क्रांति के त्रिमूर्ति (भगत, सुखदेव, राजगुरु)🇮🇳 🚩 🙏 ✨ 🕊️ 📢 ✊ 💖 🕉️ 🔥 😊

Started by Atul Kaviraje, September 01, 2026, 10:54:14 AM

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Atul Kaviraje

KRAANTIVIR BHAGATSINGH, SUKHADEV V RAAJAGURU SHAHID DIN-

क्रांतिवीर भगतसिंग, सुखदेव आणि राजगुरु यांच्या २३ मार्च १९३१ रोजीच्या सर्वोच्च बलिदानाची स्मृती म्हणजे भारताच्या स्वातंत्र्यलढ्यातील सर्वात तेजस्वी पान. या तीन महान सुपुत्रांच्या चरणी कृतज्ञता अर्पण करणारी ही ७ कडव्यांची मराठी कविता:

क्रांति के त्रिमूर्ति (भगत, सुखदेव, राजगुरु)

१. पद (Pad 1)
२३ मार्च का वह दिन, इतिहास में है अमर,
भगत, सुखदेव, राजगुरु की, गूँजी है डगर-डगर।
फाँसी का वह फंदा भी, देख उन्हें रहा था,
क्रांति का वह सूर्य, हँसते-हँसते जा रहा था।

२. पद (Pad 2)
नागझरी के गोमाजी जैसा, सबको है यहाँ विश्वास,
शहीदों की इस भक्ति में, होता गौरव का अहसास।
देश की खातिर जिए वे, देश की खातिर मरे,
इन्कलाब के नारे, हर दिल में हैं हरे।

३. पद (Pad 3)
'इन्कलाब जिंदाबाद' का, गूँज उठा वह स्वर,
अंग्रेजी हुकूमत पर, प्रहार किया था प्रखर।
साँकलियों में भी वे, सिंहों जैसा गरजे,
आज़ादी के स्वप्न पर, अपने प्राण ही दे डाले।

४. पद (Pad 4)
मातृभूमि की मिट्टी में, शौर्य का सुंदर रूप,
क्रांति की इस ज्वाला से, जले राष्ट्र के दीप।
संकट के हर काले बादल, वीरों ने ही रोके,
गुलामी की जंजीरों को, लहू से अपने तोड़े।

५. पद (Pad 5)
देशभक्ति के सुरों में, खोए हैं सब लोग,
शहीद दिवस पर मिला, श्रद्धा का शुभ संयोग।
अखंड यह जयघोष है, 'क्रांतिवीर अमर रहें' नारा,
शांति मिले मन को यहाँ, बहे गर्व की धारा।

६. पद (Pad 6)
त्याग की उस मिठास का, महिमा सबसे न्यारी,
शौर्य के इस भाव से, तृप्त दुनिया सारी।
नत मस्तक हूँ आज मैं, आपके पावन चरणों में,
कीर्ति आपकी महकती, धरती के कण-कण में।

७. पद (Pad 7)
युगों युगों की परंपरा, भारत ने है पाली,
क्रांतिकारी बेटों की, छाया मिली निराली।
भगत-सुखदेव-राजगुरु अमर रहें, गूँजे सारा आसमान,
भक्ति का यह उत्सव, बढ़ाए सबका मान।

📊 पीपीटी (PPT) आराखडा
Slide 1: "क्रांतीचे त्रिमूर्ती: भगतसिंग, सुखदेव, राजगुरु शहीद दिन" (तिरंग्याची पार्श्वभूमी).

Slide 2: २३ मार्च १९३१ - लाहोर कट खटला आणि फाशीचा ऐतिहासिक संदर्भ.

Slide 3-5: मराठी कविता (७ कडवे) - क्रांतीकारकांच्या फोटोंसह.

Slide 6-8: हिंदी अनुवाद - "शहीद वीर महिमा".

Slide 9: इन्कलाब झिंदाबाद: त्यांनी दिलेला वैचारिक वारसा आणि तरुणांसाठी प्रेरणा.

Slide 10: "शहीद वीर अमर रहे" - कृतज्ञतापूर्वक नमन.

EMOJI SUMMARY
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--अतुल परब
--दिनांक-२३.०३.२०२६ - सोमवार.
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