मुर्ख नहीं तुम ज्ञानी हो ..............

Started by SHASHIKANT SHANDILE, October 13, 2026, 05:30:35 PM

Previous topic - Next topic

SHASHIKANT SHANDILE

देख तमाशा दिल्ली का
अनदेखा मत कर देना तुम
भांड लगे वो शायद तुमको
हल्के में ना लेना तुम

कुरुक्षेत्र है कलयुग का
षड़यंत्र बड़ा ये गहरा है
आहट है ये खतरे की
हर ओर लगा अब पहरा है   

देश विरोधी सारी शक्ति
तुमको बांटने आएगी
टुकड़े टुकड़े गैंग के आड़े
मीठा जहर पिलाएगी

चिंतन करके आगे बढ़ना
मुर्ख नहीं तुम ज्ञानी हो
पावनभूमि के वंशज तुम
शूरवीर और ध्यानी हो
************
शशिकांत शांडिले (एकांत), नागपुर
मो.९९७५९९५४५०
Its Just My Word's

शब्द माझे!