श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’ - तिरंगे के अमर गान के रचयिता🇮🇳 ✍️ 📝 🎵 🏳️ 🕊️ ❤️ 🙏

Started by Atul Kaviraje, September 18, 2026, 10:25:41 AM

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Atul Kaviraje

16.09.2026-WEDNESDAY-
🇮🇳 श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' का जन्म — 16/09/1896, बुधवार
देशभक्ति गीत 'विजयी विश्व तिरंगा प्यारा' से जुड़े प्रसिद्ध कवि श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' का जन्मदिन।
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हिंदी कविता: श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' जयंती - 'विजयी विश्व तिरंगा प्यारा' के रचयिता
हिंदी प्रास्ताविक (जयंती Adhi)
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१६ सितंबर १८९६ को जन्मे 'श्यामलाल गुप्त "पार्षद"' भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक महान देशभक्त कवि थे। उनके द्वारा रचित 'विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊँचा हमारा रहे' यह अमर गीत भारत का राष्ट्रध्वज गान बन गया। अपनी ओजस्वी और देशभक्तिपूर्ण रचनाओं से उन्होंने देशवासियों में स्वतंत्रता की अलख जगाई थी। इस महान रचनाकार के जन्मदिवस पर उन्हें शत-शत नमन!

दीर्घ हिंदी कविता: श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' - तिरंगे के अमर गान के रचयिता

कडवे १: अठारह सौ छियानवे के सितंबर में देशभक्त का आगमन
अठारह सौ छियानवे के उस सितंबर में, एक अमर कवि जन्मा था,
उत्तर प्रदेश की उस पावन माटी पर, जिसका माथा चन्दन सा महकता था।
श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' नाम का वह, भारत माँ का लाल था,
जिसकी उस ओजस्वी वाणी में, क्रांति का बड़ा कमाल था।
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कडवे २: 'विजयी विश्व तिरंगा प्यारा' गीत की अमर रचना
तिरंगे के उस गौरव के वास्ते, उसने अपनी कलम चलाई थी,
'विजयी विश्व तिरंगा प्यारा' की रचना उसने कर दिखाई थी।
हर एक भारतवासी के जुबान पर, यह राष्ट्रगीत सज गया था,
आज़ादी की उस लड़ाई में, हर दिल इससे मचल गया था।
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कडवे ३: देशसेवा के लिए समर्पित जीवन और जेल यात्राएँ
केवल कवि ही नहीं वह, आज़ादी का एक सिपाही था,
ब्रिटिश हुकूमत के जुल्मों के आगे, कभी न सिर झुकाया था।
कई बार जेल की यातनाएँ सही, पर देशभक्ति कम न हुई,
देश के वास्ते उसने अपनी, हर एक साँस समर्पित की।
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कडवे ४: राष्ट्रध्वज को सर्वोच्च सम्मान दिलाने वाली रचना
उनकी उस एक रचना ने, देश में नया जोश भर दिया था,
अंग्रेजों के सीने पर, उसने अपना खौफ जड़ दिया था।
जब-जब तिरंगा लहराता है, 'पार्षद' जी की याद आती है,
भारत के उस स्वाभिमान की, महिमा हर दिल गाती है।
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कडवे ५: १६ सितंबर १८९६ का यह पावन जन्मदिवस और स्मरण
आज सोलह सितंबर के इस दिन पर, हम उनका जन्मदिन मनाते हैं,
श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' के उन उपकारों को, दिल से याद करते हैं।
शरीर भले ही आज हमारे बीच नहीं, पर उनका गीत अमर है,
भारत के उस इतिहास में, उनका नाम सदा प्रखर है।
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कडवे ६: तिरंगे की शान और कवी की अमर विरासत
हमारा यह प्यारा तिरंगा, हमेशा गगन में ऊँचा फहरे,
उसके पीछे 'पार्षद' जी के, शब्दों का पहरा हमेशा ठहरे।
देश से प्रेम करना क्या है, यह उनकी कविता सिखाती है,
भारत की इस माटी की शान, हमेशा बढ़ती जाती है।
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कडवे ७: महान कवि को चरणों में भावभीनी श्रद्धांजलि
हे देशभक्त कवि श्यामलाल गुप्त, तुम्हें हमारा बारंबार नमन हो,
तुम्हारा यह अमर गीत 'तिरंगा', इस वसुधा पर सदा गूँजता हो।
जन्मदिवस के इस पावन अवसर पर, हम तुम्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं,
आपका यह योगदान, हमारे दिल में हमेशा जीवित रहता है।
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हिंदी कविता सारांश (Emoji & Word Summary)
इमोजी सारांश (Emoji Summary):
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शब्द सारांश (Word Summary):
श्यामलाल गुप्त 'पार्षद', विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, राष्ट्रध्वज गीत, स्वतंत्रता संग्राम, देशभक्ति, कवि, जयंती, इतिहास, बलिदान, तिरंगा.

पाद-टिप्पणी (Foot-Note)
टीप: श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' द्वारा रचित 'विजयी विश्व तिरंगा प्यारा' यह गीत भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का आधिकारिक गान बन चुका है, जो देशप्रेम की अनमोल धरोहर है।

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--संकलन --अतुल परब--दिनांक-16.09.2026-बुधवार.
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