सोम प्रदोष व्रत - शिव की अनुपम कृपा🌸✨🔱🚩🕉️🐍🌙🕯️🥛💧🍯🙌🌿💐🙏💎🍲🕯️🌅🎶🌍❤

Started by Atul Kaviraje, September 11, 2026, 06:24:56 PM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

30.03.2026=MONDAY-
SOM PRADOSH VRAT-SHUKL-

३० मार्च २०२६, सोमवार रोजी चैत्र शुक्ल पक्षातील 'सोम प्रदोष व्रत' येत आहे. जेव्हा प्रदोष व्रत सोमवारी येते, तेव्हा त्याला 'सोम प्रदोष' म्हणतात, जे शिवभक्तीसाठी अत्यंत दुर्मिळ आणि शुभ मानले जाते. या पवित्र तिथीनिमित्त खास काव्यरचना आणि तपशील खालीलप्रमाणे आहेत:

हिंदी अनुवाद: सोम प्रदोष व्रत - शिव की अनुपम कृपा

१. प्रथम पद
चैत्र शुक्ल की त्रयोदशी, सोमवार को आई है,
प्रदोष काल में शिव चरणों में, श्रद्धा शीश झुकाई है।
'सोम प्रदोष' का योग अनूठा, भाग्य का यह उदय हुआ,
महादेव की भक्ति से ही, पावन सबका हृदय हुआ।
🌸 ✨ 🔱 🚩

२. द्वितीय पद
सायंकाल में कैलाश पर, नृत्य करें त्रिपुरारी,
देव-दानव और गंधर्व, झुकें चरणों पर बारी-बारी।
चंद्रमौलि गले में सर्प, भाल पे चंद्र विराजे,
अद्भुत रूप शिव का देखो, भक्त के मन में साजे।
🕉� 🐍 🌙 🕯�

३. तृतीय पद
श्रद्धा का यह उपवास है, नियम से इसे निभाना,
शिव के पावन नाम से ही, जीवन सत्य को पाना।
दूध-शक्कर और जल का, अभिषेक शिवलिंग पे करें,
भक्ति के इस रंग में, हम अपना तन-मन भरें।
🥛 💧 🍯 🙌

४. चतुर्थ पद
बेल-पत्र अर्पित चरणों में, मन से करें हम वंदन,
संकट सारे दूर भागते, पाकर शिव के दर्शन।
आरोग्य और शांति मिले, व्रत के पावन पुण्य से,
दुःख और दारिद्रय मिटे, प्रभु आपके ही सुमिरन से।
🌿 💐 🙏 💎

५. पंचम पद
सोमवार का यह सुयोग, चंद्रमा का भी मान बढ़ा,
मन पे काबू मिल जाता, भक्ति का है रंग चढ़ा।
पार्वती संग शंकर आएं, भक्तों के द्वार पर आज,
कल्याण हो संसार का, सँवरें सबके बिगड़े काज।
🍲 🕯� 🌅 🎶

६. षष्ठम पद
प्रदोष काल में दीप जलाकर, करें नाम का गान,
अखंड रहे हम पर सदा, शंकर आपका ही ध्यान।
पापों का क्षय हो जाता, मिलता मोक्ष का द्वार,
शिव के ही सानिध्य में, सुख पाता है संसार।
🌍 ❤️ 🙇�♂️ 🏠

७. सप्तम पद
युगों-युगों तक यह दीपमाला, जलती रहे सदा अखंड,
सोम प्रदोष की भक्ति का, डंका बजता रहे प्रचंड।
आपके चरणों में बारम्बार, नमन हमारा स्वीकार हो,
महादेव के नाम से, जीवन का उद्धार हो।
🕯� 🌱 🏆 ♾️

Summary Sections
Emoji Summary:
🌸✨🔱🚩🕉�🐍🌙🕯�🥛💧🍯🙌🌿💐🙏💎🍲🕯�🌅🎶🌍❤️🙇�♂️🏠🕯�🌱🏆♾️

Word Summary:
सोम प्रदोष, महादेेव, पार्वती, चैत्र शुक्ल, उपवास, शिवलिंग, बेलपत्र, अभिषेक, शांती, सोमवार, प्रदोष काळ, आशीर्वाद, मोक्ष.

पीपीटी (PPT) आराखडा (10 Points)
१. स्लाईड १: मुख्य शीर्षक - सोम प्रदोष व्रत: शिव भक्तीचा सुयोग (२०२६).
२. स्लाईड २: तिथी व वेळ - ३० मार्च २०२६, सायंकाळच्या पूजेचे महत्त्व.
३. स्लाईड ३: सोम प्रदोष म्हणजे काय? - वार आणि तिथीचा दुर्मिळ संगम.
४. स्लाईड ४: प्रदोष काळाची व्याख्या - सूर्यास्ताच्या वेळेचे महत्त्व.
५. स्लाईड ५: शिव-पार्वती पूजन - नंदीवर विराजमान शिवरूपाचे ध्यान.
६. स्लाईड ६: पूजा साहित्य - बेलपत्र, दूध, जल, पांढरी फुले आणि भस्म.
७. स्लाईड ७: व्रताची कथा - सोम प्रदोषाचा पौराणिक संदर्भ.
८. स्लाईड ८: आरोग्याचे लाभ - उपवास आणि चंद्राच्या ऊर्जेचा परिणाम.
९. स्लाईड ९: मंत्र जागर - 'ॐ नमः शिवाय' मंत्राचे सामर्थ्य.
१०. स्लाईड १०: निष्कर्ष - शिवकृपेने होणारी सर्व कष्टांची मुक्ती.

🌸 ॐ नमः शिवाय! 🌸

--अतुल परब
--दिनांक-30.03.2026=MONDAY-
===========================================