रूठा पर्जन्य और सखा की पुकार - संकट का समाधान🌧️ ⏳ 💧 🥺 🤝 🌧️ ⏳ 💧 🥺 🤝 🌧️ ⏳

Started by Atul Kaviraje, September 02, 2026, 06:26:36 PM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

ऐसा ही एक समय था, अभी पिछले महीने, पिछले महीने बारिश इतनी तेज़ थी कि सब लोग बेसब्री से उसका इंतज़ार कर रहे थे। अभी आएगी, कल आएगी, पर वो कभी आई ही नहीं, सबके शरीर से पसीना बहने लगा और आँखों से आँसू बहने लगे, पानी के बिना सबकी ज़िंदगी सूख गई, आखिर में सब मेरे पास ऐसे आए जैसे कोई और चारा ही न हो, अब सब जान गए थे कि मैं बारिश का सच्चा दोस्त हूँ, मैंने बस बारिश से बात की और वो तुरंत दौड़ी चली आई, ये बात अब तक सब अच्छी तरह जान गए थे।

हिंदी प्रस्तावना
जब प्रकृति रूठ जाती है और पानी की एक-एक बूंद के लिए इंसान तरसने लगता है, तब जीवन कितना कठिन हो जाता है। ठीक पिछले महीने ऐसा ही हुआ जब बादल पूरी तरह खामोश रहे। तब सबकी उम्मीदें उस शख्स पर टिकीं जो प्रकृति के उस रूप का सच्चा मित्र था। इस रचना में संकट के उस पल और मित्रता की ताकत का सजीव वर्णन है।

शीर्षक: रूठा पर्जन्य और सखा की पुकार - संकट का समाधान

ठीक पिछले महीने की यह सच्ची है बात,
जब पाऊस ऐसा रूठा कि सूनी हो गई हर एक प्रात।
नयनों में प्राण बसाकर सब ताक रहे थे अंबर,
पर वह ढिम्म न हिला, छाया रहा मौन बनकर।
अर्थ: पिछले महीने पाऊस रूठ गया था और सब उसकी टकटकी लगाकर राह देख रहे थे। 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝

तन से बहने लगीं पसीने और आंखों से आंसू की धारा,
पानी के बिना जैसे बिखर गया जग सारा।
हर कोई बेबस होकर तड़प रहा था प्यास से,
टूट चुकी थी सांसें उस एक-एक आस से।
अर्थ: पानी के बिना सभी का जीवन कासावीस हो गया और आंखों से आंसू बहने लगे। 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝

जब कोई भी चारा बाकी न रहा इस संसार,
सबके सब दौड़कर आए मेरे ही द्वार।
वे सब जानते थे अच्छी तरह मेरा वह नाता,
कि मेरा एक इशारा सुनते ही दौड़ा आता है विधाता।
अर्थ: जब कोई उपाय नहीं बचा तो सब मेरे पास आए क्योंकि वे जानते थे कि मैं पावसा का मित्र हूं। 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝

मैंने जो ही पुकारा, वह दौड़ा चला आया तुरंत,
मेरे एक ही कहने पर बरस गया वह संतत।
नयनों के सारे पारणे तृप्त होकर आज खिल गए,
जब उस रूठे सखा से मेरे प्राण आके मिल गए।
अर्थ: मेरे बुलाने पर पाऊस तुरंत आ गया और सबके नयन तृप्त हो गए। 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝

मित्रता की इस ताकत ने मिटा दिया हर एक गम,
सूखे हुए बंजर खेतों में नाच उठा फिर से हर एक दम।
धन्य हो गई मेरी काया और धन्य हुआ यह संसार,
मित्र के आने से ही तो हुआ सबका बेड़ा पार।
अर्थ: मित्रता के प्रभाव से सारे संकट दूर हो गए और जीवन फिर से खिल उठा। 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝

सुखों का यह कारवां देखकर भर आए मेरे नयन,
सखा के इस प्रेम से महक उठा यह पावन चमन।
ऐसी ही दोस्ती हमारी सदा अमर और अचल रहे,
जब भी संकट आए, मेरा सखा मेरे संग चले।
अर्थ: सखा के इस प्रेम और दोस्ती की मिसाल हमेशा कायम रहे। 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝

असाच मेरा मित्र मुझ पर अपनी कृपा बरसाता रहे,
संकट की हर बेला में वह यूं ही दौड़ता आए।
नयनों में प्राण बसाकर अब न कभी देखना पड़े,
मित्रता की छांव में हमारा जीवन हमेशा आगे बढ़े।
अर्थ: मित्रता और प्रकृति का यह बंधन हमेशा यूं ही बना रहे, यही अंतिम कामना है। 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝

हिंदी इमोजी सारांश
🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝 🌧� ⏳ 💧 🥺 🤝

हिंदी पाद-टिप्पणी (Foot-note)
यह कविता इस बात का प्रतीक है कि अटूट मित्रता और विश्वास बड़े से बड़े संकट को टाल सकते हैं, जहां एक सच्चा मित्र प्रकृति को भी अपने आत्मीय भाव से मना लेता है।

===========================================
--संकलन --अतुल परब--DATE-02.09.2026-WEDNESDAY.
===========================================