पर आज मोदक आखिर गया है कहाँ? 🕵️‍♂️🥟💨🥀❓🕵️‍♂️ 🥟 💨 🥀 ❓ 👃 🥥 🍯 📉 📭 👀 🍽

Started by Atul Kaviraje, September 03, 2026, 11:05:23 AM

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Atul Kaviraje

पर आज मोदक आखिर गया है कहाँ? 🕵��♂️🥟💨🥀❓

पर आज मोदक आखिर गया है कहाँ छिपकर,
नारियल और गुड़ की खुशबू भी गई बिखर।
ढूंढ रहा हूँ हर कोने में मैं थक-हार कर,
न जाने कहाँ खो गया वह चुपके से उतरकर।
अर्थ: आज मोदक कहाँ गायब हो गया है, उसकी खुशबू भी अब कहीं महक नहीं रही है।
🕵��♂️🥟💨🥀❓

न अब उसकी महक हवा में कहीं तैरती है,
न ही कोई रसोई में उसकी बात छेड़ती है।
आज वह आखिर किस कोने में जा बसा है यार,
कि खाली-खाली सा लगता है यह पूरा संसार।
अर्थ: उसकी महक और चर्चा कहीं सुनाई नहीं दे रही, जिससे संसार खाली सा लग रहा है।
👃🥥🍯📉📭

दिखाई नहीं देता वह आज ज़रा भी यहाँ,
लगता है रूठकर बैठ गया है वह कहीं वहाँ।
सुबह से टकटकी लगाए मैं ताक रहा हूँ राह,
कब लौटेगा वह पाकर अपनी असली थाह।
अर्थ: सुबह से राह देखने के बाद भी मोदक कहीं नजर नहीं आ रहा है।
👀🍽�⏳🏃�♂️😢

मम्मी समझाती है बेटा सब्र का फल है मीठा,
जल्द ही लौटेगा वह भरकर अपना यह फीटा।
पर दिल है कि मानता नहीं उसकी जुदाई देखकर,
मोदक के बिना सुना लगता है यह घर आकर।
अर्थ: मम्मी समझाती है कि वह जल्द लौटेगा, पर उसके बिना सूनापन खल रहा है।
👩�👦💭🍲हर्ष📉

इतिहास के पन्ने हमें ज्ञान यह सिखलाते हैं,
चीजों के जाने पर ही उनके मोल समझ आते हैं।
अखंड भारत का हो सदा ही पावन जयजयकार,
हमारी परंपराओं का प्यार रहे सदा
अर्थ: किसी भी चीज के दूर होने पर ही उसका असली महत्व समझ में आता है।
🧠📖🙏🌿🌟

अखंड भारत का हो सदा ही पावन जयजयकार,
मोदकों की यह महक लौटे फिर से इस संसार।
जल्द ही वह आएगा अपनी पूरी शान के साथ,
बाप्पा के चरणों में जुड़ेगा फिर से हमारा हाथ।
अर्थ: अखंड भारत का जयजयकार हो और मोदक अपनी शान के साथ जल्द ही वापस लौटें।
🌐📢🚩😊✨

हिंदी कविता टिपटिप: मोदक के अचानक गायब होने पर रची गई यह खोजबीन वाली कविता पाठकों के चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान ले आती है। 🥟🕵��♂️🔍

🕵��♂️ 🥟 💨 🥀 ❓ 👃 🥥 🍯 📉 📭 👀 🍽� ⏳ 🏃�♂️ 😢 👩�👦 💭 🍲 हर्ष 📉 🧠 📖 🙏 🌿 🌟 🌐 📢 🚩 😊 ✨

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--संकलन --अतुल परब--दिनांक-०३.०९.2026-गुरुवार.
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