पारंपरिक मोदकों को सहेजने का संकल्प और गृहिणीओं का समर्पण 🏡🥟🏡 🥟 🤝 ✨ 🙏 🛍️

Started by Atul Kaviraje, September 03, 2026, 11:08:52 AM

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Atul Kaviraje

हमारी यह मराठी-मोला डिश आज घर पर बनती भी नहीं है, आज की हाउसवाइफ अपने पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बाहर गई है, वह आज काम कर रही है, इसलिए वह आज घर पर ज़्यादा समय नहीं दे सकती, इसलिए हमारी पारंपरिक डिश का नाम और शोहरत मिटने के निशान साफ़ दिख रहे हैं,

कुछ भी हो, हमें इस डिश को किसी भी तरह से बचाकर रखना चाहिए, अगर हम इसे घर पर बनाने के लिए समय निकालेंगे, तो इसमें कोई शक नहीं कि इसकी मिठास खरीदे हुए मोदक से ज़्यादा होगी।

हाउसवाइव्स, आइए इस पवित्र दिन से यह प्रण लें, कि हर संकष्टी चतुर्थी को हम मोदक बनाने के लिए समय निकालेंगे और अपने बच्चों और परिवार को खिलाएंगे, और इसके वजूद को हमेशा बनाए रखेंगे,
!! गणपति बप्पा मोरिया !!
!! मंगल मूर्ति मोरिया !!

पारंपरिक मोदकों को सहेजने का संकल्प और गृहिणीओं का समर्पण 🏡🥟संकल्प 🤝✨🙏

आज हम सब मिलकर यह पक्का संकल्प कर लें आज,
मोदकों का अस्तित्व न मिटने देंगे अपने इस समाज।
काम-धंधे की दौड़ में भले ही वक्त थोड़ा कम मिले,
संकष्टी के हर पावन दिन घर का चूरा मोदक से खिले।
अर्थ: व्यस्तता के बावजूद हर संकष्टी पर घर में मोदक बनाने का हम संकल्प लेते हैं।
🏡🥟संकल्प 🤝✨🙏

बाजार के उन डिब्बों में वह अपनापन नहीं होता,
माँ के उस पावन हाथों का जादू कहीं नहीं खोता।
इसलिए आज यह तय कर लें हम सब मिलकर यार,
घर पर ही बनाएंगे मोदक इस बार और हर बार।
अर्थ: बाजार के मोदकों में वो अपनापन नहीं होता, इसलिए घर पर ही मोदक बनाएंगे।
🛍�❌👩�🍳💖🌟

बच्चों और परिवार को खिलाएंगे वे प्रेम के मोदक प्यारे,
जिनके आगे फीके पड़ जाएंगे दुनिया के सारे नजारे।
संस्कृति के इस धागे को हम टूटने नहीं देंगे कभी,
पुरखों की इस विरासत को संजोएंगे हम सभी।
अर्थ: परिवार को घर के बने मोदक खिलाकर हम अपनी संस्कृति की विरासत को संजोएंगे।
👶🍽�🌿🏆🎉

वक्त निकालकर इस परंपरा को हमें आगे बढ़ाना है,
बाप्पा के इस भोग को कभी न भूल जाने देना है।
गृहिणीओं के इस श्रम और त्याग को मिलेगा मान,
जब घर-घर में गूंजेगा मोदक का यह पावन गान।
अर्थ: वक्त निकालकर मोदक बनाने से गृहिणीओं के श्रम को और इस परंपरा को मान मिलेगा।
⏰👩�💼🍳🌸😋

!! गणपति बाप्पा मोरया !! का गूंजेगा हर द्वार,
मोदकों की खुशबू से महकेगा अपना यह संसार।
यह संकल्प और यह नियम सदा हमारे मन में रहे,
अखंड भारत की गाथा हर बच्चा बच्चा कहे।
अर्थ: गणपति बाप्पा मोरया के जयकारे के साथ हमारा यह संकल्प हमेशा बना रहे।
🐘🙏🚩📢🌿

इतिहास के पन्ने हमें ज्ञान यह सिखलाते हैं,
संस्कृति को सहेजने से ही हम आगे बढ़ जाते हैं।
अखंड भारत का हो सदा ही पावन जयजयकार,
हमारी परंपराओं से महके यह पूरा संसार।
अर्थ: संस्कृति को सहेजने से ही हम जीवन में आगे बढ़ते हैं और समाज मजबूत होता है।
🧠📖🙏🌐✨

अखंड भारत का हो सदा ही पावन जयजयकार,
मोदकों के इस संकल्प से सजे यह पूरा संसार।
यह मिठास हमारे दिलों में सदा ऐसे ही बहती रहे,
खुशियों की यह सरगम घर-घर में कहती रहे।
अर्थ: अखंड भारत का जयजयकार हो और मोदक के इस संकल्प से घर-घर में खुशियां आएं।
🌟💖😊🎉🌿

हिंदी कविता टिपटिप: घरगुती मोदक बनाने का यह संकल्प हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का सबसे सुंदर प्रयास है। 🥟🏡✨

🏡 🥟 🤝 ✨ 🙏 🛍� ❌ 👩�🍳 💖 🌟 👶 🍽� 🌿 🏆 🎉 ⏰ 👩�💼 🍳 🌸 😋 🐘 🙏 🚩 📢 🌿 🧠 📖 🙏 🌐 ✨ 🌟 💖 😊 🎉 🌿

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--संकलन --अतुल परब--दिनांक-02.09.2026-बुधवार.
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