिल गई।
(अर्थ: तासगाँव के बेंद्री में माउली देवी की यात्रा सजी है। माता के चरणों में आने से भक्तों का भाग्य चमक गया है।)

२. पद (Pad 2)
नागझरी के गोमाजी जैसा, सबको है यहाँ विश्वास,
माउली की भक्ति में, होता सुख का अहसास।
माँ तेरी ममता बड़ी, बच्चों का तू आधार,
दर्शन मात्र से तेरे, होता बेड़ा पार।
(अर्थ: नागझरी की तरह यहाँ भी अगाध श्रद्धा है। माता की ममता सबका सहारा है।)

३. पद (Pad 3)
हलगी की उस गूँज में, शहनाई का मधुर सुर,
माउली के नाम से, दुःख हो जाते सब दूर।
गुलाल की है उड़ान और, माथे पर है भंडारा,
भक्तों के इस प्रेम का, बहता है यहाँ धारा।
(अर्थ: हलगी और शहनाई के साथ माता का उत्सव मन को भाता है। भक्त खुशियाँ मना रहे हैं।)

४. पद (Pad 4)
बेंद्री की इस मिट्टी में, कुदरत का सुंदर रूप,
माउली की ज्योत से, जलते मन के दीप।
संकट के हर काले बादल, माता तू ही रोकती,
भक्तों की हर पुकार पर, तू ही आगे आती।
(अर्थ: माता की ज्योति मन को रोशन करती है और वे संकटों से रक्षा करती हैं।)

५. पद (Pad 5)
भजन के इन सुरों में, खोए हैं सब लोग,
माउली माँ के चरणों में, मिला भक्ति का संयोग।
अखंड यह जयघोष है, 'माँ का उदो उदो' नारा,
शांति मिले मन को यहाँ, बहे प्रेम की धारा।
(अर्थ: 'माँ का उदो उदो' के नारों के साथ भक्त भजन में लीन हैं।)

६. पद (Pad 6)
महाप्रसाद की मिठास, तृप्त करे सबको यहाँ,
भक्ति के इस भाव जैसा, और सुख है कहाँ?
नत मस्तक हूँ आज मैं, आपके पावन चरणों में,
कीर्ति आपकी महकती, धरती के कण-कण में।
(अर्थ: महाप्रसाद और भक्ति का सुख अनमोल है।)

७. पद (Pad 7)
युगों युगों की परंपरा, बेंद्री ने है पाली,
भक्तों की इस टोली पर, बरसे कृपा निराली।
श्री माउली माता की जय, गूँजे यह सारा आसमान,
भक्ति का यह उत्सव, बढ़ाए सबका मान।
(अर्थ: बेंद्री ने यह महान परंपरा युगों से निभाई है। माता के जयकारों से यह उत्सव अमर हो गया है।)

📊 पीपीटी (PPT) आराखडा
Slide 1: "श्री माउली देवी यात्रा सोहळा २०२६ - बेंद्री (तासगाव)".

Slide 2: बेंद्री गावाचा इतिहास आणि माउली मंदिराचे पौराणिक महत्त्व.

Slide 3-5: मराठी कविता (७ कडवे) - पालखी सोहळा आणि भक्तांच्या उत्साहाचे फोटो.

Slide 6-8: हिंदी अनुवाद - "माउली माँ की महिमा".

Slide 9: यात्रेचे आकर्षण: देवीचा छबिना, कुस्त्यांचे मैदान आणि महाप्रसाद.

Slide 10: Emoji Summary आणि "माउली प्रसन्न" संदेश.

--अतुल परब
--दिनांक-२३.०३.२०२६ - सोमवार.
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