माँ और बेटी का प्यार - दोपहर के खेल और आंचल की छांव 👧👩‍👧💕✨🌸👩‍👧 💕 ✨ 🌸 🏡

Started by Atul Kaviraje, September 03, 2026, 02:03:00 PM

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Atul Kaviraje

माँ और बेटी का प्यार - दोपहर के खेल और आंचल की छांव 👧👩�👧💕✨🌸

खेलें दोनों इस दुपहरी, कौड़ियाँ, साँप-सीढ़ी और लगोरी,
इस खेल-खिलौने से सज जाए अपनी यह प्यारी थोरी।
तू मेरी माँ बनकर खेल यह खेल तू सच्ची-सच्ची,
तेरे बिना यह दुनिया मेरी लगती है बिल्कुल कच्ची।
अर्थ: दोपहर के वक्त कौड़ियों और साँप-सीढ़ी जैसे खेलों के साथ माँ से खेलने की जिद करती नन्ही बच्ची।
👧👩�👧💕✨🌸

घर-घर के इस खेल में तू बन जा मेरी प्यारी मइया,
तेरे हाथों से खाने में मिले मुझे प्यार की खवैया।
माँ बनकर तू मुझे अपनी गोद में सुला लेना,
मेरे सारे रोने को अपने आँचल में छुपा लेना।
अर्थ: माँ बनकर वह उसे अपनी गोद में ले और उसका सारा लाड़ उठाए, यही उसकी इच्छा है।
🏡🥣🎲🐍✨

गोद में मुझको ले ले तू, भूलकर संसार सारा,
तेरे सीने से लगते ही चमकता मेरा ध्रुवतारा।
थक गई हूँ खेल-खेल कर, आँखें मेरीझपकी जातीं,
तेरी उस छांव में आकर मुझे है असली शांति आती।
अर्थ: माँ की गोद में सिर रखकर सोने पर जो सुकून मिलता है, वह अनमोल होता है।
😴🛌🌙💖🤗

बच्चों की इस दुनिया में माँ का आँचल ही भगवान,
उसके होने से ही मिलता है जीवन को सच्चा मान।
माँ की उस गोद में सिर रखकर सब दुख दूर हो जाते,
बच्चे अपनी हर जिद को वहीं पर भूल जाते हैं।
अर्थ: बच्चों के लिए माँ की गोद ही सबसे सुरक्षित और सुंदर जगह होती है।
🌷👩�👧�👦❤️🌟🙏

चलो हम भी इन मीठी यादों को दिल में बसा लें,
माँ और बच्चे के इस प्यार को गले से लगा लें।
अखंड भारत का हो सदा ही पावन जयजयकार,
मातृत्व के इस प्यार से महके यह पूरा संसार।
अर्थ: मातृत्व के इस पवित्र प्रेम को संजोते हुए अखंड भारत का जयजयकार करें।
🧠📖🙏🌿🌐

अखंड भारत का हो सदा ही पावन जयजयकार,
माँ के उस आँचल का प्यार रहे सदा
यह ममता का सागर हमारे दिलों में बहता रहे,
खुशियों की यह बहार हर पल हमसे कहती रहे।
अर्थ: अखंड भारत का जयजयकार हो और माँ की ममता का यह सागर हमेशा बहता रहे।
📢🚩😊🌿🎉

हिंदी बालगीत टिपटिप: माँ और बच्चे के बीच के इस निश्छल प्रेम और खेलों का वर्णन मन को बहुत अधिक आनंदित कर देता है। 👩�👧💖✨

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--संकलन --अतुल परब--दिनांक-02.09.2026-बुधवार.
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