मौत कब छलांग लगाएगी?कभी भी पड़ेगी मृत्यु की छलांग💀 ⏳ 🌑 🥀 🌊 🌪️ ⚡ 🕯️ 🍂 🕰️

Started by Atul Kaviraje, September 01, 2026, 11:20:08 AM

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Atul Kaviraje

ज़िंदगी पर कविता-सच

मौत कब छलांग लगाएगी?

ज़िंदगी का एक आखिरी सच, जिसे कोई टाल नहीं सकता, जो तय है, वो बस एक ही है - ये मौत जिसे "मौत" कहते हैं।
जिसके पास ज़िंदगी है, उसकी मौत भी है, ये कानून में लिखा है, इस मौत के चंगुल से कोई आज़ाद नहीं है, कोई नहीं बता पाया कि ये कब छलांग लगा देगी, ज्योतिष भी इसके आगे फीकी पड़ जाएगी, ये मौत कभी पहले से बताकर, पहले से बताकर नहीं आती। कब आई और कब चली गई, कुछ कहा नहीं जा सकता, आने के बाद पता चलता है कि ये किसी को अपने साथ ले गई।
तो ऐसी है ये मौत। तो ऐसी है ये मौत।
आइए जितना हो सके उतना जीने की कोशिश करें, वो भी अच्छे से, अच्छे दिल से, क्योंकि पता नहीं कब समय हमारे सामने आ जाए।

कभी भी पड़ेगी मृत्यु की छलांग

हिंदी प्रस्तावना:
प्रस्तुत कविता मानव जीवन के सबसे बड़े और एकमात्र शाश्वत सत्य यानी मृत्यु पर आधारित है। जिसे जन्म मिला है, उसकी मृत्यु अटल है, यह विधिनिर्मित सत्य है। यह मृत्यु कब, कैसे और कहाँ झपट्टा मारेगी, यह आज तक कोई नहीं बता सका। ज्योतिष शास्त्र भी जिसके आगे नतमस्तक हो जाता है, ऐसे इस अकस्मात आने वाले सत्य का भान रखते हुए, हर पल को अच्छे मन से और खुलकर जीने का संदेश यह रचना देती है।

कभी भी पड़ेगी मृत्यु की छलांग

कभी भी पड़ेगी मृत्यु की छलांग
यह जीवन का शाश्वत और अटल सत्य
टाल न सके इसे कभी भी कोई प्राणी,
ऐसी है यह मृत्यु की अजेय काली छाया।
💀 ⏳ 🌑 🥀 🌊

विधिलिखित यह नियम सृष्टि का सारा
जिसे मिला जन्म उसे मरण भी धारा
बिना पूर्व सूचना के आ धमकता है यह कभी,
ऐसी है यह मृत्यु की अजेय काली छाया।
🌪� ⚡ 🕯� 🍂 🕰�

ज्योतिष शास्त्र की बुद्धि भी यहाँ फीकी पड़े
कब भर ले उड़ान यह कोई न जान सके
आया चुपचाप और किसी को ले गया संग,
ऐसी है यह मृत्यु की अजेय काली छाया।
👁� 🌫� 🚪 👣 🌌

इसीलिए जितना जी सकें खुलकर जी लेते हैं
मन के हर रिश्ते को प्रेम से सींच लेते हैं
कब आ जाए काल-दंड किसी को पता नहीं,
ऐसी है यह मृत्यु की अजेय काली छाया।
💖 🤝 🌸 ✨ 🍃

अच्छे मन से सबके चेहरे पर हंसी लाएं
हर एक श्वास में जीवन का संगीत गाएं
कल की शाम जाने कैसी हो नियति की,
ऐसी है यह मृत्यु की अजेय काली छाया।
🌅 🌻 💧 📿 🌟

अस्तित्व की यह नमी आज अपनी ही है
मिट्टी की यह काया मिट्टी में मिल जानी है
जाते-जाते पीछे केवल पदचिह्न रह जाएं,
ऐसी है यह मृत्यु की अजेय काली छाया।
🪙 🌹 📜 👑 🙏

सत्य यही अंत में रहता है जग में शेष
नश्वर है यह माया और यह सारा संसार
इसलिए हँसते-मुख इस सफर को पूरा करें,
ऐसी है यह मृत्यु की अजेय काली छाया।
👑 🌺 🌿 📿 🙏

हिंदी कविता सारांश / अर्थ (संक्षेप में):
पहले पद में मृत्यु को जीवन का अटल और अकाट्य सत्य बताया गया है। दूसरे पद में बिना सूचना दिए मृत्यु के आने के नियम का जिक्र है। तीसरे पद में ज्योतिष के फेल होने और अकस्मात ले जाने की बात है। चौथे पद में जीवन को प्रेम से जीने और काल के अनिश्चित होने का संदेश है। पांचवें पद में अच्छे मन से जीने की प्रेरणा है। छठे पद में नश्वर काया और मिट्टी में मिलने का सत्य है। सातवें पद में इस नश्वर संसार में हँसते हुए सफर पूरा करने की भावना है।

इमोजी सारांश (हिंदी):
💀 ⏳ 🌑 🥀 🌊 🌪� ⚡ 🕯� 🍂 🕰� 👁� 🌫� 🚪 👣 🌌 💖 🤝 🌸 ✨ 🍃 🌅 🌻 💧 📿 🌟 🪙 🌹 📜 👑 🙏 👑 🌺 🌿 📿 🙏

विशेष टिपण्णी (हिंदी तळटीप):
मृत्यु इस संसार का सबसे बड़ा और शाश्वत सच है। इस यथार्थ को स्वीकार करते हुए यदि हम अपना जीवन प्रेम, परोपकार और आनंद के साथ जिएं, तो हमारा जीवन धन्य हो जाता है।

संकलन --अतुल परब--01.09.2026-TUESDAY.